ट्रंप ने चुनाव जीतने से पहले ही भारत पर साधा निशाना

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डोनाल्ड ट्रंप जब 2016 में पहली बार राष्ट्रपति बने तो भारत की कई नीतियों पर अपनी आपत्ति जता चुके थे.
एक बार फिर से वह चुनावी मैदान में हैं और भारत पर निशाना साधने लगे हैं. ये अलग बात है कि भारत के कुछ हिन्दूवादी संगठन ट्रंप को लेकर उत्साहित रहते हैं.
ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार हैं और इन दिनों चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं.
पिछले हफ़्ते ही मिशिगन की एक चुनावी रैली में ट्रंप चीन पर बात करते हुए भारत की आर्थिक नीति पर बरस पड़े.
ट्रंप ने कहा, ''अगर आप चीन में कुछ बनाना चाहते हैं तो वो चाहेंगे कि हम चीज़ें यहां बनाएं और वहां भेजें. फिर वो आप पर 250 फ़ीसदी टैरिफ लगाएंगे. हम ये नहीं चाहते. फिर आपको निमंत्रण मिलता है कि आइए अपना प्लांट लगाइए. फिर ये कंपनियां वहां जाती हैं.''
इसी के बाद ट्रंप ने भारत का ज़िक्र किया. ट्रंप ने कहा, ''हार्ले डेविडसन के साथ भारत ने भी यही किया. हार्ले डेविडसन 200 फ़ीसदी टैरिफ लगाए जाने के कारण अपनी बाइक वहाँ नहीं बेच पाई.''

ट्रंप ने भारत को लेकर और क्या कहा?
ट्रंप ने चुनावी रैली में कहा, ''हार्ले डेविडसन के मुखिया मुझसे वाइट हाउस में मिले थे. मैं बहुत निराश हुआ.''
हार्ले-डेविडसन दुनिया की जानी-मानी बाइक कंपनी है. इस कंपनी की बाइक लाखों रुपये की होती हैं और सुपरबाइक कहलाने वाली हार्ले डेविडसन रईसों के बीच काफ़ी लोकप्रिय रहती है.
साल 2018 में कंपनी ने भारत ने पांच से 50 लाख रुपये तक की बाइक लॉन्च की थी.
ट्रंप ने कहा, ''मैंने हार्ले डेविडसन कंपनी के मुखिया से पूछा कि भारत में आपका व्यापार कैसा चल रहा है. जवाब मिला कि अच्छा नहीं चल रहा. हम 200 फ़ीसदी टैरिफ क्यों दे रहे हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो हम अगर बाइक बेचते हैं तो वो हम पर इतना ज़्यादा टैक्स लगाते हैं.''
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ''मैंने उनसे कहा कि अगर 200 फ़ीसदी टैरिफ लग रहा है तो आप वहां बाइक नहीं बेच पाएंगे. लेकिन भारत ने हार्ले डेविडसन को प्लांट लगाने के लिए आमंत्रित किया था और कंपनी गई भी. कंपनी शायद प्लांट बना रही है. ये देश इस तरह से काम कर रहे हैं. मैं इसके लिए भारत को ज़िम्मेदार नहीं ठहराऊंगा. मैं इसके लिए ख़ुद को ज़िम्मेदार मानता हूं कि हमने ऐसा होने दिया. अब आगे से ऐसा नहीं होगा.''


क्या भारत वाक़ई 200 फ़ीसदी टैरिफ लगाता है?
ट्रंप के पुराने बयानों पर ही गौर किया जाए तो वो 2017 से 2024 तक अलग-अलग टैरिफ की बात कर चुके हैं.
ट्रंप ने सबसे पहले 2017 में अमेरिकी कांग्रेस के सामने भी ये मुद्दा उठाया था.
साल 2018 में ट्रंप ने कहा था कि भारत का इन बाइक पर 60-75% टैक्स लगाना ग़लत है और नरेंद्र मोदी ने इसे घटाकर 50 फ़ीसदी किया था.
2019 में भी ट्रंप ने कहा था- भारत ने अमेरिकी मोटर साइकिलों पर निर्यात शुल्क 100 फ़ीसदी से घटाकर 50 फ़ीसदी कर दिया है लेकिन ये अब भी बहुत ज़्यादा है और स्वीकार नहीं किया जा सकता.
ट्रंप ने कहा था, ''हम मूर्ख देश नहीं हैं. आप भारत को देखिए. नरेंद्र मोदी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं. आप देखिए कि उन्होंने क्या किया है. मोटर साइकिल पर 100 फ़ीसदी टैक्स लगाते हैं. हम उन पर कुछ टैक्स नहीं लगाते हैं. एक फोन कॉल पर मोदी ने टैक्स 50 फ़ीसदी घटा दिया. ये अब भी अस्वीकार्य है. भारत इस पर काम कर रहा है.''
हालांकि इकोनॉमिक टाइम्स ने 2018 की अपनी रिपोर्ट में बताया था कि हार्ले डेविडसन को भारत की ज़्यादा ज़रूरत है. अख़बार ने दुनिया के कई देशों में हार्ले डेविडसन की बिक्री घटने की बात कही थी.
अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक, जब ट्रंप के भारत के 100 फ़ीसदी निर्यात शुल्क लगाने की बात कह रहे थे, तब टैक्स 75 फ़ीसदी था.
जब ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति थे, तब हार्ले डेविडसन कंपनी का भारत में मार्केट शेयर घटा था. 2013 में लग्जरी सेग्मेंट में कंपनी की भारत में हिस्सेदारी 92 फ़ीसदी थी. 2018 में ये घटकर 56 फ़ीसदी हो गई थी.
हालांकि जब ट्रंप ने 2018 ये बातें कही थीं तो भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की थी. ट्रंप मोदी की बातचीत के बारे में जारी हुए बयान में भी हार्ले डेविडसन का ज़िक्र नहीं मिला था.

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ट्रंप भारत को लेकर क्या कुछ कह चुके हैं?
ट्रंप राष्ट्रपति बनने के बाद फरवरी 2020 में भारत भी आए थे. तब गुजरात के मोटेरा स्टेडियम में ट्रंप के स्वागत के लिए 'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम आयोजित किया गया था.
बाद में पीएम मोदी जब अमेरिका गए थे तो भारतीय मूल के लोगों के बीच हुए कार्यक्रम में ट्रंप भी मौजूद रहे थे.
इस कार्यक्रम को हाउडी मोदी नाम दिया गया था.
हालांकि ट्रंप अपने मिजाज़ के हिसाब से भारत को लेकर अलग-अलग मौक़ों पर बयान देते रहे हैं.
नवंबर 2019 में ट्रंप ने प्रदूषण को लेकर भारत को निशाने पर लिया था.
तब भारत के कई हिस्सों में एयर क्वॉलिटी इंडेक्स ख़तरनाक स्तर पर पहुंच गया था.
ट्रंप ने कहा था, ''भारत, चीन और रूस की गंदगी बहती हुई लॉस ऐंजिलिस तक पहुंच रही है. आपको पता है कि यहां एक समस्या है. तुलनात्मक रूप से हमारे पास ज़मीन का छोटा टुकड़ा है. अगर आप चीन, रूस और भारत जैसे और देशों से तुलना करें तो ये सफ़ाई और धुआं को रोकने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं. ये अपनी गंदगी समंदर में डाल रहे हैं और बहते हुए लॉस ऐंजिलिस तक पहुंच रही है.''
हालांकि राष्ट्रपति बनने के फौरन बाद ट्रंप ने पाकिस्तान पर 'आतंकवाद को शह' देने आरोप लगाया था. भारत भी यही रुख़ अपनाता रहा है.
गलवान में हिंसक झड़प के बाद भी ट्रंप ने मध्यस्थता की बात कही थी, जिसे भारत ने ख़ारिज कर दिया था. ट्रंप ने इस मामले में चीन का साथ दिया था.
अमेरिका चीन को अपना प्रतिद्वंदी मानता है और समय-समय पर दूसरे तरीक़ों से इसका अहसास चीन को कराता रहता है.
बतौर राष्ट्रपति कार्यकाल पूरा होने से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने एच1B वीज़ा की व्यवस्था में भी काफ़ी बदलाव किए थे.
ट्रंप के इस फ़ैसले से सबसे ज़्यादा भारतीय प्रभावित हुए थे.

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ट्रंप राष्ट्रपति बने तो भारत का रुख़ क्या रहेगा
इंडियन एक्सप्रेस अख़बार में अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार सी राजा मोहन ने ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने की स्थिति में भारत की विदेश नीति के सामने कुछ चुनौतियां बताई हैं.
ये चुनौतियां उन पांच मुद्दों से संबंधित हैं, जिनसे भारत अमेरिका के रिश्तों पर असर हो सकता है. ये असर सकारात्मक भी हो सकता है और चुनौती भी बढ़ा सकता है.
- व्यापार और आर्थिक वैश्वीकरण
- सुरक्षा और सहयोगी
- लोकतंत्र और दखल
- प्रवासी और खुली सरहदें
- जलवायु और ऊर्जा












