पीएम मोदी और सीएम पर बयान देकर घिरे हरियाणा कांग्रेस चीफ़, कहा- क्यों मांगू माफ़ी

हरियाणा कांग्रेस के प्रमुख उदय भान

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हरियाणा कांग्रेस के प्रमुख उदय भान पीएम मोदी और प्रदेश के सीएम मनोहर लाल पर दिए एक बयान के कारण विवादों में घिर गए हैं.

हरियाणा के यमुनानगर में संवाददाताओं से बात करते हुए उदय भान ने प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को लेकर आपत्तिजनक बयान दिए हैं. इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

उन्होंने दोनों नेताओं के निजी जीवन को लेकर टिप्पणी की थी. इसे लेकर बीजेपी नेता कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और माफ़ी की मांग कर रहे हैं.

हालांकि विवादों में घिरने के बाद उदय भान ने कहा कि उन्होंने जिस भाषा का इस्तेमाल किया वो हरियाणा में आम बोलचाल की भाषा है, इसके लिए उन्हें माफ़ी क्यों मांगनी चाहिए?

बीजेपी नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

इस वीडियो पर बीजेपी के अन्य नेता भी तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और इस पर उदय भान से माफ़ी और कांग्रेस से स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं.

बीजेपी नेताओं ने ये भी सवाल किया है कि कांग्रेस अपने नेता के ख़िलाफ़ कब कदम उठाएगी.

उदय भान का ये वीडियो बीजेपी नेता संबित पात्रा ने सोशल मीडिया पर साझा किया और कहा कि "मोहब्बत की तथाकथित दुकान चलाने वाले राहुल गांधी के खास सिपहसलार हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभान की यह घोर आपत्तिजनक और निंदनीय भाषा कांग्रेस पार्टी की घृणित मानसिकता को दर्शाता है."

हरियाणा के मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता मनोहर लाल ने इस मामले पर कहा है कि 'कांग्रेस को मैं नहीं हमारे परिवार के लोग जवाब देंगे.'

उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक ट्वीट में लिखा, "परिवारवाद में डूबी पार्टी और परिवारवाद की मानसिकता के गुलाम लोग नहीं समझ पाएंगे कि देश के 140 करोड़ लोगों को पीएम और हरियाणा के पौने तीन करोड़ लोगों को मैं अपना परिवार मानता हूँ. इस बयान का जबाव अब मेरे इसी परिवार के लोग देंगे."

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बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी कहते हैं, "उसे देख कर भाजपा कार्यकर्ताओं के मन में दुख और क्षोभ उत्पन्न हुआ है क्योंकि पीएम के लिए जिस तरह की घटिया, अभद्र और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया गया है वो भारत की राजनीति में निचलेपन की पराकाष्ठा है."

हरियाणा के बीजेपी प्रभारी और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री रहे बिप्लव कुमार देब ने इस मामले में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी और अध्यक्ष मल्लिकार्जुल खड़गे के बयान की मांग की है.

उन्होंने कहा, "जो शब्द उन्होंने प्रधानमंत्री और एक प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए किए हैं वो देश के लिए लज्जा की बात है. ये बयान कांग्रेस के दिवालियापन और मानसिक रोगग्रस्त होने की स्थिति को सामने लाई है. हम इसकी निंदा करते हैं और कांग्रेस आलाकमान से इस बारे में हम स्पष्टीकरण चाहते हैं."

"विरोधी दल के नेता अब तक किसी इस बयान के बारे में कुछ नहीं बोल रहे, मैं ये मान नहीं सकता कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है. रविवार सुबह ये बयान आया था लेकिन अब तक कोई कुछ नहीं कह रहा."

प्रियंका चतुर्वेदी की सलाह

इस मामले में शिव सेना (उद्धव ठाकरे गुट) का बयान भी आया है.

पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि "किसी की निजी जिंदगी में क्या चल रहा है इस बारे में टिप्पणी करने का किसी को अधिकार नहीं है. अगर मुद्दा सार्वजनिक मामलों में फ़ैसले को लेकर है तो उस पर टिप्पणी करना सही है, लेकिन अगर कोई पर्सनल हमला है तो ये सही नहीं है. इसका विरोध होना चाहिए और जिसने ये किया है उसे माफ़ी मांगनी चाहिए."

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विवाद होने के बाद बोले- माफ़ी नहीं मांगूंगा

विवादों में घिरने के बाद शनिवार को उदय भान ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में अपने बयान का बचाव किया.

उन्होंने कहा, "मैंने कुछ भी ग़लत नहीं कहा है. जो सचाई है, वही मैंने सामने रखी है. बिना मतलब तिल का ताड़ बनाया जा रहा है. उसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं हैं. ये भाषा, हरियाणा में आम भाषा है. मैंने तो नाम भी नहीं लिया, इसमें क्या ग़लतबयानी हो गई. इसमें कोई गाली या अपशब्द नहीं थे."

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हालांकि उनसे इस बयान पर हरियाणा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि उनकी भाषा ये बताती है कि कांग्रेस में भारी बौखलाहट है.

उन्होंने कहा, "मैंने उनका ताज़ा बयान देखा है कि वो सफाई देने की बजाय अपने बयान का बचाव कर रहे हैं. अपनी भाषा सुनकर उन्हें खुद शर्मिंदगी महसूस करनी चाहिए."

"ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, उन्होंने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दी हैं. एक बड़े नेता को इस तरह के हलके शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था."

रमेश बिधूड़ी

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पहले बिधूड़ी के बयान पर मचा हंगामा

उदय भान का बयान ऐसे वक्त आया है जब लोकसभा में बहुजन समाज पार्टी के नेता दानिश अली पर बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने अपमानजनक टिप्पणी की थी.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें चेतावनी दी है कि इस तरह का व्यवहार फिर दिखा तो उनके ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

बिधूड़ी के बयान को लेकर बीजेपी को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. विपक्षी गठबंधन इंडिया ने बिधूड़ी के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

दानिश अली ने कहा है कि अगर बिधूड़ी के ख़िलाफ़ कोई कड़ा कदम नहीं उठाया गया तो वो अपनी सदस्यता छोड़ने पर विचार कर सकते हैं.

इस बीच गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने दानिश अली को निशाने पर लिया है.

उन्होंने दानिश अली के पूर्व आचरण, टीएमसी और डीएमके जैसी पार्टियों के सदस्यों के पूर्व में सदन में दिए बयानों की जांच के लिए एक समिति के गठन की अपील की है.

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