‘दिल्ली चलो’ के पहले बोले किसान नेता, ‘प्रधानमंत्री चाहें तो जीत सकते हैं दिल’, हरियाणा से लेकर दिल्ली तक बॉर्डर सील

किसान नेता पंढेर

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किसान संगठनों ने ‘दिल्ली चलो’ का एलान किया है. किसान नेताओं का दावा है कि देश के नौ राज्यों से दो सौ से ज़्यादा सगंठन उनकी अपील पर मंगलवार को दिल्ली की ओर रवाना होंगे.

किसानों को मनाने के लिए केंद्र सरकार के तीन मंत्रियों ने सोमवार को चंडीगढ़ में किसान नेताओं से बातचीत की. इस बातचीत में खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल, कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा और गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय शामिल थे.

इस बातचीत को लेकर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने बताया, “बातचीत चल रही है. तीन मंत्री केंद्र सरकार के दिल्ली से चलकर चंडीगढ़ आए हैं. मुझे उम्मीद है कि बातचीत से ये मसला हल हो जाएगा.”

लेकिन, इस बीच उन्होंने ये संकेत भी दिए कि अगर बातचीत नाकाम रही तो भी सरकार ने अपनी तरफ से पूरी तैयार की हुई है.

अनिल विज ने कहा, “बातचीत अपनी जगह है और अपने प्रदेश हरियाणा के लोगों की सुरक्षा करना और यहां पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो हमें करना पड़ेगा, वो हम करेंगे.”

केंद्र सरकार और हरियाणा की सरकार पंजाब और दूसरे राज्यों के किसानों को रोकने के लिए दिनभर तैयारी में व्यस्त रहीं.

दिल्ली के हर बॉर्डर पर सुरक्षा के भारी इंतजाम किए गए हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक राजधानी दिल्ली में धारा 144 लगा दी गई है.

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किसान और मज़दूरों के संगठनों ने कई मांगों को लेकर दिल्ली कूच की तैयारी की है. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने इन मागों की जानकारी दी.

पंजाब किसान मजूदर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा, “अगर स्वयं प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) जी कोशिश करें जैसे 75 सालों से एमएसपी खरीद की गारंटी का कानून नहीं दिया गया, उस पर कोई नोटिफेकशन जारी करें, उसके बाद डॉक्टर स्वामीनाथन कमीशन की जो रिपोर्ट है सी 2 प्लस 50 परसेंट, उसके हिसाब से हमें दाम मिलें फसलों के. सी टू प्लस 50 परसेंट का मतलब है, जितनी हमारा लागत खर्चा है, उस पर 50 प्रतिशत मुनाफा दें. गन्ने की फसल एक साल की है तो उसका 100 परसेंट बनता है. किसान मजदूर का कर्ज खत्म करने का सवाल है. केस वापस लेने का सवाल है. बिजली संशोधन बिल का सवाल है. लखीमपुर खीरी का इंसाफ है.”

उन्होंने बताया कि इसमें मज़दूरों के सवाल भी उठाए गए हैं. उन्हें नरेगा में 200 दिन काम देने और दिहाड़ी 700 रुपये करने की मांग है.

पंढेर ने कहा, “देखिए, अभी एक महीना (लोकसभा चुनाव में) रह गया है, मोदी जी चाहें तो किसान मज़दूर का दिल जीत सकते हैं. अगर उन्हें मंत्रिमंडल से निकाला जाए तो लोगों के दिल खुश हो जाएंगे. ”

किसान

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आंदोलन में किन राज्यों के कुल कितने सगंठन?

किसान मज़दूर संघर्ष कमिटी के नेता सुखविंदर सिंह साभरा ने आंदोलन में शामिल संगठनों के बारे में जानकारी दी.

साभरा ने बताया, “पूरे उत्तर भारत, दक्षिण भारत, पश्चिम और पूर्वी भारत से 200 से ज़्यादा संगठन दिल्ली की तरफ कूच करेंगे. ये आंदोलन जो अधूरा छोड़कर आए थे, उसको पूरा कराने के लिए दिल्ली की तरफ बढ़ेंगे.”

उन्होंने बताया कि नौ राज्यों के किसान संगठन संपर्क में हैं. वो मीटिंग बैठे हैं. कर्नाटक, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब आंदोलन के लिए तैयार हैं.

दिल्ली का ग़ाज़ीपुर बॉर्डर

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दिल्ली पुलिस ने क्या तैयारी की है

किसानों के आंदोलन को लेकर दिल्ली पुलिस दिन भर तैयारी में व्यस्त रही. बॉर्डर पर चौकसी बढ़ाने के साथ ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है.

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी (कानून व्यवस्था) रविंद्र सिंह यादव ने कहा, “आप देख रहे हैं, सब तैयारी कर रहे हैं.”

दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर बेरिकेड लगाए गए हैं और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.

दिल्ली को हरियाणा से जोड़ने वाली सीमा पर भी बेरिकेड लगाए गए हैं. टिकरी बॉर्डर पर भी पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. सिंघु बॉर्डर पर बेरिकेड लगाने के साथ सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया है. पुलिस के बड़े अधिकारियों ने सोमवार को इंतजामों का जायजा लिया.

दिल्ली पूर्वी ज़िला की डीसीपी अपूर्वा गुप्ता ने बताया, “हमारी प्राथमिकता है कि दिल्ली में कहीं भी शांति व्यवस्था भंग न हो. इसके लिए काफी अच्छा बंदोबस्त करने की कोशिश की है. इसके लिए काफी सुरक्षाबल तैनात किया गया है. हमारी कोशिश रहेगी कि कोई हादसा न हो. दिल्ली की जनता को कोई परेशानी का सामना न करना पड़े.”

दिल्ली पुलिस के एडिशनल सीपी (ट्रैफिक) दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया, “दिल्ली के हर बॉर्डर पर पर्याप्त संख्या में स्टाफ तैनात किया गया. प्रदर्शनकारियों के ट्रक और दूसरे वाहनों को हम किसी भी बॉर्डर से आने नहीं देंगे. हमारा स्टाफ वहां हर वक्त रहेगा. ”

उन्होंने बताया, "ग़ाज़ीपुर बॉर्डर से मूवमेंट होगा तो उसे हम पूरी तरह सील कर देंगे. दिल्ली से जाने वाले ट्रैफिक का हमने पूरा डायवर्जन प्लान बनाया है. ग़ाजीपुर बॉर्डर बंद होने से कैसे ग़ाजियाबाद जा सकते हैं, हमने इसका प्लान बनाया है. स्टाफ को बता दिया गया है कि क्या और कैसे करना है. जैसे भी हालात होंगे, उसके मुताबिक ही एक्शन लेंगे."

हरियाणा में सुरक्षा बल

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हरियाणा में क्या है तैयारी?

हरियाणा में भी आंदोलनकारी किसानों को रोकने के लिए पूरी तैयारी की गई है. सरकार के मंत्री और प्रशासन के बड़े अधिकारी सोमवार को दिनभर इंतजामों की समीक्षा करते रहे.

हरियाणा पुलिस ने अंबाला के करीब शंभू बॉर्डर पर ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराने की टेस्टिंग की.

हरियाणा के प्रिंसपल सेक्रेट्री विजयेंद्र कुमार ने सिरसा पहुंचकर इंतजाम का जायजा लिया.

उन्होंने बताया, “हरियाणा के साथ दो राज्यों की सीमा लगी हुई हैं. राजस्थान और पंजाब. मैने ज़िला प्रशासन के इंतजाम को देखा है. एंट्री पर पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं. फ़ोर्स प्रयाप्त तादाद में आ चुकी है. पिछले बार के आंदोलन को देखते हुए जो सीखा था, उससे इस बार के इंतज़ाम काफी पुख्ता हैं. जो सामान लगाया गया है, उसे हिलाना मुश्किल होगा. ”

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