अजीत अगरकर: लॉर्ड्स में शतक, सबसे तेज़ अर्धशतक और अब चयन समिति की ज़िम्मेदारी

संजय किशोर

वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

अजित आगरकर

इमेज स्रोत, Getty Images

बात बीस साल पहले की है. भारतीय क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप खेलने के बाद जोहानिसबर्ग से वापस देश लौट रही थी. एयर इंडिया के उस स्पेशल जंबो जेट में मैं भी था. वर्ल्ड कप कवर करने के बाद टीम के साथ ही वापसी थी.

जहां तक मुझे याद है विमान में एक बच्चा बहुत ज़ोर-ज़ोर से रो रहा था. पिता अजीत अगरकर कंधे पर लेकर उसे चुप कराने के लिए टहल रहे थे. अजीत की फ़ातिमा गदियाली से शादी क़रीब सवा साल पहले ही हुई थी, जो उनके दोस्त की बहन थी. बच्चा एक साल से छोटा ही था. मगर अजीत बहुत ही धैर्य से बच्चे को सुलाने की कोशिश में लगे हुए थे.

तब अजीत अगरकर की ज़िंदगी में बहुत कुछ चल रहा होगा. दूसरे धर्म में शादी, बच्चा और करियर के बीच संतुलन बनाने की जद्दोजहद के बीच उस समय उनके मन में एक मलाल भी रहा होगा मगर शिकन चेहरे पर नहीं आ रही थी. अगरकर के उस कश्मकश की चर्चा आगे करेंगे.

45 साल के अजीत अगरकर को उसी धीरज और अविवादित रहने का पुरस्कार मिला है. चेतन शर्मा के इस्तीफ़े के बाद से (पिछले पांच महीनों से) मुख्य चयनकर्ता का पद खाली था.

चेतन का कार्यकाल विवादों से भरा रहा. एक स्टिंग ऑपरेशन में चेतन ने दावा किया था कि खिलाड़ी कई बार अपनी चोट छुपाते हैं. उन्हें डर होता है कि एक बार टीम से बाहर हुए तो दूसरे खिलाड़ी उनकी जगह पर क़ब्ज़ा कर लेंगे. लिहाज़ा फ़िटनेस दिखाने के लिए कई भारतीय क्रिकेटर्स इंजेक्शन तक लेते हैं.

चेतन शर्मा के कार्यकाल में ही विराट कोहली को कप्तानी छोड़नी पड़ी थी. हालाँकि टेस्ट की बेहतरीन टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी भी मानते हैं कि विराट कोहली क्रिकेट के सबसे लंबे स्वरूप में भारत के सबसे अच्छे कप्तान हैं.

इयन चैपल का कहना है कि पारंपरिक क्रिकेट को लोकप्रिय बनाए रखने में कोहली की भूमिका अहम रही है. उनके अनुसार ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ भारत के दमदार प्रदर्शन से प्रतिद्वंद्विता सम्मान में बदल गयी. विराट कोहली वास्तव में अपने समय में टीम को नए स्तर पर ले गए.

कोहली को लेकर विवाद

अजित आगरकर

इमेज स्रोत, Getty Images

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान इयन मॉर्गन ने भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट ने कप्तान कोहली को खो दिया.

विराट कोहली ने जितना संभव हो सका, टेस्ट क्रिकेट को आकर्षक बनाने की कोशिश की.

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच जस्टिन लैंगर ने भी सार्वजनिक तौर पर कहा कि बीसीसीआई ने अपने सर्वश्रेष्ठ कप्तान विराट कोहली के साथ अन्याय किया.

दुनिया कोहली से चमत्कृत होती रही और इस बीच चेतन शर्मा की चयन समिति ने कोहली को बहुत ही विवादास्पद तरीक़े से कप्तानी छोड़ने पर विवश कर दिया.

क्रिकेट के गलियारों में यह चर्चा भी होती रही कि तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली चयन समिति की बैठकों में शामिल होते रहे जबकि यह नियमों के ख़िलाफ़ था.

चेतन शर्मा के बाद बीसीसीआई को एक ऐसे शख़्स की तलाश थी जो सुर्ख़ियों से परे, पर्दे के पीछे रह कर काम करे.

पिछले कई हफ़्तों से अजीत अगरकर का नाम मुख्य चयनकर्ता पद के दावेदारों में शामिल था.

बीते सोमवार को वो अशोक मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली क्रिकेट सलाहकार समिति के साथ वर्चुअल इंटरव्यू में शामिल हुए थे.

इस समिति में सुल़क्षणा नाइक और जतिन परांजपे भी थे.

अगरकर आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के कोच की भूमिका निभा रहे थे. वो मुख्य कोच रिकी पॉन्टिंग के साथ बतौर सहायक गेंदबाजी कोच काम कर रहे थे.

अगरकर की टीम में कौन-कौन होंगे

सलिल अंकोला, अनिल कुंबेल, अजित अगरकर और राहुल द्रविड़

इमेज स्रोत, Getty Images

अब अगरकर के अलावा शिव सुंदर दास, सलिल अंकोला, सुब्रतो बनर्जी और एस शरथ चयन समिति में शामिल हैं.

26 टेस्ट और 191 वनडे खेल चुके अगरकर चयन समिति के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं और बीसीसीआई के नियमों के अनुसार जो भी सबसे सीनियर होता है वह अध्यक्ष बनता है.

अजीत एंड कंपनी की पहली ज़िम्मेदारी वेस्टइंडीज के ख़िलाफ़ तीन अगस्त से शुरू होने वाले पांच टी20 मैचों के लिए टीम का चयन करना है.

अगरकर के ज़िम्मे वर्ल्ड कप 2023 की टीम चुनने की भी अहम ज़िम्मेदारी होगी.

अजीत अगरकर के लिए 2003 वर्ल्ड कप से 2023 तक समय का एक चक्र पूरा हो रहा है.

इसको समझने के लिए एक बार फिर लौटते हैं 20 साल पहले की कहानी पर. ज़मीन से हज़ारों फ़िट ऊपर उस विमान में अपने बच्चे को सुला रहे अजीत अगरकर के मन में क्या मलाल रहा होगा? कैसी कसक, कैसी कश्मकश चल रही होगी.

सौरव गांगुली की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम 2003 वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में पहुँची थी.

मगर फ़ाइनल में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया से बुरी तरह हार गई.

वैसे फ़ाइनल तक पहुँचना भी कम बड़ी उपलब्धि नहीं थी. सचिन तेंदुलकर ने टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा 673 रन बनाए थे जबकि कप्तान सौरव गांगुली ने 456. गेंदबाज़ों में ज़हीर खान ने 18, जवागल श्रीनाथ ने 16 और आशीष नेहरा ने 15 विकेट लिए थे.

वर्ल्ड कप 2003 में नहीं मिला था खेलने का मौका

भारतीय क्रिकेट टीम

इमेज स्रोत, Getty Images

उस टीम में अजीत अगरकर और संजय बाँगर दो ऐसे खिलाड़ी भी थे जिन्हें एक भी एक भी मैच खेलने का मौक़ा नहीं मिला था. सोचिए, टीम फ़ाइनल तक पहुँची और अगरकर को एक मैच में भी मौक़ा नहीं मिल पाया. मैं इसी मलाल की बात कर रहा था. उसके बाद से अगरकर टीम से अंदर-बाहर होते रहे लेकिन कभी भी शिकवा या शिकायत नहीं की.

कम ही लोग जानते हैं कि अगरकर ने करियर की शुरुआत बल्लेबाज़ के रुप में की थी. अगरकर के कोच भी रमाकान्त आचरेकर रहे हैं. जब अगरकर को मालूम हुआ की मुंबई टीम को ऑलराउंडर की तलाश है तो गेंदबाज़ी शुरु की. इंटर स्कूल गाइल्स शील्ड टूर्नामेंट में तिहरा शतक लगाने के बाद उन्हें अगला तेंदुलकर कहा जाने लगा.

अजीत अगरकर 2003 वर्ल्ड कप के 5 साल पहले 1998 में 20 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत कर चुके थे. तब जवागल श्रीनाथ और वेंकटेश प्रसाद की टीम में तीसरे सीमर की तलाश थी. अगरकर सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाज़ी कर रहे थे. मगर वे टीम के नियमित सदस्य कभी भी नहीं बन पाए.

अगरकर ने अपने वनडे करियर की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की थी. उन्‍होंने सिर्फ़ 23 मैचों में 50 विकेट ले लिए थे. बाद में श्रीलंका के अजंथा मेंडिस ने 19 मैचों में उनका रिकॉर्ड तोड़ा. भारत के लिए अभी भी सबसे कम मैचों में 50 विकेट का रिकॉर्ड उन्हीं के नाम है. 1999-2000 की भारत-ऑस्ट्रेलिया सिरीज़ के दौरान लगातार वो पांच बार शून्य पर आउट हो गए.

किसी भी खिलाड़ी के करियर की शुरुआती दौर में ये अच्छा संकेत नहीं माना जा सकता था. मगर फिर साल 2000 में राजकोट में ज़िंबाब्वे के ख़िलाफ़ वनडे में 25 गेंद पर 67 रनों की यादगार पारी खेली. 21 गेंद पर सबसे तेज़ अर्धशतक का भारतीय रिकॉर्ड आज भी उनके नाम पर क़ायम है. अजीत अगरकर को वनडे में ज़्यादा सफलता मिली. वनडे का सबसे यादगार लम्हा 2004 में मेलबर्न में आया.

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वनडे में अजीत ने 42 रन देकर छह विकेट लिए थे हालांकि टीम हार गई थी.

191 वनडे में 288 विकेट उनकी क़ाबिलियत को बयान करते हैं. वनडे में अनिल कुंबले और जवागल श्रीनाथ के बाद भारत की ओर से वे तीसरे सर्वाधिक विकेट लेने वाले बॉलर हैं.

वनडे क्रिकेट में भारत की तरफ से सबसे कम मैचों में 1000 रन और 200 विकेट लेने का रिकॉर्ड अब भी उनके नाम पर ही है. उन्होंने 133 मैचों में ये कारनामा किया था.

लॉर्ड्स में जमाया शतक

अजित आगरकर

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, 29 जुलाई 2002 को अजित आगरकर ने लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड के ख़िलाफ़ शतक लगाया था. ये टेस्ट करियर में उनका एकमात्र शतक था

2002 में क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स में 109 रन उनके टेस्ट करियर का सर्वोच्च स्कोर रहा. गेंदबाज़ी में उनका यादगार प्रदर्शन आया 2003 में. तब एडिलेड टेस्ट में ऐतिहासिक जीत में उनकी भूमिका अहम रही थी. अजीत ने 41 रन देकर 6 विकेट लिए थे. भारत ने ऑस्ट्रेलिया में 22 साल बाद टेस्ट जीता था. अगरकर ने 26 टेस्ट में 58 विकेट लिए.भारत ने 2006 में पहला टी-20 मैच खेला तो अगरकर भी टीम में शामिल थे. अगरकर पहली गेंद पर पहला विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज़ बने. वो 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम में भी शामिल थे. उन्हें दो मैच ही खेलने का मौका मिला था.

मगर 30 साल की उम्र के पहले ही उनके करियर पर विराम लग गया था. ज़हीर खान, आशीष नेहरा और इरफ़ान पठान के सामने अगरकर टिक नहीं पाए. 2007 में आख़िरी बार भारत की तरफ़ से खेले.

2007 वर्ल्ड कप में भारत का प्रदर्शन बेहद ख़राब रहा था. 2014 में उन्होंने संन्यास का एलान कर दिया.रिटायरमेंट के बाद अगरकर क्रिकेट एक्सपर्ट की भूमिका में नज़र आए. मुंबई सीनियर चयन समिति के सदस्य भी रहे.

ज़ाहिर है काम से काम रखने वाले अजीत अगरकर अनुभव के लिहाज़ से बड़ा नाम है. टीम इंडिया बदलाव के दौर से गुजर रही है. आने वाले समय में बड़े फ़ैसले लेने की ज़रूरत पड़ेगी.

अगरकर ने सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले के साथ सुनहरे दौर में क्रिकेट खेला है. वे अजय जडेजा, मोहम्मद अज़हरुद्दीन, सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, अनिल कुंबले और वीरेंद्र सहवाग की कप्तानी में खेले.

उम्मीद है कि उस समय के अनुभवों का इस्तेमाल वो टीम के चयन में करेंगे. अगरकर आधुनिक क्रिकेट और उसकी चुनौतियों से पूरी तरह वाकिफ़ हैं. क्रिकेट करियर, कोचिंग और चयनकर्ता होने के अनुभव का उन्हें फ़ायदा मिलेगा.

अजीत अगरकर को दिल्ली कैपिटल्स से अच्छी तनख़्वाह मिलती थी. बीसीसीआई को उनके लिए मुख्य चयनकर्ता पद की सैलरी बढ़ानी पड़ी है. अभी तक मुख्य चयनकर्ता को क़रीब एक करोड़ रुपए सालाना मिलते रहे हैं, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में चर्चा है कि अगरकर को सालाना तीन करोड़ रुपये मिलेंगे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)