रमेश बिधूड़ी: बीजेपी सांसद जिनका विवादों से पुराना रिश्ता रहा है

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गुरुवार रात को लोकसभा में 'चंद्रयान-3 की सफलता' पर चल रही चर्चा के दौरान एक सांसद की 'टिप्पणी' अगले दिन सियासी बवंडर में बदल गई. इस सियासी बवंडर के केंद्र में हैं पॉश कही जाने वाली दक्षिणी दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी के दो बार के सांसद रमेश बिधूड़ी.
बसपा सांसद कुँवर दानिश अली को निशाने पर रखते हुए रमेश बिधूड़ी ने जो कुछ कहा, वो अब लोकसभा की दर्ज कार्यवाही का हिस्सा नहीं है और न उसे किसी भी तरह से दोहराया जाना मुमकिन है.
बिधूड़ी ने जो कहा, उसके असंसदीय होने की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि चर्चा के दौरान सदन में मौजूद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फौरन इस पर अपना अफसोस जाहिर किया.
बसपा सांसद दानिश अली को कहे गए अपशब्दों को लेकर पड़े चौतरफा दबाव के बाद बीजेपी को अपने सांसद को कारण बताओ नोटिस जारी करना पड़ा.
बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वे किसी अशोभनीय टिप्पणी का समर्थन नहीं करते. पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन को इस बात के लिए सफ़ाई देनी पड़ी कि वे विधूड़ी के विवादित टिप्पणी वाले वायरल वीडियो में साथी सांसद के पीछे हंसते हुए दिखाई दे रहे थे.
बिधूड़ी और विवाद

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ऐसा नहीं है कि रमेश बिधूड़ी का नाम पहली बार किसी विवाद के सिलसिले में सामने आया हो. साल 2017 में उन्होंने कांग्रेस पर हमला करने के लिए सोनिया गांधी इतालवी मूल का मुद्दा उठाया था.
मथुरा में उन्होंने एक जनसभा के दौरान कहा, "इटली में ऐसे संस्कार होते होंगे कि शादी के पांच-सात महीने बाद पोता या पोती भी आ जाए, भारतीय संस्कृति में ऐसे संस्कार नहीं हैं."
हालांकि बाद में उन्होंने इस बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि "हमारे पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले हमसे 'अच्छे दिन' का हिसाब नहीं मांग सकती है."
बिधूड़ी ने ये बात कांग्रेस की उस आलोचना का जवाब देने में कही थी कि सरकार बनने के ढाई साल बाद भी बीजेपी सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं.
चार महिला सांसदों की शिकायत
बिधूड़ी पर पहले भी संसद के भीतर 'असंसदीय' और 'अशोभनीय' कमेंट करने का आरोप लग चुका है.
गुरुवार को लोकसभा में एक मुस्लिम सांसद की धार्मिक पहचान उनके निशाने पर थी तो इससे पिछली बार चार महिला सांसदों ने स्पीकर के पास जाकर उनके कथित 'बर्ताव' को लेकर शिकायत की थी.
ये घटना चार अगस्त, 2015 की है. रंजीत रंजन, सुष्मिता देव, अर्पिता घोष और पीके श्रीमति टीचर ने बिधूड़ी पर 'अभद्र और अमर्यादित' भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया था.
हालांकि बिधूड़ी ने उनके आरोपों से इनकार किया था.
अंग्रेज़ी अख़बार इकोनॉमिक टाइम्स से उन्होंने इस मामले पर पूछे जाने पर अपने जवाब में कहा था, "मेरी उनसे कोई निजी लड़ाई नहीं है और मैंने ऐसी किसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है. वे ध्यान भटकाने के लिए ऐसे तौर-तरीकों का इस्तेमाल कर रही हैं. वे महिला होने का नाजायज़ फ़ायदा उठा रही हैं."
बिधूड़ी से जुड़ा ताज़ा विवाद और स्पीकर की चेतावनी

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लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला ने बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी के सदन में दिए विवादास्पद बयान को 'गंभीरता' से लेते हुए भविष्य में ऐसे बर्ताव की पुनरावृत्ति पर उन्हें 'कड़ी कार्रवाई' की चेतावनी दी है.
कुँवर दानिश अली पर की गई टिप्पणी के बाद सदन में हंगामा छिड़ गया और विपक्षी नेताओं ने दक्षिण दिल्ली से बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
अधिकारियों ने बताया कि स्पीकर ने भारतीय जनता पार्टी के सांसद बिधूड़ी को ये कहते हुए चेताया है कि भविष्य में अगर ऐसा बर्ताव फिर से किया गया तो उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
दानिश अली ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि "मुझे उम्मीद है कि मेरे साथ न्याय होगा और स्पीकर साहब कार्रवाई करेंगे. अगर ऐसा नहीं होता है तो मैं भरे मन से इस सदन को छोड़ने पर विचार करूंगा."
डॉक्टर हर्षवर्धन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैंने देखा कि ट्विटर पर मेरा नाम ट्रेंड कर रहा है. लोकसभा में दो सांसदों का एक-दूसरे के ख़िलाफ़ असंसदीय भाषा इस्तेमाल किए जाने के मामले में मेरा नाम घसीटा जा रहा है. हमारे वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने दोनों तरफ़ से अक्षम्य भाषा के इस्तेमाल किए जाने की निंदा पहले ही कर दी है."
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

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बिधूड़ी की टिप्पणी पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "उन्होंने (रमेश बिधूड़ी) दानिश अली जी को जो कहा है वह अत्यंत निंदनीय है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने माफी मांगी है जो अपर्याप्त है. ऐसी भाषा का इस्तेमाल सदन के अंदर या बाहर नहीं होना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं नए संसद भवन की शुरुआत नारी शक्ति से हुई है लेकिन इसकी शुरुआत को रमेश बधूड़ी से हुई है. यह रमेश बिधूड़ी नहीं बल्कि भारतीय जनता पार्टी की सोच है. हमारी मांग है कि रमेश बिधूड़ी की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए."
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने लिखा, "इस वीडियो में बिधूड़ी के लिए कई आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल सांसद के लिए कर रहे हैं. गरिमा के रखवाले स्पीकर ओम बिड़ला और विश्वगुरु पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा - कृपया कार्रवाई करें. मुसलमानों, पिछड़ों को गाली देना बीजेपी की संस्कृति का अभिन्न अंग है, ज़्यादातर लोगों को अब इसमें कुछ भी गलत नहीं दिखता. नरेंद्र मोदी ने भारतीय मुसलमानों को अपनी ही धरती पर डर की ऐसी स्थिति में जीने पर मजबूर कर दिया है कि वे मुस्कुराकर सब कुछ सह लेते हैं. लेकिन मैं इसकी निंदा करती रहूंगी क्योंकि माँ काली ने मुझे रीढ़ दी है."
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने इस पर गुस्सा ज़ाहिर करते हुए एक्स पर लिखा, "नफ़रत से भरे ये सांसद कितनी आसानी से ऐसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर ले रहे हैं. मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत इस कदर मेनस्ट्रीम कभी नहीं रही. बीजेपी के मुसलमान नेता इस तरह नफ़रत रखने वालों के साथ कैसे रह पाते हैं. अगर उन्होंने केवल 'आतंकवादी' कहा होता तो हमें इसकी आदत है. उन शब्दों का इस्तेमाल पूरे मुस्लिम समुदाय के खिलाफ किया गया था. मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि भाजपा से जुड़े मुस्लिम इसे कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं? इससे पता चलता है कि वे हमारे बारे में क्या सोचते हैं? उन्हें शर्म आनी चाहिए."
आम आदमी पार्टी के नेता अमानतुल्लाह ख़ान ने ट्विटर पर लिखा है, "रमेश बिधूड़ी को तत्काल बर्खास्त करके जेल में डाला जाना चाहिए."
रमेश बिधूड़ी का राजनीतिक करियर

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दिल्ली के तुगलकाबाद में जन्मे बिधूड़ी की परवरिश और पढ़ाई-लिखाई इसी शहर में हुई.
एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनके पिता ने गांव में स्कूल, आर्य समाज मंदिर और अस्पताल के लिए अपनी ज़मीन दान कर दी थी.
अस्सी के दशक में दिल्ली यूनिवर्सिटी के भगत सिंह कॉलेज की स्टूडेंट पॉलिटिक्स के जरिए वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संपर्क में आए.
इसके बाद बिधूड़ी ने लंबी सियासी पारी खेली. वे संगठन की राजनीति के रास्ते साल 2003 में पहली बार दिल्ली विधानसभा पहुंचे.
साल 2014 में पहली बार दक्षिणी दिल्ली की प्रतिष्ठित सीट से लोकसभा के लिए चुने जाने से पहले वे तीन बार दिल्ली विधानसभा के सदस्य रह चुके थे.
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में रमेश बिधूड़ी ने आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा और कांग्रेस के उम्मीदवार और बॉक्सिंग चैंपियन विजेंदर सिंह को हराया था.
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