अयोध्या में जब हो रही थी प्राण प्रतिष्ठा तब विपक्षी पार्टियां क्या कर रही थीं?

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अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न हो चुका है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर मुख्य पूजा शुरू की.
पूजा के दौरान गर्भगृह में पीएम मोदी के अलावा उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और संघ प्रमुख मोहन भागवत दिखाई दिए.
देश के बड़े उद्योगपतियों और सिनेमा के बड़े सितारों के अलावा विपक्षी पार्टियों के नेता समारोह में दिखाई नहीं दिए.
सवाल है कि प्राण प्रतिष्ठा के बीच विपक्षी दल के नेता क्या कर रहे हैं?
कांग्रेस क्या कर रही है?

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस वक्त ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ कर रहे हैं. प्राण प्रतिष्ठा के दिन वे असम में हैं. उनके साथ इस यात्रा में कांग्रेस के कई बड़े नेता भी हैं.
सोमवार, सुबह राहुल गांधी वैष्णव संत श्रीमंत देव की स्थली बटाद्रवा थान मंदिर जाना चाह रहे थे लेकिन रास्ते में ही पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक दिया.
इस वाकये का एक वीडियो सामने आया है जिसमें राहुल गांधी अपनी गाड़ी से उतरकर पुलिसकर्मी से पूछते हैं कि आखिर उन्हें क्यों रोका जा रहा है.
गांधी वीडियो में कह रहे हैं, “भाई मामला क्या है? क्या मैं जाकर बैरिकेड देख सकता हूं. मैं मंदिर में क्यों नहीं जा सकता. क्या मंदिर जाने की अनुमति नहीं है. मेरे पास परमिशन है. मुझे मंदिर के प्रशासन ने बुलाया है, मैं हाथ जोड़ना चाहता हूं, भगवान का दर्शन करना चाहता हूं.”
इस घटना के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हम मंदिर में जाने की कोशिश कर रहे हैं. हमें बुलाया गया था और अब हमें जाने नहीं दिया जा रहा है. हम कुछ भी जबरदस्ती नहीं करेंगे, हम यहां अपनी यात्रा करने आए हैं, हम तो उसका कारण जानना चाह रहे हैं.”
राहुल गांधी ने ये भी कहा- “लगता है आज सिर्फ़ एक ही व्यक्ति (पीएम नरेंद्र मोदी) मंदिर जा सकता है.”

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10 जनवरी को कांग्रेस ने एक बयान जारी कर कहा था कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कांग्रेस चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता अधीर रंजन चौधरी शिरकत नहीं करेंगे.
अपने बयान में पार्टी ने कहा कि बीते महीने उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया गया था.
कार्यक्रम में शामिल होने, न होने को लेकर पार्टी की बैठक भी हुई थी जिसके बाद ये फ़ैसला लिया गया.
कांग्रेस का कहना है, “धर्म व्यक्ति का निजी मसला है, लेकिन बीजेपी और आरएसएस लंबे वक्त से इस मुद्दे को राजनीतिक प्रोजेक्ट बनाते रहे हैं. स्पष्ट है कि एक अर्धनिर्मित मंदिर का उद्घाटन केवल चुनावी लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है."
दूसरी तरफ कांग्रेस नेता और सांसद दीपेंद्र हुड्डा भगवान श्रीराम की भक्ति के रंग में रंगे हुए नजर आए.
उन्होंने हरियाणा में झज्जर के पटौदी में भगवान श्रीराम के मंदिर का उद्घाटन और प्राण प्रतिष्ठा की.
राम के रंग में आम आदमी पार्टी

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राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन आम आदमी पार्टी दिल्ली में शोभायात्रा निकाल रही है. इसके साथ ही विधानसभाओं में भंडारे का भी आयोजन किया जा रहा है.
इस मौके पर दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने राम पूजन और हवन किया.
आप नेता दिलीप पांडे ने बताया, “लगभग सात जगह पर, 22 तारीख को शोभायात्रा निकाली जा रही है. इसके अलावा तीन विधानसभाएं ऐसी हैं, जहां पर फिर से सुंदरकांड का पाठ किया जा रहा है. करीब 16-17 विधानसभाएं ऐसी हैं, जहां सुंदरकांड और आरती के बाद फल प्रसाद वितरण का कार्यक्रम रखा गया है.”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा और निर्देश से देश की सबसे अच्छी रामलीला मंच 22 जनवरी को भी जारी रहेगा.
21 जनवरी को इस रामलीला को देखने खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहुंचे थे. इस मौके पर मंच से जय श्रीराम के नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा, “आज इस मौके पर जब हम भगवान राम की भक्ति कर रहे हैं. हमें उनके जीवन से उनके विचारों से उनके शब्दों से प्रेरणा लेने की जरूरत है. एक तरफ भगवान राम से प्रेरणा लेनी है.”

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आप नेता दिलीप पांडे ने बताया कि सीएम केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं, नेताओं, मंत्रियों और सबको शोभायात्रा का हिस्सा और भंडारे में सेवा देने के लिए कहा है.
इससे पहले जब सीएम केजरीवाल से प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने को लेकर पत्रकारों ने सवाल किया था, तो उन्होंने कहा था, "उनका एक लेटर आया था. उसके बाद हमने उनको फोन किया. उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत रूप से निमंत्रित करने के लिए उनकी टीम आएगी, वो तो आई नहीं.”
उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि अपनी धर्मपत्नी और बच्चों के साथ और मेरे माता पिता को भी बहुत चाव चढ़ा हुआ है कि हमें जाकर रामलला के दर्शन करने हैं. अपने माता-पिता, धर्मपत्नी और अपने बच्चों के साथ मैं जाऊंगा. बाद में चले जाएंगे. एक बार ये 22 तारीख वाला हो जाए.”
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के बुजुर्गों को अयोध्या में रामलला के दर्शन करवाने के लिए उनकी सरकार ज्यादा से ज्यादा ट्रेनें चलवाएगी.
ममता बनर्जी ने कैसे दिया जवाब

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विपक्षी गठबंधन इंडिया में शामिल तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रही हैं.
हालांकि प्राण प्रतिष्ठा के दिन सीएम बनर्जी ‘संप्रति रैली’ निकाल रही हैं.
टीएमसी बीजेपी पर आरोप लगाती रही है कि वो एक धार्मिक आयोजन को राजनीतिक आंदोलन में बदल रही है. इसी के जवाब में ममता बनर्जी ने सभी धर्मों के साथ सद्भावना रैली निकाल रही हैं.
उन्होंने टीएमसी कार्यकर्ताओं से अपने-अपने क्षेत्र में इस तरह की सद्भाव रैली निकालने की अपील की है.
इसके अलावा कोलकाता में 35 से ज्यादा रैलियां और होनी है, जिसके लिए शहर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक कोलकाता की सड़कों पर 4 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.
एजेंसी के मुताबिक ये रैलियां भवानीपुर, कैमक स्ट्रीट, सियालदह, गरफा, पटुली, संकुतला पार्क और पोर्ट एरिया से होकर गुजरेंगी.
टीएमसी की यह ‘संप्रति रैली’, सोमवार, दोपहर करीब तीन बजे हाजरा क्रॉसिंग से शुरू होगी और हाजरा रोड और सैयद अमीर अली एवेन्यू से होकर पार्क सर्कस मैदान तक पहुंचेगी.
टाइम्स ऑफ इंडिया वेबसाइट के मुताबिक इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कालीघाट मंदिर में पूजा और रहमानी मस्जिद और भोले शाह बाबा मजार पर चादर और फूल भी चढ़ाएंगी.
टीएमसी नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी की इस रैली में करीब एक लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है.
तमिलनाडु में लाइव प्रसारण पर टकराव

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तमिलनाडु में इस वक्त द्रविड़ मुनेत्र कड़गम पार्टी की सरकार है. पार्टी अध्यक्ष और राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन प्राण प्रतिष्ठा में शामिल नहीं हो रहे हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सीएम स्टालिन का कहना है बीजेपी सिर्फ राम मंदिर मुद्दे पर राज्य में वोट हासिल नहीं कर सकती है.
लेकिन प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर स्टालिन सरकार और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच टकराव हो रहा है.
सीतारमण ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने प्राण प्रतिष्ठा के दिन मंदिरों में भगवान राम की पूजा पर रोक लगा दी है. हालांकि स्टालिन सरकार ने इस दावे को खारिज किया है.
वित्त मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तमिल समाचार पत्र की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि तमिलनाडु सरकार ने 22 जनवरी के दिन अयोध्या राम मंदिर प्रोग्राम के लाइव कवरेज पर रोक लगा दी है.
उन्होंने लिखा कि तमिलनाडु में 200 से ज्यादा श्रीराम के मंदिर हैं और एचआर एंड सीई जिन मंदिरों को चलाने का काम करती है, वहां श्री राम के नाम पर पूजा, भजन और प्रसाद देने की अनुमति नहीं है.
वित्त मंत्री ने लिखा, “पुलिस निजी तौर पर भी मंदिरों को कार्यक्रम आयोजित करने से रोक रही है. वे आयोजकों को धमकी दे रहे हैं कि वे पंडाल तोड़ देंगे. इस हिंदू विरोधी, घृणित कार्रवाई की कड़ी निंदा करती हूं.”
वहीं तमिलनाडु सरकार में धार्मिक एवं धर्मार्थ मंत्री पी.के. शेखर बाबू का कहना है कि किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है.
शिवसेना क्या कर रही है?

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अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे नासिक पहुंचे हैं.
पार्टी मुखपत्र सामना के मुताबिक प्रभु रामचंद्र की कर्मभूमि माने जाने वाले नासिक के रामकुंड पंचवटी क्षेत्र में धार्मिक आयोजन किए गए हैं.
शाम छह बजे उद्धव ठाकरे कालाराम मंदिर में पूजा और शाम सात बजे गोदावरी नदी के तट पर महाआरती करेंगे.
इसके अलावा नासिक पहुंचकर उन्होंने ‘रामजन्मभूमि में शिवसेना के शेर’ प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया.
अयोध्या में राम मंदिर के लिए चले आंदोलनों में शिवसैनिकों की बड़ी भूमिका रही है.
शिवसेना के संस्थापक और उद्धव ठाकरे के पिता बाला साहेब ठाकरे बाबरी मस्जिद को ढहाने के मामले में अभियुक्त रह चुके हैं.
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) की तरफ से मंदिर निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये दान भी दिया गया है.
लेकिन प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से सिर्फ दो दिन पहले ही महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को स्पीड पोस्ट से निमंत्रण पत्र भेजा गया.
स्पीड पोस्ट के जरिए न्योता भेजे जाने पर पार्टी की तरफ से नाराजगी जाहिर की गई है. पार्टी नेता संजय राउत ने कहा कि इसके लिए भगवान श्रीराम उन्हें श्राप देंगे.
उन्होंने कहा, “आप मशहूर हस्तियों और फिल्मी सितारों को विशेष निमंत्रण दे रहे हैं, जबकि उनका राम जन्मभूमि से कोई लेना-देना नहीं है.”
अखिलेश के राम

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प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का न्योता, समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ट्रस्ट की तरफ से भेजा गया था.
उन्होंने समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है. हालांकि उन्होंने एक पत्र लिखकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को आभार जताया था.
सोमवार को वे अयोध्या से करीब 150 किलोमीटर दूर लखनऊ में मौजूद थे. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “भगवान श्रीराम और आज प्राण प्रतिष्ठा का जो कार्यक्रम है, जो मूर्ति पत्थर की थी, आज उसके अंदर प्राण प्रतिष्ठा के बाद वो भगवान का रुप ले लेगी…जो रीति-नीति, मर्यादा का सम्मान करते हैं, वो श्रद्धालु भगवान राम के सबसे करीब होते हैं.”
बयान से पहले सुबह में अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर श्रीराम को लेकर पोस्ट भी किया.
उन्होंने एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “उस पावन ह्रदय में बसते हैं सियाराम, जो करता रीति-नीति-मर्यादा का मान.”
अखिलेश यादव का कहना है कि वे प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद सपरिवार अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए जाएंगे.
बीजेपी के बड़े नेता क्या कर रहे हैं?

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प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में देश की सैकड़ों नामी हस्तियों को इस कार्यक्रम में बुलाया गया है.
इनमें संघ प्रमुख मोहन भागवत, मुकेश अंबानी, सचिन तेंदुलकर, उमा भारती से लेकर अमिताभ बच्चन और रजनीकांत जैसे नाम शामिल हैं.
कार्यक्रम में शामिल होने वालों की संख्या हज़ारों में बताई जा रही है, लेकिन इसमें बीजेपी के कई ऐसे बड़े चेहरे हैं, जो कहीं दिखाई नहीं दिए.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित केंद्रीय मंत्रियों, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, सांसदों और अन्य नेता देश के अलग-अलग मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना कर रहे हैं.
अमित शाह- नई दिल्ली के ऐतिहासिक बिरला मंदिर पहुंचकर गृह मंत्री अमित शाह ने दर्शन और पूजा-अर्चना की. मंदिर से ही पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम को लाइव देखा.
राजनाथ सिंह- प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली के सनातन धर्म मंदिर में पूजा की. उन्होंने कहा कि अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की वापसी हो रही है, जो हम सबके लिए बहुत खुशी का क्षण है.
जेपी नड्डा- दिल्ली के झंडेवालान मंदिर में पहुंचकर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पूजा की.
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