30 साल से संभालकर रखे गए भ्रूण से हुआ एक बच्चे का जन्म, मेडिकल की दुनिया में नया चमत्कार

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इमेज कैप्शन, इससे पहले साल 2022 में बीस साल पुराने भ्रूण से जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ था (सांकेतिक तस्वीर)
    • Author, डेनाय नेस्टा कुपेम्बा
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

अमेरिका में एक दंपती के यहां 30 साल से ज्यादा समय से फ़्रीज़ किए हुए भ्रूण से एक बच्चे का जन्म हुआ है. माना जा रहा है कि यह अब तक का सबसे पुराना भ्रूण है जिससे बच्चे का सफलतापूर्वक जन्म हुआ है.

ओहायो की रहने वाली 35 साल की लिंडसे और उनके 34 साल के पति टिम पियर्स शनिवार को इस बच्चे थैडियस डैनियल पियर्स के मां-बाप बने.

लिंडसे ने नई तकनीक और इससे जुड़ी जानकारी को विस्तार से बताने वाले एमआईटी टेक्नोलॉजी रिव्यू से बातचीत में कहा कि उनके परिवार को लगा "जैसे कोई साइंस फिक्शन फिल्म चल रही हो."

इससे पिछला रिकॉर्ड 20 साल पुराने भ्रूण से बच्चे पैदा होने का था जब 1992 से फ़्रीज़ करके रखे हुए एक भ्रूण से साल 2022 में जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ.

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भ्रूण को सुरक्षित रखने में किए हज़ारों डॉलर ख़र्च

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इमेज कैप्शन, तीस साल पहले इन्हीं में से एक भ्रूण से एक बच्ची का जन्म भी हुआ था (सांकेतिक तस्वीर)

पियर्स दंपती पिछले सात साल से बच्चे की कोशिश कर रहे थे, फिर उन्होंने 62 साल की लिंडा आर्चर्ड के साल 1994 से फ़्रीज़ किए गए भ्रूण को गोद लेने का फ़ैसला किया.

इस भ्रूण के लिए आर्चर्ड और उनके पति ने आईवीएफ़ प्रक्रिया का सहारा लिया था. उस समय आर्चर्ड ने कुल चार भ्रूण तैयार किए थे. उनमें से एक से उनकी बेटी का जन्म हुआ, जो अब 30 साल की हो चुकी हैं. जबकि बाकी तीन भ्रूणों को सुरक्षित रखा गया था.

पति से अलग होने के बाद भी आर्चर्ड ने न तो भ्रूण नष्ट किए और न ही रिसर्च के लिए दिए. उन्होंने इसे किसी अनजान परिवार को भी नहीं दिया.

आर्चर्ड चाहती थीं कि बच्चे के साथ उनका संपर्क बना रहे, क्योंकि उससे उनकी बेटी का बायोलॉजिकल संबंध होगा.

इसीलिए उन्होंने भ्रूण को सुरक्षित रखने के लिए हर साल हजारों डॉलर खर्च किए.

आखिरकार उन्होंने एक ईसाई भ्रूण गोद लेने वाली एजेंसी, 'नाइटलाइट क्रिश्चियन अडॉप्शन्स' से संपर्क किया.

'बच्चे की चाहत थी, नए रिकॉर्ड की नहीं'

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यह एजेंसी स्नोफ्लेक्स नाम का एक कार्यक्रम चलाती है, जिसमें भ्रूण दान करने वाले को यह तय करने का अधिकार होता है कि भ्रूण किसे दिया जाए.

आर्चर्ड ने अमेरिका में रहने वाले, विवाहित, ईसाई कॉकेशियन दंपती को इसके लिए अपनी प्राथमिकता में रखा.

एमआईटी टेक्नोलॉजी रिव्यू से बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं चाहती थी कि भ्रूण देश के बाहर न जाए."

इसके बाद उनकी मुलाक़ात पियर्स दंपती से हुई. फिर अमेरिका के टेनेसी की रिजॉयस फर्टिलिटी क्लिनिक में यह प्रक्रिया पूरी हुई.

क्लिनिक का कहना है कि उन्हें जो भ्रूण मिलता है उसे वो किसी को भी सौंपने को तैयार रहते हैं, इस मामले में उम्र या हालात को लेकर कोई शर्त नहीं होती है.

लिंडसे पियर्स ने कहा, "हम किसी रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए ऐसा नहीं कर रहे थे, हमें बस एक बच्चा चाहिए था."

आर्चर्ड ने बताया कि वह अब तक बच्चे से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिली हैं, लेकिन उन्हें ऐसा लगता है कि उसमें उनकी बेटी की झलक होगी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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