|
'द्रविड़ को आराम दिए जाने की ज़रूरत' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष दिलीप वेंगसरकर का मानना है कि राहुल द्रविड़ को थोड़े समय के लिए विश्राम दिया जाना चाहिए. मीडिया से मुंबई में बातचीत में वेंगसरकर ने कहा,'' राहुल महान बल्लेबाज़ हैं लेकिन उनकी ख़राब फॉर्म काफ़ी लंबी खिच गई है. उन्हें आराम दिए जाने की ज़रूरत है. वो प्रथम श्रेणी के कुछ मैच खेल सकते हैं और अपनी खोई फॉर्म को वापस पा सकते हैं तब उन्हें वापस लाया जा सकता है.'' ये पूछे जाने पर कि क्या राहुल द्रविड़ को अवकाश ले लेना चाहिए तो वेंगसरकर का कहना था,'' वो महान खिलाड़ी हैं और ये उन पर निर्भर करता है और वो ही बेहतर जानते हैं कि उन्हें कब ये फ़ैसला करना है.'' ख़बरें हैं कि भारतीय चयन समिति के अध्यक्ष कृष्णामचारी श्रीकांत ने मोहाली टेस्ट से पहले राहुल द्रविड़ से उनकी फॉर्म के बारे में बात की है. ग़ौरतलब है कि द्रविड़ की ख़राब फॉर्म चेन्नई टेस्ट में भी जारी रही. वो श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ में भी कुछ कर नहीं पाए थे. हालांकि राहुल द्रविड़ 'मिस्टर भरोसेमंद' के नाम से जाने जाते हैं. उन्होंने टेस्ट मैचों में 25 शतक और 53 अर्धशतक जमाए हैं. लेकिन पिछली 19 पारियों से उनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है. मैच से पहले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने उम्मीद जताई थी कि द्रविड़ चेन्नई में अपनी लय में लौट आएंगे, लेकिन वो दोनों पारियों में सिर्फ़ तीन और चार रन ही बना सके. चेन्नई टेस्ट के हीरो सचिन तेंदुलकर ने भी राहुल द्रविड़ का बचाव किया है. उनका कहना था,'' ऐसा सभी के साथ होता है, लेकिन वो अच्छे नहीं महान बल्लेबाज़ हैं.'' तेंदुलकर का कहना था,'' ऐसा पहली बार नहीं है कि किसी खिलाड़ी के साथ ऐसी समस्या आई हो. कभी आप अपने शीर्ष पर होते हैं तो कभी निचले स्तर पर. मैंने भी ऐसा दौर देखा है.'' इधर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने खिलाडि़यों के वार्षिक क़रार में उनका 'ए' ग्रेड बरकरार रखा है. ग़ौरतलब है कि राहुल द्रविड़ ने अपनी बल्लेबाज़ी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कप्तानी छोड़ दी थी. |
इससे जुड़ी ख़बरें सचिन के आगे इंग्लैंड ने घुटने टेके15 दिसंबर, 2008 | खेल की दुनिया 'द्रविड़ के साथ अन्याय हुआ है'28 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया राहुल द्रविड़ को लड़कियाँ भैया कहती हैं06 मार्च, 2008 | खेल की दुनिया मेंडिस ही एकमात्र ख़तरा नहीं हैं: द्रविड़21 जुलाई, 2008 | खेल की दुनिया बूढ़े शेरों की सवारी कब तक?14 सितंबर, 2008 | खेल की दुनिया द्रविड़ को सिरीज़ जीतने की उम्मीद26 अक्तूबर, 2008 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||