साक्षी मलिक के कुश्ती को अलविदा कहने पर कांग्रेस ने उपराष्ट्रपति धनखड़ को क्यों घेरा?

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बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह के भारतीय कुश्ती महासंघ के नए अध्यक्ष चुने जाने के बाद पहलवान साक्षी मलिक ने कुश्ती को अलविदा कह दिया है.
साक्षी मलिक ने कहा, "एक बात और कहना चाहूंगी कि अगर प्रेसीडेंट बृजभूषण जैसा आदमी ही रहता है, जो उसका सहयोगी है, उसका बिजनेस पार्टनर है. वो अगर इस फेडरेशन में रहेगा तो मैं अपनी कुश्ती को त्यागती हूं. मैं आज के बाद आपको कभी भी वहां नहीं दिखूंगी."
साक्षी मलिक उन कुश्ती पहलवानों में से एक हैं जिन्होंने इसी साल जनवरी में कुश्ती महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ऊपर यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए थे.
बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ़्तारी की मांग करते हुए साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया समेत तमाम खिलाड़ियों ने कई हफ़्तों तक दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था.
इस मामले में बृजभूषण सिंह के ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर में भारतीय दंड संहिता की 354 , 354-ए, 354-डी और 506(1) जैसी धाराएं लगाई गयी हैं.
मिमिक्री विवाद

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साक्षी मलिक ने अपने संन्यास का एलान करते हुए एक्स पर लिखा, "मैंने देश के लिए जितने भी पुरस्कार जीते हैं आप सब के आशीर्वाद से जीते हैं, मैं आप सभी देशवासियों की हमेशा आभारी रहूंगी. कुश्ती को अलविदा."
हालांकि, साक्षी मलिक के कुश्ती छोड़ने को अब 'जाट समाज' के अपमान और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से जोड़ा जा रहा है.
दरअसल, इसकी भूमिका में संसद परिसर में कुछ दिन पहले ही टीएमसी सांसद की ओर से की गई जगदीप धनखड़ की मिमिक्री है.
इस विवाद के सामने आने के बाद उपराष्ट्रपति धनखड़ ने इसे 'जाट समाज' का अपमान बताया था, क्योंकि वह इसी समुदाय से आते हैं.
अब साक्षी मलिक के कुश्ती छोड़ने पर जगदीप धनखड़ को निशाने पर लेते हुए कांग्रेस कह रही है कि असल में ये जाटों का अपमान है, लेकिन उपराष्ट्रपति अब चुप हैं.
पूरा मामला क्या है?

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संसद का शीतकालीन सत्र हंगामे से भरपूर रहा. इस दौरान विपक्ष के कई सांसदों को संस्पेंड किया गया. इस निलंबन के ख़िलाफ़ बीते मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में ही प्रदर्शन किया.
इसी दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने राज्यसभा के उपसभापति जगदीप धनखड़ के हाव-भाव की नकल करते हुए उनकी मिमिक्री की. उस वक़्त कांग्रेस नेता राहुल गांधी कल्याण बनर्जी का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे. इसकी वजह से उन्हें भी आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा.
इस पूरे घटनाक्रम पर उपराष्ट्रपति धनखड़ ने उपराष्ट्रपति ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह हास्यास्पद और अस्वीकार्य है कि एक सांसद मजाक उड़ा रहा है और दूसरा सांसद उस घटना का वीडियो बना रहा है.
इसके बाद पूरे विवाद को सत्ताधारी बीजेपी ने जाट और किसान समुदाय से जोड़ दिया. बीजेपी के साथ-साथ खुद उपराष्ट्रपति धनखड़ ने विपक्ष पर जाट समाज और उनकी पृष्ठभूमि का अपमान करने का आरोप लगाया.
अब आते हैं गुरुवार के घटनाक्रम पर.
गुरुवार का घटनाक्रम

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भारतीय कुश्ती महासंघ के नए अध्यक्ष के रूप में चुने जाने पर संजय सिंह ने कहा, "अब कैंप (कुश्ती के लिए) आयोजित किए जाएंगे...जिनको कुश्ती करनी है वो कुश्ती कर रहे हैं, जो राजनीति करना चाहते हैं वे राजनीति करें..."
संजय सिंह राजनीति शब्द का इस्तेमाल करते हुए जिस विवाद की ओर इशारा कर रहे थे, वो विवाद बृजभूषण शरण सिंह के ऊपर महिला खिलाड़ियों की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़ा हुआ माना गया.
संजय सिंह की जीत के बाद पहलवानों ने दिल्ली के प्रेस क्लब में एक प्रेसवार्ता रखी.
साक्षी मलिक ने कहा, "लड़ाई लड़ी, पूरे दिल से लड़ी... हम 40 दिनों तक सड़कों पर सोए और देश के कई हिस्सों से बहुत सारे लोग हमारा समर्थन करने आए. सभी देशवासियों को धन्यवाद जिन्होंने आज तक मेरा इतना सपोर्ट किया."
इसी दौरान साक्षी मलिक ने कुश्ती छोड़ने का एलान कर दिया. उन्होंने रोते हुए अपने कुश्ती वाले जूते टेबल पर रख दिए.
साक्षी मलिक के पहलवानी छोड़ने पर उनके साथ प्रदर्शन में शामिल रहे अन्य पहलवान विनेश फोगाट, गीता फोगाट और बजरंग पूनिया ने भी निराशा ज़ाहिर की है. गीता फोगाट ने इसे बेहद 'दु:खद' बताया है.
विनेश फोगाट ने शिवमंगल सिंह 'सुमन' की कविता शेयर की है.
इसके शब्द कुछ इस तरह हैं, 'वरदान मांगूंगा नहीं. ये हार एक विराम है, जीवन महासंग्राम है. तिल-तिल मिटूंगा पर दया की भीख मैं लूंगा नहीं'.
सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं लोग?

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कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार सुबह इस पूरे मामले पर प्रेसवार्ता की.
इस दौरान पार्टी नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, "ब्रजभूषण का तंत्र + मोदी सरकार का सहयोगी मंत्र = न्याय से षड्यंत्र!"
उन्होंने कहा, "पहलवान बेटियों के यौन शोषण के आरोपी भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह के असिस्टेंट संजय सिंह के चुनाव जीतने के बाद ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली महिला पहलवान साक्षी मलिक का संन्यास लेना भारत के खेल इतिहास में एक काला अध्याय है."
"किसान की पहलवान बेटी की आंख से निकला हर आंसू मोदी सरकार की बेशर्मी का प्रमाण है. बीजेपी का नारा है- बेटी रुलाओ, बेटी सताओ और बेटियों को घर बिठाओ."
इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने साक्षी मलिक का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह प्रेस कॉन्फ़्रेंस के बाद रोते हुए बाहर जाती दिख रही हैं.
इसके साथ उन्होंने लिखा, "ये भारत की बेटी है, जिसने भारत का नाम विश्व में रोशन किया. लेकिन आज मोदी जी की बदौलत कुश्ती से संन्यास लेने का कदम उठाना पड़ा. उम्मीद है आज उपराष्ट्रपति जी को ज़रूर गुस्सा आएगा. और हां साक्षी मलिक भी जाट हैं."

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श्रीनिवास ने इंस्टाग्राम पर भी साक्षी मलिक के जूते रखते और रोते हुए वीडियो शेयर किया. साथ में लिखा, "उपराष्ट्रपति महोदय, साक्षी मलिक भी एक जाट की ही बेटी हैं. क्या आपको इनकी चीखें सुनाई नहीं देती? क्या अब आप अपमानित महसूस नहीं कर रहे हैं?"
समाजवादी पार्टी से जुड़े डॉक्टर आशुतोष वर्मा पटेल ने लिखा है, "साक्षी मलिक जाट समाज से आती हैं. मिमिक्री को जाट समाज का अपमान बताने वाले उपराष्ट्रपति साहब अपने समाज की बेटी का दर्द कब समझेंगे? देश के लिए मेडल जीतने वाली बेटी की आंखों में आंसू हैं. वह अपने खेल को ही त्याग रही है. जब दिल्ली में पहलवान बेटी धरने पर बैठी थी तो साहब को जाट समाज का अपमान याद नहीं आया."
वहीं, राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के नेता रोहित अग्रवाल ने लिखा है, "श्री जगदीप धनखड़ जी, यह जाट समाज की बेटी है, इस बेटी ने भाजपा सांसद के ऊपर यौन शोषण का आरोप लगाया है, कृपया इस पर संज्ञान लें. कॉमनवेल्थ के तीनों मेडल, एशिया चैम्पियनशिप में 5 मेडल, ओलंपिक में मेडल जीतने वाली, पहली भारतीय महिला पहलवान का नाम साक्षी मलिक है. जिसने आज न्याय नहीं मिलने की वजह से संन्यास ले लिया है."
इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल ने भी साक्षी मलिक का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "न्याय की भीख मांगते-मांगते हार कर साक्षी मलिक ने कुश्ती छोड़ने का एलान कर दिया. जाट महिला पहलवान फूट-फूट कर रो रही हैं लेकिन इनको इंसाफ़ दिलाने वाला कोई नहीं."
एक एक्स यूज़र ने लिखा है, "किसान समाज की महिला पहलवान ने रोते हुए कुश्ती से लिया संन्यास. मिमिक्री से आहत होने वाले धनखड़ साहब को कोई बताये इन महिला पहलवानों की जाती भी जाट ही है और किसान पुत्री है. कुछ तो बोलिए इन जाट पहलवानों पर."
एक अन्य यूज़र ने लिखा, "यौन शोषण के आरोपी बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह बने कुश्ती संघ के अध्यक्ष. दुखी होकर साक्षी मलिक ने लिया संन्यास. उम्मीद है जगदीप धनखड़ साहब तक पहलवान बेटी की आवाज़ पहुंचेगी और थोड़े दुखी वो भी होंगे."
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