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'अब तक की सबसे संघर्षपूर्ण जीत' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ शानदार जीत के बाद भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि ये उनकी कप्तानी में अभी तक की सबसे संघर्षपूर्ण जीत है. भारत ने इंग्लैंड को दो टेस्ट मैचों की सिरीज़ के पहले मैच में छह विकेट से हरा दिया. मीडिया से बातचीत में धोनी का कहना था,'' ये अभी तक की सबसे कठिन जीत है. टेस्ट मैच के पहले तीन दिन हम मैच में थे ही नहीं. न हमारी बल्लेबाज़ी अच्छी थी और न ही गेंदबाज़ी. लेकिन आख़िरी दो दिनों में हमने मैच जीत लिया.'' भारतीय कप्तान का कहना था, '' ये सच है कि सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह ने बढ़िया बल्लेबाज़ी की, लेकिन जीत की नींव वीरेंदर सहवाग ने रखी थी.'' उनका कहना था कि सहवाग अगर जोरदार शुरुआत नहीं देते तो हम मैच बचाने के लिए खेलते न कि जीतने के लिए. उल्लेखनीय है कि इंग्लैंड ने भारत के सामने जीत के लिए 387 रनों का लक्ष्य रखा था. मैच के आख़िरी दिन सचिन और युवराज की बेहतरीन साझेदारी की बदौलत भारत ने ये लक्ष्य चार विकेट गवांकर हासिल कर लिया. सचिन तेंदुलकर ने शानदार नाबाद शतक जड़ा तो युवराज सिंह ने नाबाद 85 रन बनाए. वीरेंदर सहवाग को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया. दूसरी पारी में 83 रनों की उनकी आतिशी पारी ने ही भारत की जीत का आधार रखा था. |
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