देश और दुनिया के दस बड़े विमान हादसे जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया

एयर इंडिया
इमेज कैप्शन, अहमदाबाद में विमान हादसे में 241 लोगों की मौत हुई थी

अहमदाबाद में एयर इंडिया के एक यात्री विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से 241लोगों की मौत हो गई थी. इसमें सवार 242 लोगों में सिर्फ़ एक बचा.

विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक रिहाइशी इलाक़े में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.

विमान में कुल 242 लोग सवार थे जिसमें 232 यात्री और 10 क्रू मेंबर थे. इस विमान ने अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरी थी.

इसे हाल के दिनों में दुनिया के सबसे बड़े विमान हादसों में से एक कहा जा रहा है. आइए जानते हैं इससे पहले देश और दुनिया में ऐसे कौन-कौन से बड़े विमान हादसे हुए हैं.

बीबीसी
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12 नवंबर 1996 को हरियाणा के चरखी-दादरी में सऊदी अरब एयरलाइंस की उड़ान संख्या 763 और कज़ाकिस्तान एयरलाइंस की उड़ान 1907, एक दूसरे से टकरा गई थीं.

चरखी दादरी विमान हादसा

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इमेज कैप्शन, चरखी दादरी विमान हादसा

यह हादसा दोनों विमानों के बीच ग़लत कम्युनिकेशन और ऊंचाई संबंधी निर्देशों के उल्लंघन की वजह से हुआ था.

इस दुर्घटना में दोनों विमानों में यात्रा कर रहे कुल 349 लोगों की मौत हो गई थी.

विमान

1 जनवरी 1978 को एयर इंडिया (बोइंग 747-237 बी) का विमान 'सम्राट अशोक' मुंबई से दुबई जा रहा था.

विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद अरब सागर में गिर गया, जिससे उसमें सवार सभी 213 लोगों की मौत हो गई. इसमें 190 यात्री और चालक दल के 23 सदस्य शामिल थे.

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22 मई 2010 को एयर इंडिया का विमान (बोइंग 737-800) दुबई से मंगलुरु आ रहा था. इसमें 166 लोग सवार थे, जिनमें से कई स्वदेश लौट रहे भारतीय यात्री थे.

मंगलुरु विमान हादसा

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इमेज कैप्शन, मंगलुरु में विमान हवाई पट्टी पर नहीं रुक पाया और गहरे गड्ढे में जा गिरा

लेकिन मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ये दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह एक टेबलटॉप रनवे था जिसके दोनों तरफ़ खड़ी ढलान थी.

इस रनवे पर उतरने के बाद विमान समय पर रुक नहीं सका और एक गहरे गड्ढे में जा गिरा, जिससे विस्फोट हो गया. बाद में विमान में आग लग गई.

हादसे में 158 लोगों की मौत हो गई थी. सिर्फ आठ लोग बच पाए थे.

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19 अक्टूबर 1988 को इंडियन एयरलाइंस का विमान 113 अहमदाबाद के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. यह बोइंग 737 विमान था.

इस दुर्घटना में 133 लोगों की मौत हो गई थी. इस दुर्घटना में केवल दो लोग ही बच पाए थे.

कम विज़िबिलिटी की स्थिति में पायलट विमान उतारने का प्रयास कर रहे थे और इसी दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

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12 अक्टूबर 1976 को मुंबई से चेन्नई (उस समय मद्रास) से जाने वाले एक विमान में रनवे संख्या 27 से उड़ान भरने के बाद आग लग गई.

इसलिए विमान ने दोबारा रनवे नंबर 9 पर उतरने की कोशिश की. लेकिन विमान इस रनवे से 800 से 900 मीटर दूर जाते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

कारावेल VT-DWN नाम से रजिस्टर्ड इस विमान में सवार सभी 89 यात्री और चालक दल के छह सदस्यों की मौत हो गई थी.

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27 मार्च, 1977 को स्पेन के कैनरी में टेनेरिफ़ द्वीप पर लॉस रोडियोस एयरपोर्ट (अब टेनेरिफ़ नॉर्थ एयरपोर्ट) के रनवे पर दो बोइंग 747 यात्री विमान आपस में टकरा गए थे.

इस दुर्घटना में 583 लोगों की मौत हो गई, जो विमानन इतिहास की सबसे बड़ी दुर्घटना थी.

विमान हादसा

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इमेज कैप्शन, स्पेन के एक द्वीप पर हुई इस दुर्घटना को इतिहास की बड़ी हवाई दुर्घटनाओं में से एक माना जाता है

घने कोहरे में, जब केएलएम फ्लाइट 4805 ने उड़ान भरनी शुरू की तो रनवे पर मौजूद पैन एम फ्लाइट 1736 के दाहिने हिस्से से टकरा गई.

टक्कर और उसकी वजह से लगी आग से केएलएम विमान में सवार सभी 248 लोग मारे गए और पैन एम विमान में सवार 396 लोगों में से 335 की मौत हो गई.

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जापान एयरलाइंस के विमान की उड़ान टोक्यो के हनेदा हवाई अड्डे से जापान के ही ओसाका इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए थी.

सोमवार 12 अगस्त, 1985 को, इस मार्ग पर उड़ने वाले एक बोइंग 747एसआर में उड़ान के 12 मिनट बाद तकनीकी गड़बड़ी आ गई.

32 मिनट बाद विमान, टोक्यो से 100 किलोमीटर गुनमा प्रांत के उएनो में माउंट ताकामागहारा की दो चोटियों से टकरा गया. इसमें 520 लोगों की मौत हो गई थी.

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तुर्की एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या 981 इस्तांबुल येसिलकोय एयरपोर्ट से लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट तक की नियमित उड़ान थी. इसे पेरिस के ओरली एयरपोर्ट पर बीच में रुकना था.

विमान हादसा

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इमेज कैप्शन, हादसे का शिकार हुआ विमान मैकडॉनेल डगलस डीसी-10 था

3 मार्च 1974 को ये मैकडॉनेल डगलस डीसी-10 विमान पेरिस के बाहर एर्मेननविले जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे उसमें सवार सभी 346 लोग मारे गए.

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सऊदी अरब की फ़्लाइट संख्या 163 ने 19 अगस्त 1980 को रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अब रियाद एयरबेस) से जेद्दा के लिए उड़ान भरी थी. लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद इसमें आग लग गई.

इस लॉकहीड एल-1011-200 ट्राइस्टार विमान में सवार सभी 287 यात्रियों और 14 चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई थी.

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मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान संख्या एम्सटर्डम से कुआलालंपुर जा रही थी. ये एक अनशेड्यूल यात्री उड़ान थी, जिसे 17 जुलाई 2014 को पूर्वी यूक्रेन के ऊपर उड़ते निशाना बनाया गया था

इससे विमान में सवार सभी 283 यात्री और 15 चालक दल के सदस्य मारे गए थे.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित