ज्ञानवापी मस्जिद में कब तक चलेगा सर्वे, विदेशी एक्सपर्ट्स भी होंगे शामिल? - प्रेस रिव्यू

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वाराणसी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) को ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे पूरा करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है.
कोर्ट ने कहा है कि ‘साइंटिफिक जांच’ की रिपोर्ट 2 सितंबर तक जमा कर दी जाए.
‘इकोनॉमिक टाइम्स’ ने इस मामले की विस्तृत रिपोर्टिंग करते हुए लिखा है कि अदालत ने 21 जुलाई को एएसआई को कहा था कि सर्वे की प्रक्रिया 4 अगस्त तक पूरी कर ली जाए. हालांकि फैसले के ख़िलाफ़ अपील करने के बाद सर्वे रोक दिया गया था.
अखबार ने सर्वे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी रखने वालों के हवाले से लिखा है कि पहले दिन के सर्वे के आधार पर पुरातत्वविदों का मानना है कि इसमें एक महीने या इससे भी ज्यादा का वक्त लग सकता है. इसलिए एएसआई ने चार हफ्तों का समय मांगा है.
एएसआई का मानना है कि सर्वे का काम अंंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई रिसर्च का रास्ता खोल सकता है. इसके लिए ये अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की भी मदद ले सकता है. इस तरह की विशेषज्ञता की भारत में कमी है.
अख़बार ने लिखा है कि काशी-विश्वनाथ विवाद में हिंदू पक्ष के वकील भी एएसआई की टीम के साथ पहुंचे थे. उनका दावा है कि मस्जिद में सर्वे के दौरान मलबे में टूटी हुई मूर्तियां मिली हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सर्वे पर स्टे लगाने से इनकार कर दिया था. इस मामले में हिंदू पक्ष का कहना है कि ज्ञानवापी मस्जिद पहले से बने हिंदू मंदिर की बुनियाद पर बनाई गई है.

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दूसरे दिन एएसआई के 40 विशेषज्ञों की टीम ने मस्जिद का सर्वे किया. शनिवार को सर्वे के दौरान मस्जिद का इंतजाम देखने वाली अंजुमन इंतजामिया कमेटी के लोग एएसआई की टीम के साथ मौजूद थे. हालांकि शुक्रवार को कमेटी ने सर्वे का बहिष्कार किया था.
अख़बार के मुताबिक़ इंतजामिया कमेटी के वकील सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि एएसआई सर्वे के दौरान वज़ूखाने के आसपास के इलाके की पड़ताल कर रहा है.
यहां शिवलिंग पाए जाने का दावा किया जा रहा है. इसी तरह व्यास परिवार वाले बेसमेंट, पश्चिमी दीवार और उन जगहों का भी सर्वे किया जाना है जहां नमाज पढ़ी जाती है.

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हेट स्पीच के आरोपी कपिल मिश्रा को भाजपा ने बनाया उपाध्यक्ष
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों से पहले कथित हेट स्पीच की वजह से सुर्खियों में आए कपिल मिश्रा बीजेपी की दिल्ली यूनिट का उपाध्यक्ष बनाया गया है. कपिल मिश्रा आम आदमी पार्टी के नेता और मंत्री रह चुके हैं.
‘द हिंदू’ ने कपिल मिश्रा को उपाध्यक्ष बनाए जाने की रिपोर्ट प्रकाशित की है.
मिश्रा आम आदमी पार्टी के टिकट पर करावल नगर से विधायक चुने गए थे और 2015 की अरविंद केजरीवाल सरकार में मंत्री थे. हालांकि उन्हें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से 2017 में हटा दिया गया था.
दल विरोधी कानून के तहत विधायकी जाने के बाद वो भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे.
मिश्रा दिल्ली में 2020 के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से पहले कथित हेट स्पीच की वजह से चर्चा में आए थे. इन दंगों में 50 लोगों की मौत हो गई थी.
मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून के ख़िलाफ़ ज़ाफराबाद में धरने पर बैठे लोगों को उठाने के लिए उपद्रवियों को भड़काया था.

अख़बार ने बीजेपी के सीनियर नेताओं के हवाले से लिखा है कि मिश्रा को ऐसे वक्त पर पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया है, जब ये ‘करो या मरो’ की स्थिति से गुजर रही है. पार्टी में आठ नए उपाध्यक्ष बनाए गए हैं.
सूत्रों ने बताया है कि एक और उपाध्यक्ष बनाया जाना है, जो पूर्वांचली कोटे का होगा. दिल्ली में बिहार और यूपी के लोगों की बड़ी आबादी को देखते हुए पार्टी ये फैसला कर सकती है.
अख़बार ने एक वरिष्ठ बीजेपी नेता के हवाले से लिखा है मिश्रा को उपाध्यक्ष बनाने से पार्टी को 2024 के लोकसभा चुनाव में तीन लोकसभा सीटों पर फायदा हो सकता है.
मिश्रा ने ‘द हिंदू’ से कहा है अगले कुछ दिनों में वो पार्टी को मजबूत करने में जुट जाएंगे. वो जमीनी अभियान के साथ सोशल मीडिया कैंपेनिंग भी करेंगे.

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मणिपुर नए सिरे से हिंसा भड़की, बंदूकों और मोर्टार से भीषण हमले
मणिपुर में नए सिरे से हिंसा भड़क उठी है. मैतेई और कुकी समुदाय के लोगों की ओर से शनिवार को एक दूसरे पर बंदूकों और मोर्टार से किए गए भीषण हमलों में छह लोगों को मौत हो गई है.
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने लिखा है कि मोर्टार और बंदूकों से हमले तेज होने से पहले विष्णुपुर जिले के क्वाता इलाके में एक पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की हत्या कर दी गई.
अख़बार ने सुरक्षा बलों से जुड़े सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि ताजा हमले नारनसेना में सेकेंड इंडिया रिजर्व बटालियन के हेडक्वार्टर से लूटे गए ऑटोमैटिक और सेमी-ऑटोमैटिक हथियारों से हो रहे हैं.
विष्णुपुर जिले में मौजूद इस हेडक्वार्टर पर उपद्रवियों ने गुरुवार को हमला किया था.
अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि ग्रेनेड फेंकने के लिए लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियारों की जरूरत होती है.
सुरक्षाकर्मियों का शक है कि ग्रेनेड और बमों से हमलों मे इन हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है. मणिपुर में उपद्रवियों की ओर से लूटे गए हथियार सुरक्षाबलों के लिए सिरदर्द साबित हो रहे हैं.
क्योंकि दंगाई इनका भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं. प्रशासन ने लोगों से इन हथियारों को जमा करने की अपील की है. लेकिन इसका कोई खास असर नहीं हुआ है.

नूंह हिंसा: लगातार तीसरे दिन चला बुलडोज़र
हरियाणा के नूंह में सांप्रदायिक हिंसा के बाद लगातार तीसरे दिन अवैध निर्माणों और अतिक्रमण पर सरकारी बुलडोजर चला. शनिवार को स्थानीय नल्हड़ रोड पर लगभग 2.5 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से बनी 45 दुकानों को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया गया.
जिन लोगों के अवैध निर्माण गिराए गए, उनमें से कुछ विश्व हिंदू परिषद की शोभायात्रा पर हुए हमले में शामिल थे.
‘अमर उजाला’ ने नूंह के एसडीएम अश्वनी कुमार के हवाले से लिखा है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई.
यहां रहने वालों को पहले नोटिस दिया गया था. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अदबार चौक से लेकर तिरंगा चौक तक अतिक्रमण हटाया गया.
इन्हीं जगहों पर 31 जुलाई को हिंसा हुई थी. नूंह जिले के तावड़ू कस्बे में गुरुवार को रोहिंग्या घुसपैठियों की 250 झुग्गियों को गिरा दिया गया था, जबकि शुक्रवार को भी नल्हड़ मंदिर के आसपास अवैध निर्माण ढहाए गए थे.
उधर हिंसा के छह दिन बाद भी पुलिस कार्रवाई जारी है. अब तक 104 एफआईआर दर्ज की गई और 216 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 88 और लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है.
0 लोगों को सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
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