ऋषभ और श्रेयस जैसे भारतीयों के आईपीएल नीलामी में छाये रहने की क्या रही वजह

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- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
आईपीएल नीलामी में हर बार कुछ ऐसा अप्रत्याशित देखने को मिलता है, जिसकी उम्मीद नहीं की जाती है.
इस बार आईपीएल की टीमों ने विदेशी खिलाड़ियों के बजाय भारतीय खिलाड़ियों पर रकम लगाने का फ़ैसला किया.
इसका ही परिणाम है कि इस नीलामी में सबसे ज़्यादा क़ीमत पर ख़रीदे गए टॉप पांच खिलाड़ियों में एक भी विदेशी खिलाड़ी शामिल नहीं है.
ऋषभ पंत, श्रेयस अय्यर, वेंकटेश अय्यर, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल के बाद छठे नंबर पर जोस बटलर हैं.

पंत सबसे महंगे खिलाड़ी क्यों बने?

ऋषभ पंत को विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करने के लिए जाना जाता है. साथ ही वह देश के नंबर एक विकेटकीपर भी हैं.
उन्होंने आईपीएल नीलामी में 27 करोड़ रुपए पाकर एक नया रिकॉर्ड बना दिया है. इससे पहले इतनी राशि किसी अन्य खिलाड़ी को नहीं मिली है.
लखनऊ सुपर जायंट्स को कप्तान की तलाश थी और वह पंत के यूपी से जुड़ाव को भी भुनाना चाहती है. असल में वह कभी यूपी का हिस्सा रहे रुढ़की से ताल्लुक रखते हैं.
उन्होंने अपनी पूरी क्रिकेट दिल्ली के लिए जरूर खेली है, पर यह कहा जाता है कि वह यूपी से खेलने के लिए भी ट्रायल दे चुके हैं.
पंत की बोली में इसलिए भी गर्माहट रही कि वह कई खूबियों के मालिक हैं. वह आतिशी पारी खेलकर अकेले दम मैच की तस्वीर बदलने की क्षमता रखते हैं.
यहां तक विकेटकीपिंग की बात है, तो महेंद्र सिंह धोनी के बाद उन्हें सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. लखनऊ को केएल राहुल के जाने के बाद कप्तान की भी तलाश थी, इसने भी उनकी कीमत में इजाफा किया.
इस तरह के खिलाड़ी को लेने के कई दावेदार होने की वजह से उनकी कीमत आसमान छूती चली गई. एक समय लगा कि लखनऊ को वह 20.75 करोड़ रुपए में मिल सकते थे.
इस मौके पर दिल्ली कैपिटल्स को राइट टू मैच इस्तेमाल करने का मौका मिला. पर लखनऊ के संजीव गोयनका ने बोली को 27 करोड़ लगाकर दिल्ली कैपिटल्स को पैर पीछे खींचने को मजबूर कर दिया.
श्रेयस की हिम्मत ने कराया मालामाल

श्रेयस पिछली बार आईपीएल का खिताब जीतने वाली कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान थे.
ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि चैंपियन टीम का कप्तान फ्रेंचाइजी को छोड़कर नीलामी में उतरे.
असल में श्रेयस और केकेआर प्रबंधन के बीच पैसे बढ़ाने की बातचीत सिरे नहीं चढ़ सकी और उन्होंने नीलामी में उतरने का फैसला किया.
श्रेयस को अपनी क्षमता पर भरोसा था और यह भरोसा उन्हें मालामाल बनाने में सफल रहा. उन्हें पंजाब किंग्स ने 26.75 करोड़ रुपए में खरीदा.
इस तरह वह पिछले साल 24.75 करोड़ का रिकॉर्ड बनाने वाले मिचेल स्टार्क के रिकॉर्ड को तोड़ने में सफल हो गए. हालांकि, उनका यह रिकॉर्ड कुछ ही समय बाद ऋषभ पंत ने तोड़ दिया.
श्रेयस के पंजाब किंग्स द्वारा लिए जाने के पीछे एक वजह यह भी है कि उसके मुख्य कोच रिकी पोंटिंग हैं और वह दिल्ली केपिटल्स के कोच रहते समय श्रेयस के साथ काम कर चुके हैं.
कोच और कप्तान की यह जोड़ी पंजाब किंग्स की किस्मत बदल सकती है.
श्रेयस भले ही पिछले कुछ समय से भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं पर वह घरेलू क्रिकेट में आजकल जबर्दस्त प्रदर्शन कर रहे हैं.
उन्होंने मुंबई के लिए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 57 गेंदों में नाबाद 130 रन की पारी खेलकर दिखाया है. वहीं वह रणजी ट्रॉफी के इस सीजन के चार मैचों में एक दोहरे शतक के साथ 452 रन बना चुके हैं.
केएल का नया घर दिल्ली कैपिटल्स

केएल राहुल को बेहतरीन खिलाड़ी और अच्छी सोच वाला कप्तान माना जाता है. पर वह अपनी इन खूबियों के बावजूद कभी किसी एक फ्रेंचाइजी का हिस्सा नहीं रह सके हैं.
उनके कॅरियर की दिक्कत रही है कि वह चोटों की समस्या के भी शिकार रहे हैं.
पिछली बार एलएसजी के सातवें स्थान पर पिछड़ने की वजह से उनका फ्रेंचाइजी मालिक संजीव गोयनका के साथ हुआ विवाद खासा सुर्खियों में भी रहा था. इस विवाद की वजह से उन्हें रिटेन नहीं किया गया.
दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 14 करोड़ रूपए में ख़रीदकर अपनी कप्तानी की कमी को पूरा कर लिया है. ऋषभ पंत के जाने की वजह से उन्हें एक कप्तान की तलाश थी.
केएल राहुल को सभी फार्मेटों का खिलाड़ी माना जाता है. वह आईपीएल में कई सीजन में अपने बल्ले के जौहर दिखा चुके हैं.
उन्होंने साल 2018 में 659 रन, साल 2020 में 670 रन और साल 2021 में 626 रन बनाए हैं.
केएल राहुल के दिल्ली टीम में शामिल होने से उनकी कप्तानी, ओपनिंग और विकेटकीपिंग की समस्या सुलझ जाएगी.
अर्शदीप के अर्श पर रहना प्रदर्शन के कारण

अर्शदीप सिंह ने पिछले कुछ सालों में एक ऐसे गेंदबाज की छवि बनाई है, जिससे हर मुकाबला करने वाली टीम खौफ खाती है.
वह लगातार 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ गेंद को स्विंग कराने की महारत रखते हैं. इन खूबियों ने ही उन्हें 18 करोड़ रुपए दिलाए हैं.
अभी पिछले दिनों भारतीय टीम के दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर टीम को सीरीज जिताने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी.
वह असल में शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने के अलावा डेथ ओवर्स में अपने यॉर्करों से बल्लेबाजों को बांधने की क्षमता रखते हैं.
पंजाब किंग्स ने उन्हें रिटेन नहीं किया था. पर वह उनकी योजना के हिस्सा थे, इस कारण उन्हें पंजाब किंग्स ने राइट टू मैच के माध्यम से 18 करोड़ रुपए में ले लिया.
वह भारत के लिए खेले 60 मैचों में 95 विकेट ले चुके हैं.
अर्शदीप को लेकर बोली ऊंची जाने की वजह उनके लेने वालों में सीएसके, दिल्ली केपिटल्स, गुजरात जायंट्स और आरसीबी का उनमें दिलचस्पी दिखाना था.
बाद में बोली में शामिल हुई एसआरएच 15.75 करोड़ में उनको लेने में सफल हो गई. पर पंजाब किंग्स ने 18 करोड़ में आरटीएम का इस्तेमाल करके हासिल कर लिया.
क्या है ऊंची बोलियों का लॉजिक?

आईपीएल में हर बार लगने वाली बोली कुछ खिलाड़ियों को उम्मीदों से ज्यादा रकम मिल जाती है और कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो दुनियाभर में अपने जलवे बिखेरने वाले खिलाड़ियों में शामिल होने के बाद भी मामूली रकम में ख़रीदे जाते हैं.
ऐसे ही खिलाड़ी में वेंकटेश अय्यर का नाम शुमार किया जा सकता है. उन्हें केकेआर ने 23.75 करोड़ रुपए में ख़रीदा है.
यह सही है कि वह पारी की शुरुआत करने की क्षमता के साथ पेस गेंदबाजी भी करते हैं और जरूरत पड़ने पर कप्तानी भी कर सकते हैं.
वेंकटेश अय्यर पर यह बोली लगने पर एक कमेंटेटर मजाक में कह रहे थे कि केकेआर शायद अय्यर को लेकर गफलत में पड़ गई.

वेंकटेश अय्यर ने आईपीएल की अपनी कुछ पारियों से प्रभावित जरूर किया है.
पर वेंकटेश अय्यर का प्रदर्शन ऐसा नहीं रहा है, जिसके चर्चे हुए हों. उन्होंने 50 आईपीएल मैचों में 1326 रन बनाए हैं.
केकेआर ने उन्हें 2020 में 20 लाख रुपए में ख़रीदा था और चार सालों में उनकी कीमत में यह उछाल मायने रखता है.
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल को भी इसी श्रेणी में रखा जा सकता है. उनकी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी और ऑफ स्पिन करने की खूबी और महत्वपूर्ण बनाती है.
उन्हें पिछली बार अरसीबी ने 11 करोड़ रुपए में ख़रीदा था. पर टीम के चैंपियन बनाने के सपने को साकार नहीं करा पाने की वजह से उन्हें रिटेन नहीं किया गया था.
मैक्सवेल को पंजाब किंग्स ने 4.2 करोड़ रुपए में खरीदा है. इस टीम से रिकी पोंटिंग जुड़े हैं, इसलिए वह उनका बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं.
वह यदि अगले सीजन में तुरुप के इक्के साबित हो जाते हैं तो बाकी फ्रेंचाइजियों को उन्हें ना ले पाने का अफसोस हो सकता है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.















