उत्तराखंड में सुरंग धंसने से 40 मजदूर फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

उत्तरकाशी में टनल धंसी

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    • Author, आसिफ अली
    • पदनाम, उत्तरकाशी से बीबीसी हिंदी के लिए

उत्तराखंड में यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर बन रही एक सुरंग के धंस जाने से उसमें काम कर रहे 40 मजदूर फंस गए हैं. मजदूरों को बचाने का काम जारी है.

यह सुरंग उत्तरकाशी जिले में सिल्कयारा और डांडलगांव को जोड़ने के लिए बनाई जा रही है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से फोन कर रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली है.

अधिकारियों ने आज सुबह बताया था कि इस सुरंग में फंसे मजदूर सुरक्षित हैं. उन्हें बाहर से ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है.

राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड के एक शीर्ष अधिकारी संदीप सुधेरा ने बताया है कि “सुरंग के अंदर से 21 मीटर तक मलबा बाहर निकाला जा चुका है. और 19 मीटर तक मलबा और बचा है”

सुंधेरा ने कहा है, “सिलक्यारा पोटल ( पोटल यानी सुरंग का मुखद्वार) से क़रीब 205 मीटर अंदर की तरफ़ से करीब 245 मीटर तक भूस्खलन हुआ है. 245 मीटर से आगे सुरंग सुरक्षित और ख़ाली है, जिसमें सभी फँसे हुए लोग सुरक्षित हैं.”

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इससे पहले सी.ओ उत्तरकाशी प्रशांत कुमार ने सोमवार सुबह टनल से बाहर आकर बताया, “अभी हम टनल के अंदर से ही आए हैं. बीती रात टनल में फंसे लोगों के साथ हमारा सम्पर्क हुआ था.”

“राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) की जो पाइप लाइन, यहां पानी और ऑक्सीजन सप्लाई कर रही है, उससे हमने वायरलेस के ज़रिये सम्पर्क करने की कोशिश की. उसकी मदद से हमने अंदर फंसे लोगों से कनेक्ट किया है. उन्होंने बताया है कि वे ठीक हैं.”

उन्होंने बताया, "बात वायरलेस से हो रही है, उसमें शाट सिग्नलस हैं. उसी से हमें पता लग पा रहा है कि वो ठीक हैं या उनको क्या चाहिये."

कुमार ने कहा, "बात करने के दौरान बीच में शोर भी बहुत होता है, मगर सभी लोग सुरक्षित हैं.”

एनएचआईडीसीएल के डायरेक्टर अंशु मनीष खालको ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, "स्थिति अभी ठीक है. करीब 40 वर्कर अंदर हैं, सभी सुरक्षित हैं. उनको हम खाना-पानी दे रहे हैं. उनसे हमारी बातचीत भी चल रही है. अंदर का टेरेन बहुत कमजोर है, बार-बार गिरता जा रहा है."

उन्होंने कहा, "एक तरीका होता है शॉर्ट क्रिटिंग, उससे हम कंक्रीट को स्प्रे करते हैं, ताकि वो एरिया सख्त हो जाए. उसके बाद हम मलबे को निकालते हैं. हम पूरी कोशिश कर रहे हैं."

उत्तराखंड में टनल धंसने से 40 लोग फंसे

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प्रशांत कुमार ने बताया, "सुरंग में फंसे लोगों की संख्या क़रीब 40 है.”

फंसे हुए मजदूरों में सिर्फ एक उत्तराखंड का है. बाकी लोग बिहार, पश्चिम बंगाल, यूपी, झारखंड, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के हैं.

सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स के राहतकर्मी स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ मिल कर काम कर रहे हैं.

सुरंग के पास से मलबा हटाने के लिए जेसीबी और दूसरी मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है.

उत्तरकाशी में टनल धंसने से 40 मजदूर फंसे

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'सुरंग में फंसे सभी लोग सुरक्षित'

उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि सुरंग के मुहाने के पास का एक हिस्सा 200 मीटर तक टूट गया था.

इसे बनाने का काम चल रहा था. उसी दौरान यह धंस गई. उन्होंंने कहा कि अभी तक सुरंग में फंसे सभी लोग सुरक्षित हैं.

उन्होंने बताया, ''रविवार सुबह लगभग सुबह पांच बजे हाईवे पर निर्माणाधीन सुरंग के सिल्क्यारा वाले मुहाने से 230 मीटर अंदर मलबा गिरा.''

''देखते-देखते 30 से 35 मीटर हिस्से से पहले हल्का मलबा गिरा और फिर अचानक भरभरा कर भारी मलबे और पत्थर गिरने लगे. इसके चलते सुरंग के अंदर काम कर रहे मजदूर अंदर ही फंस गए, वहीं मलबे की चपेट में आने से सुरंग की ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई."

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सुरंग में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकलना हमारी प्राथमिकता है.

इसके लिए पुलिस बल और राहत एवं बचाव दल की टीमें 24 घंटे मौके पर रेस्क्यू कार्य में जुटी रहेंगी. रेस्क्यू की अपडेट और सहायता के लिए उत्तरकाशी पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर +917455991223 भी जारी किया गया है.

कैसे हुआ हादसा?

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एडीजी कानून व्यवस्था एपी अंशुमान ने बताया, हादसा रविवार सुबह पांच बजे हुआ, सिल्क्यारा की ओर सुरंग से 200 मीटर की दूरी पर यह भूस्खलन हुआ है, जबकि जो मजदूर काम कर रहे थे वो वाहन द्वार के 2800 मीटर अंदर हैं.

कुछ मीडिया ख़बरों के मुताबिक़ जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि फंसे हुए लोगों के सामने 400 मीटर तक खाली जगह है. इसलिए इसमें वो चल-फिर सकते हैं. उनके पास दस घंटे के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन है.

सुरंग में फंसे लोगों को बचाने के लिए 13 मीटर चौड़े रास्ते में जेसीबी और पोकलेन मशीन चलाई जा रही है.

हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तरकाशी की घटना की जानकारी ली है.

उन्होंने सीएम धामी को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है.

धामी ने कहा कि घटना के बाद से वो लगातार अधिकारियों से संपर्क में हैं.

उन्होंने बताया, ''मैं लगातार अधिकारियों से संपर्क में हूं. हादसे की पूरी जानकारी है. एसडीआरएफ और एनडीआरएफ मौके पर मौजूद है. सभी की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं.''

 पुष्कर धामी

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उत्तराखंड में ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत उत्तरकाशी में नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी सुरंग बना रही है.

सुरंग नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की निगरानी में बन रही है. सुरंग के अगले साल फरवरी तक बन कर तैयार हो जाने की उम्मीद है

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