भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश में इतना कुछ किया, किसी को पता क्यों नहीं चला?

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- Author, शारदा उगरा
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार
छह मई को बांग्लादेश के सिलहट में आशा शोभना जब अंतरराष्ट्रीय महिला टी-20 में भारत के लिए डेब्यू करने वालीं सबसे उम्रदराज़ क्रिकेटर बनीं तो उनकी ख़ुशी का ठिकाना न था.
उन्होंने 33 साल 51 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की.
जब बांग्लादेश के साथ संपन्न हुई सिरीज़ का प्रसारण कर रहा चैनल शोभना का इंटरव्यू ले रहा था, तब पास खड़ी टीम उनकी बातें सुनकर ख़ुश हो रही थी.
लेकिन जब आशा शोभना मीडिया से बात करने प्रेस कॉन्फ्रेंस रूम में पहुंचीं, वहां सिर्फ़ एक ही पत्रकार उनका इंतज़ार कर रही थीं.
ये थीं-ओनिशा घोष.
ओनिशा घोष ने ये बात अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट की है.
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भारत ने इस टी20 सिरीज़ में बांग्लादेश को 5-0 से हराया. वो बांग्लादेशी टीम जिसके पास युवा कप्तान और ऊर्जा से भरी टीम थी.
बाएं हाथ की स्पिनर राधा यादव सिरीज़ के आख़िरी मैच में प्लेयर ऑफ़ द मैच रहीं. पूरी सिरीज़ में 10 विकेट हासिल करने पर प्लेयर ऑफ़ द सिरीज़ भी घोषित की गईं.
अगर फ़ैनकोड स्ट्रीमिंग सर्विस न होती तो ऐसा लगा होता कि शायद ये सिरीज़ हुई ही नहीं.

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मीडिया संस्थानों से उम्मीद
चूंकि ये सिरीज़ आईपीएल के साथ-साथ हो रही है, ऐसे में भारतीय मीडिया संस्थानों से यह उम्मीद लगाना बेईमानी है कि वे इस सिरीज़ को कवर करने के लिए भी पत्रकार भेजते.
पूरे मीडिया जगत के स्पोर्ट्स डेस्क इस समय बहुत कम लोगों के साथ काम कर रहे हैं. लेकिन इस पूरे मामले में सबसे ज़्यादा बीसीसीआई का रुख़ हैरान करता है.
बीसीसीआई ने ऑनलाइन लाइव कॉमेंट्री के अलावा और कुछ नहीं किया.
आईपीएल की आधिकारिक वेबसाइट पर बेशुमार कॉन्टेंट होने से इतर हर रोज़ मीडिया को आईपीएल पर बीसीसीआई की ओर से भेजे जाने वाले कॉन्टेंट की बाढ़ सी आ जाती है.
इसमें प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिंक, रेफ़री के फ़ैसले और सोशल मीडिया की हलचल शामिल होती है. लेकिन महिलाओं के टी20 सिरीज़ को लेकर एकदम सन्नाटा था.
बीसीसीआई के मीडिया ग्रुप एक तरह से महिला सिरीज़ की ख़बरों से वीरान थे. न तो ईमेल्स थीं, न ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिंक, न वीडियो न सोशल मीडिया पोस्ट.
और ये उस सिरीज़ के साथ हुआ जो भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए उपलब्धियों से भरी रही.
इसमें आशा शोभना का ऐतिहासिक डेब्यू हुआ, हरमनप्रीत कौर ने अपना 300वां अंतरराष्ट्रीय खेला और शेफ़ाली वर्मा ने 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला.
इसके साथ ही शेफ़ाली और स्मृति मंधाना की जोड़ी महिला टी-20 इंटरनेशनल में भारत के लिए 2000 रन की साझेदारी करने वाली पहली जोड़ी बनी.

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मीडिया मैनेजर भी नदारद
बीसीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर इंटरनेशनल विमिन्स पेज पर शुक्रवार शाम 7 बजे तक 15 अप्रैल की ही ख़बर थी. उसके बाद का कुछ नहीं था.
15 अप्रैल की ये खबर भी बांग्लादेश के साथ हुई टी20 सिरीज़ के लिए भारतीय महिला टीम के एलान की थी.
इस सेक्शन में सबसे ताज़ा वीडियो 28 अप्रैल, 2024 का था, जिसमें यस्तिका भाटिया बांग्लादेश के साथ पहले टी20 मैच के बाद की बात करती दिखीं.
भारत की महिला टीम बिना मीडिया मैनेजर के बांग्लादेश गई थी. अगर कोई मीडिया मैनेजर था भी तो वो गायब ही रहा.
अगर किसी खेल को कवर करने के लिए रिपोर्टर न हों तो मीडिया मैनेजर की भूमिका अहम हो जाती है. टूर के दौरान की सूचनाएं, फ़ीचर और इंटरव्यू वगैरह वही देश के मीडिया संस्थानों को देता है.
हां, इन दिनों चुनाव और आईपीएल दोनों होने के कारण अख़बारों के पास ज़्यादा जगह नहीं है. लेकिन डिजिटल मीडिया को उन अच्छी कहानियों को प्रकाशित करने में दिक्कत नहीं होती, जिन्हें बीसीसीआई के मीडिया डिपार्टमेंट में काम कर रहे लोगों ने तैयार किया होता.
मगर ऐसा तब होता, जब महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने, प्रमोट करने और उसकी छवि चमकाने का इरादा होता.
बांग्लादेश से दूर भारत में बैठे जो रिपोर्टर इस टी20 सिरीज़ को कवर करना चाहते थे, उन्हें ये अपने दम पर, अपने संपर्क सूत्रों और कला का इस्तेमाल करते हुए करना पड़ा.
उन्होंने सीमा पार अपने दोस्तों और सहयोगियों को फ़ोन किया, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से संपर्क साधा और सब मिलाकर ख़बरें लिखीं.

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कथनी और करनी
गुरुवार रात को बीसीसीआई के सचिव जय शाह मुंबई में कुछ पत्रकारों से मुख़ातिब हुए.
इस दौरान पत्रकारों को कोई वीडियो या ऑडियो रिकॉर्ड करने की इजाज़त नहीं थी. वे सिर्फ़ लिखकर जानकारियां नोट कर सकते थे.
वहां मौजूद पत्रकारों ने शाह से भारतीय महिला टीम को लेकर भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा.
जवाब में उन्होंने कहा कि हाल ही में बांग्लादेश में संपन्न पांच मैचों की टी20 सिरीज़ करवाने का मक़सद ये था कि ढाका और सिलहट में 3 से 20 अक्टूबर तक होने जा रहे आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम को वहां के हालात से वाकिफ़ करवाया जा सके.
जबकि ये टूर्नामेंट पांच महीने बाद होना है, वह भी मॉनसून के बाद.
शाह ने तुरंत ही यह भी कहा कि विमिन्स प्रीमियर लीग (WPL) को कमाल का रिस्पॉन्स मिला है और टिकटों की बिक्री से ही पांच करोड़ रुपये मिले हैं.
शाह महिला क्रिकेट के लिए प्रतिबद्धता होने पर गर्व करते हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, शुक्रवार को शाह ने कहा कि महिला क्रिकेट ज़ोर-शोर से चल रहा है और ऐसा नहीं है कि इसे पुरुषों से कम तवज्जो दी जा रही है.
बीसीसीआई के सचिव ने कहा, 'हमने अपना 51 प्रतिशत फ़ोकस महिला क्रिकेट पर और 49 प्रतिशत पुरुषों के क्रिकेट पर रखा है क्योंकि हम मेन्स क्रिकेट में अच्छा कर रहे हैं. इसलिए हम महिला क्रिकेट को प्राथमिकता दे रहे हैं. हमने उनकी मैच फ़ीस भी बढ़ा दी है तो उन्हें आमदनी भी हो रही है."

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महिला क्रिकेट पर 51 फ़ीसदी फ़ोकस होना अच्छा है लेकिन बांग्लादेश के साथ हुई टी20 सिरीज़ के मामले में ये बात सही साबित नहीं होती.
बांग्लादेश में पांच टी20 मैच खेलने गई इंडिया ए मेन्स टीम के साथ अगर कोई रिपोर्टर नहीं जाता तो ऐसा नहीं होता कि हेडक्वॉर्टर और भारतीय मीडिया को वहां से रिपोर्ट भेजने के लिए उनके साथ कोई मीडिया मैनेजर भी नहीं भेजा जाता.
मैच फ़ीस बढ़ाने का फ़ैसला अच्छा लगता है लेकिन इसका फ़ायदा तभी होगा जब महिला क्रिकेट का भी एक कैलेंडर बने और उन्हें हर सीज़न में पर्याप्त मैच खेलने को मिलें.
12 महीनों महिला क्रिकेट की मदद करने की बातें करना और वास्तव में भी इस पर अमल करने में बहुत फर्क है.
ऐसा सिर्फ़ तभी नहीं किया जाना चाहिए जब सुर्खियां बटोरनी हों.
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