कुश्ती महासंघ का चुनाव बृजभूषण के करीबी संजय सिंह ने जीता, साक्षी मलिक ने कहा पहलवानी को अलविदा

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बीजेपी सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं.
बृजभूषण शरण सिंह के दामाद विशाल सिंह ने बताया कि संजय सिंह के पूरे पैनल को जीत मिली है और बहुमत भी अच्छा है.
भारतीय कुश्ती महासंघ के नए अध्यक्ष के रूप में चुने जाने पर संजय सिंह ने कहा, "अब कैंप (कुश्ती के लिए) आयोजित किए जाएंगे...जिनको कुश्ती करनी है वो कुश्ती कर रहे हैं, जो राजनीति करना चाहते हैं वे राजनीति करें..."
संजय सिंह राजनीति शब्द का इस्तेमाल करते हुए जिस विवाद की ओर इशारा कर रहे थे, वो विवाद बृजभूषण शरण सिंह के ऊपर महिला खिलाड़ियों की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़ा हुआ है.
इस मामले में उनके ख़िलाफ़ दर्ज की गयी एफ़आईआर में भारतीय दंड संहिता की 354 , 354-ए, 354-डी और 506(1) जैसी धाराएं लगाई गयी हैं.

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सिंह की गिरफ़्तारी की मांग करते हुए साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया समेत तमाम खिलाड़ियों ने कई हफ़्तों तक दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था.
इसके बाद खिलाड़ियों की दिल्ली पुलिस के साथ हाथापाई भी हुई जिसके बाद उन्होंने अपने मेडल गंगा में प्रवाहित करने की चेतावनी तक दी थी.
इसके बाद दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में सिंह और उनके सहयोगी विनोद तोमर को सशर्त जमानत भी दी है.
कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा था कि अभियुक्त बिना किसी पूर्व सूचना के देश नहीं छोड़ेंगे और प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शिकायतकर्ताओं या गवाहों को धमकी या लालच नहीं देंगे.

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इस मामले में दिल्ली पुलिस पर जमानत का विरोध न करने के आरोप भी लगाए गए.
क्योंकि जमानत देते वक़्त अदालत ने सरकारी वकील अतुल श्रीवास्तव से पूछा था कि ''आपका रुख़ क्या है? क्या आप याचिका का विरोध करते हैं?''
जवाब में वकील अतुल श्रीवास्तव ने कहा था, ''हां, माननीय. कृपया क़ानून और सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के मुताबिक़ आदेश पारित करें.''
इसके बाद जज ने पूछा था, ''आप (दिल्ली पुलिस) विरोध कर रहे हैं या नहीं?''
इस पर सरकारी वकील ने कहा था, ''दोनों में से कोई नहीं. मेरा निवेदन है कि क़ानून के अनुसार आदेश पारित करें.''
इस मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने दिल्ली पुलिस की आलोचना की थी.
उन्होंने कहा था - "बृजभूषण सिंह के मामले में सर्वविदित है कि वो जांच को प्रभावित करने का सामर्थ्य रखते हैं और इसकी प्रबल संभावना है कि वो साक्ष्य के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए ये पुलिस की ज़िम्मेदारी थी कि इन परिस्थितियों के मद्देनज़र ज़मानत का पुरजोर तरीके से विरोध करते."
चुनाव हारने वाली पहलवान क्या बोलीं?

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सिंह के क़रीबी संजय सिंह से हारने वाली उम्मीदवार अनिता श्योराण हैं जो भी ख़ुद पहलवान रह चुकी हैं.
हरियाणा से आने वाली अनिता श्योराण राज्य पुलिस सेवा में कार्यरत हैं लेकिन उन्होंने अपना नामंकन ओडिशा इकाई के प्रतिनिधि के तौर पर भरा है.
बृजभूषण सिंह के ख़िलाफ़ लगे यौन उत्पीड़न के आरोप में अनिता श्योराण गवाह भी थीं.
चुनाव में हार के बाद श्योराण ने कहा, "इतनी बड़ी लड़ाई लड़ी, इतना मुश्किल लग रहा था, उम्मीदें तो सबकी थी, हम बच्चियों के लिए लड़ रहे थे."
उन्होंने बताया कि फ़ेडरेशन को बदलाव मंज़ूर नहीं था लेकिन वो अपनी लड़ाई जारी रखेंगी.
उन्होंने कहा, “अन्याय के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रहेगी. अन्याय के ख़िलाफ़ चुप तो नहीं बैठा जाएगा. पर अब सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है."

वहीं, उधर विशाल सिंह ने महासंघ के नए पदाधिकारियों की प्राथमिकताओं पर कहा, "जो पिछले कुछ दिनों में कुश्ती को नुकसान हुआ है, ये जरूर कहा जा रहा है कि कुश्ती का जो ट्रांजिशन रहा, वो सुचारू रहा.”
“हमारे खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर सकते थे लेकिन इन सारी चीजों की वजह से पिछले कुछ समय में अच्छा नहीं कर पाए. अगर खिलाड़ियों को मेरिट के आधार पर नहीं आंका जाए और पॉलिटिक्स के कारण किसी को फ़ायदा हो तो क्षमतावान खिलाड़ियों को नुकसान पहुंचता है."
साक्षी ने छोड़ी कुश्ती

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संजय सिंह की जीत के जैसे ही ख़बर आई पहलवानों ने दिल्ली के प्रसे क्लब पर एक प्रेसवार्ता रखी.
इसी प्रेसवार्ता में साक्षी ने कुश्ती छोड़ने का ऐलान कर दिया.
साक्षी मलिक ने कहा, "एक बात और कहना चाहूंगी कि अगर प्रेसीडेंट बृजभूषण जैसा आदमी ही रहता है, जो उसका सहयोगी है, उसका बिजनेस पार्टनर है. वो अगर इस फेडरेशन में रहेगा तो मैं अपनी कुश्ती को त्यागती हूं. मैं आज के बाद आपको कभी भी वहां नहीं दिखूंगी."

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इसके बाद उन्होंने कुश्ती के जूते टेबल पर रख दिए.
पहलवान साक्षी मलिक ने कहा, "लड़ाई लड़ी, पूरे दिल से लड़ी... हम 40 दिनों तक सड़कों पर सोए और देश के कई हिस्सों से बहुत सारे लोग हमारा समर्थन करने आए. सभी देशवासियों को धन्यवाद जिन्होंने आज तक मेरा इतना सपोर्ट किया."
क्या बोले बृजभूषण शरण सिंह?

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साक्षी मलिक के इस फ़ैसले पर बृजभूषण शरण सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा कि साक्षी मलिक के इस फ़ैसले से मुझे क्या लेना-देना?
बृज भूषण शरण सिंह ने कहा, "मैं इस जीत का श्रेय देश के पहलवानों और भारतीय कुश्ती संघ के सचिव को देना चाहता हूं. मुझे उम्मीद है कि नई फेडरेशन के गठन के बाद कुश्ती प्रतियोगिताएं फिर से शुरू होंगी."
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