चमोली में करंट लगने से 16 लोगों की मौत, कई स्तरों पर लापरवाही

घायलों को हवाई रास्ते से अस्पताल पहुंचाया गया

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, घायलों को हवाई रास्ते से अस्पताल पहुंचाया गया
    • Author, आसिफ़ अली
    • पदनाम, उत्तराखंड से, बीबीसी हिंदी के लिए

चमोली में अलकनंदा नदी पर बने पुल के निकट नमामि गंगे परियोजना के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में बिजली का करंट लगने से 16 लोगों की मौत हो गई और आठ लोग घायल हुए हैं.

घायलों में से छह लोगों को हेलिकॉप्टर से हायर सेंटर ऋषिकेश एम्स रेफ़र किया गया है जबकि दो शख़्स ज़िला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती हैं, जिनकी स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है.

दरअसल, बुधवार की सुबह करीब 9.30 बजे चमोली में ख़बर फैली कि चमोली बाज़ार के समीप नमामि गंगे परियोजना के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में एक युवक मृत पड़ा हुआ है. मृत युवक की पहचान गणेश के रूप में हुई थी, जिसकी मौत करंट लगने से हुई थी.

गणेश जल संस्थान के कर्मचारी थे और नमामि गंगे परियोजना के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में मंगलवार की रात ड्यूटी पर थे.

बुधवार सुबह युवक के परिजनों और पुलिस के पहुँचने से पहले ही नमामि गंगे परियोजना के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर कुछ लोग जमा थे, जिन्होंने परिजनों और पुलिस को इसकी सूचना दी थी.

कुछ समय बाद मौक़े पर युवक के परिजन और पुलिस भी पहुंच गए. मौक़े पर पहुंचे परिजन परेशान थे और पुलिस अपनी कार्यवाही कर ही रही थी कि अचानक वहां करंट फ़ैल गया और वहां मौजूद लोग करंट की चपेट में आ गए.

घायलों को हेलीकॉप्टर से ले जाया गया

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, घायलों को हेलीकॉप्टर से ले जाया गया

चश्मदीद महेश कुमार की ज़ुबानी

नमामि गंगे परियोजना के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर सूचना पाकर मृतक गणेश के परिजनों में पिता महेंद्र और दो भाई सुरेश के साथ महेश पहुंचे थे.

जब अचानक वहां करंट फैला तो वो भी करंट की चपेट में आने से खुद को न बचा सके. करंट की चपेट में आये वहां मौजूद लोगों में मृत गणेश के पिता महेंद्र और भाई सुरेश की करंट लगने से मौत हो गई.

गणेश के अलावा एक ही परिवार के दो लोगों की और करंट लगने से अब वहीं मौत हो चुकी थी. इस हादसे में बचे गणेश के भाई महेश ने बीबीसी हिंदी को आपबीती सुनाई.

चश्मदीद महेश कुमार ने बीबीसी हिंदी को बताया, ''क़रीब 11 बजे इस हादसे के बारे में फ़ोन आया था. इसके बाद मैं अपने पिता महेंद्र और भाई सुरेश कुमार के साथ नमामि गंगे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर पहुंचे. वहां पहले से ही क़रीब 30 स्थानीय लोग मौजूद थे.''

''अभी हम संभल भी न पाये थे कि वहां क़रीब पांच मिनट बाद ही अचानक करंट फ़ैल गया और लोग करंट लगने से नीचे गिरने लगे. वहां दोनों तरफ़ लोहे की ग्रिल और जाली लगी थी.''

''इत्तेफ़ाक़ से मैं उन लोगों के बीच में सीधा खड़ा था. मेरे जूते सूखे थे और शायद और कुछ लोगों ने चप्पल और गीले जूते पहने थे जिससे उन्हें ज़्यादा करंट लगा. मुझे मेरे शरीर में कमर के हिस्से तक करंट का एहसास हुआ था, मगर मै ऊपर से नीचे ज़मीन पर कूद गया, शायद इसलिए बच गया.''

चमोली

क्या बताया चमोली के पडोसी गाँव के प्रधान ने

चमोली के पडोसी गाँव लासी के ग्राम प्रधान नयन कुंवर ने बताया, ''गणेश की मौत मंगलवार को ही हो गई थी और कुछ स्थानीय लोगों को भी इसकी जानकारी मिल गई थी. लेकिन लोगों ने इसकी सूचना परिजनों और पुलिस को बुधवार को दी.''

उन्होंने बताया कि, ''बुधवार को लोगों को करंट लगने के हादसे से पहले नमामि गंगे परियोजना के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर पुलिस अपनी कार्यवाही कर रही थी. गणेश के परिजन और कुछ ग्रामीण मांग कर रहे थे कि हम पुलिस को शव तब ले जाने देंगे जब तक नमामि गंगे का कोई अधिकारी यहाँ न आ जाए. वे आर्थिक मदद मांगने की बात कर रहे थे.''

चमोली हादसा

इमेज स्रोत, ANI

पुलिस मामले पर क्या कह रही है?

चमोली के एसपी प्रमेन्द्र डोभाल ने बताया, ''मंगलवार की रात जल संस्थान के कर्मचारी गणेश अपनी ड्यूटी पर थे. बुधवार की सुबह करीब 9.30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि नमामी गंगे सीवेज प्लांट पर पर डेड बॉडी पड़ी है.''

''पुलिस वहां पहुंची और पंचायतनामे की कार्यवाही कर ही रही थी कि वहां करंट फ़ैल गया. पुलिसकर्मियों के अलावा वहां पहले से कुछ लोग भी मौजूद थे. करंट लगने से कुल 24 लोग झुलस गए थे. जिनमे 16 लोगों की मौत हो गई है. इसमें उप निरीक्षक प्रदीप रावत (चौकी पीपलकोटी), होमगार्ड मुकंदे राम, होमगार्ड गोपाल और होमगार्ड सोबत लाल शामिल हैं.

चमोली थाने में जिस वक़्त नमामी गंगे सीवेज प्लांट पर पर डेड बॉडी होने का पहला फोन आया तब कॉन्स्टेबल कलर्क ''विमल सिंह'' भी वहीं मौजूद थे.

घायलों से मिलते सीएम पुष्कर सिंह धामी

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, घायलों से मिलते सीएम पुष्कर सिंह धामी

मीटर के बाद प्लांट पर दौड़ा करंट

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

यूपीसीएल चमोली के अधिशासी अभियंता अमित सक्सेना के मुताबिक, ''मंगलवार की रात को बिजली का तीसरा फेस डाउन हो गया था. बुधवार को सुबह तीसरे फेज को जोड़ा गया, जिसके बाद सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में करंट दौड़ गया. ट्रांसफॉर्मर से लेकर मीटर तक कहीं एलटी और एसटी के तार नहीं टूटे हैं, मीटर के बाद तारों में करंट दौड़ा है.''

अमित सक्सेना ने बताया कि, ''नमामि गंगे से कोई सूचना नहीं दी गई थी कि परिसर में करंट आ रहा है. ड्यूटी पर तैनात सब स्टेशन ऑपरेटर ने जब सुबह करीब 10 बजे चेक किया तब लाइन मैन महेंद्र को रिपोर्ट किया गया.

लाइन मैन नमामि गंगे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर गया और मीटर चेक किया. जहाँ उसने पाया कि फॉल्ट उस जगह से पीछे ( जहाँ से सप्लाई आ रही है) है. उसके बाद उसने 11 बजकर 15 मिनट पर शट डाउन लिया और 11 बजकर 25 मिनट पर वापस चालू कर दिया.''

उन्होंने बताया कि, ''उसके बाद सूचना आई कि नमामि गंगे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर हादसा हुआ है. जिस समय वहां काफी लोग इकठ्ठा थे. ठीक उस समय वहां मौजूद एक लोकल ऑपरेटर ने मेन स्विच ऑन कर दिया. मेरे अनुमान से के मुताबिक़ नमामि गंगे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की इंटर्नल वायरिंग से या फिर मोटर से करंट लीकेज हुआ, चूंकि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पूरा टीन से बना है, तो सभी जगह करंट फ़ैल गया, जिससे यह हादसा हुआ.''

आम तौर पर बरसात के दौरान बिजली यंत्रों के सही रख रखाव ना होने के कारण यह स्थिति पैदा होती है.

छोड़िए X पोस्ट
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त

जल संस्थान चमोली के सहायक अभियंता हरदेव आर्य ने बताया कि, ''इस ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन की ज़िम्मेदारी जय भूषण मालिक कंपनी के पास है.''

''नमामि गंगे ने जय भूषण मालिक कंपनी के साथ 15 सालों का पहले से ही अनुबंध किया है. लिहाज़ा प्लांट की सारी ज़िम्मेदारी जय भूषण मालिक कंपनी की ही है.''

आर्य ने बताया कि, ''जल संस्थान अभी सिर्फ़ इस प्लांट की देखरेख की ज़िम्मेदारी का ही निर्वहन करता है.''

इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुःख व्यक्त करते हुए ज़िलाधिकारी को घटना की जांच कराने के आदेश दिए हैं. इसके अलावा मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 1-1 लाख रुपए की राहत राशि अविलंब प्रदान करने के निर्देश दिए हैं.

धामी बुधवार को दोपहर में चमोली के लिए रवाना हुए थे, लेकिन मौसम ख़राब होने की वजह से हेलिकॉप्टर को वापस देहरादून लौटना पड़ा. इसके बाद मुख्यमंत्री धामी ने एम्स ऋषिकेश जाकर जनपद चमोली की दुखद घटना के छह घायलों का हालचाल जाना. हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दुर्घटना में मृतक लोगों की प्रति शोक व्यक्त किया है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)