कपिल मिश्रा की मौजूदगी की वजह से किताब के प्रकाशक ने हाथ खींचे

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ब्लूम्सबरी इंडिया ने दिल्ली दंगे से जुड़ी किताब के प्रकाशन से अपने हाथ खींच लिए हैं.
पब्लिशर के मुताबिक़ उनकी जानकारी के बिना किताब के बारे में एक ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसमें बीजेपी के नेता और दिल्ली दंगे से पहले भड़काऊ भाषण देने के आरोप झेल रहे कपिल मिश्रा को मुख्य अतिथि बनाया गया था.
प्रकाशक ब्लूम्सबरी इंडिया ने एक प्रेस रिलीज़ जारी करके कहा है कि "फरवरी में हुए दिल्ली दंगों के बारे में इस साल सितंबर में वह 'डेल्ही रायट्स 2020: द अनटोल्ड स्टोरी' प्रकाशित करने वाला था लेकिन लेखकों ने ऐसे लोगों को प्री-लॉन्च इवेंट आमंत्रित किया जिन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता."
ब्लूम्सबरी इंडिया ने अपने बयान में कपिल मिश्रा का नाम लिए बग़ैर कहा, "हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्के हिमायती हैं लेकिन समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को लेकर भी उतने ही सचेत हैं."
किताब को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव, सांसद और वरिष्ठ नेता भूपेन्द्र यादव ने लाँच किया.
किताब को मोनिका अरोड़ा, सोनाली चितालकर और प्रेरणा मलहोत्रा ने लिखा है.
किताब के लेखकों की प्रतिक्रिया अभी नहीं मिल पाई है.

दिल्ली में 23 से 27 फ़रवरी के बीच दंगे हुए थे जिसमें आधिकारिक तौर पर 53 लोग मारे गए थे.
13 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस के हलफ़नामे के मुताबिक मरने वालों में से 40 मुसलमान और 13 हिंदू हैं. पुलिस ने दंगों की 751 एफआईआर दर्ज की हैं.
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