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द्रविड़ और गंभीर की रिकॉर्ड साझेदारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गौतम गंभीर और राहुल द्रविड़ की शानदार साझीदारी की बदौलत भारत ने अपनी पहली पारी में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ अंतिम टेस्ट में 453 रन का स्कोर खड़ा किया है. मोहाली में खेले जा रहे टेस्ट मैच में भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज़ गौतम गंभीर ने 179 रन बनाए जबकि सहवाग के आउट होने के बाद मैदान पर उतरे राहुल द्रविड़ ने 136 रनों का योगदान दिया. दूसरे विकेट के लिए दोनों बल्लेबाज़ों ने 314 रन का की रिकॉर्ड साझीदारी की. भारत का पहला विकेट सिर्फ़ छह रन के स्कोर पर गिर गया था जब वीरेंदर सहवाग बिना कोई रन बनाए ब्रॉड की गेंद पर प्रियर को कैच दे बैठे. इसके बाद इंग्लैंड के गेंदबाज़ों और फ़ील्डरों को अगला विकेट हासिल करने के लिए बहुत पसीना बहाना पड़ा, भारत का दूसरा विकेट 320 रन पर गिरा जब गंभीर स्वान की गेंद पर आउट हो गए. गंभीर के आउट होने के बाद 329 रन के कुल स्कोर पर भारत का अगला विकेट राहुल द्रविड़ के रूप में गिरा, उन्होंने 136 रन बनाए. पिछले टेस्ट मैच में शतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर सिर्फ़ 11 रन के निजी स्कोर पर स्वान की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए. उनके बाद आए वीवीएस लक्ष्मण भी सहवाग की ही तरह खाता खोले बिना एंड्रू फ्लिंटॉफ़ का शिकार बने. राहुल द्रविड़ और गौतम गंभीर के अलावा भारत का कोई और बल्लेबाज़ जमकर नहीं खेल सका. सहवाग, लक्ष्मण, सचिन, युवराज और धोनी कुछ ख़ास नहीं कर सके अन्यथा भारत का स्कोर काफ़ी ऊँचा हो सकता था. युवराज स्पिनर मोंटी पनेसर का शिकार बने, उन्होंने कुल 27 रन बनाए जबकि महेंद्र सिंह धोनी भी 24 रन से आगे नहीं बढ़ सके. बाद में हरभजन सिंह और अमित मिश्रा ने बल्लेबाज़ न होने के बावजूद क्रमश 24 और 23 रनों की अच्छी पारी खेली. इंग्लैंड की ओर से सबसे सफल गेंदबाज़ रहे फ्लिंटॉफ़ जिन्होंने 54 रन देकर तीन विकेट लिए. भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया था. इंग्लैंड टीम केविन पीटरसन (कप्तान), एंड्रयू स्ट्रॉस, एलेस्टर कुक, इयन बेल, पॉल कॉलिंगवुड, एंड्रयू फ़्लिंटफ़, मैट प्रायर, ग्रैम स्वान, स्टुआर्ट बोर्ड, जेम्स एंडरसन और मोंटी पनेसर भारतीय टीम |
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