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विश्व विजेता टीम का सम्मान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के प्रसिद्ध लार्ड्स के मैदान में 25 जून, 1983 को क्रिकेट विश्व कप जीतकर इतिहास रचने वाली कपिल देव की टीम का भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने रविवार को दिल्ली में सम्मानित किया. ग़ौरतलब है कि 25 बरस पहले कपिल देव की टीम ने विश्व कप जीतकर भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक सुनहरा अध्याय लिखा था. बीसीसीआई के अध्यक्ष शरद पवार और खेल मंत्री एमएस गिल ने 1983 में विश्व कप जीतने वाली टीम के सभी सदस्यों को 25-25 लाख के चेक सौंपे. विश्व कप विजेता टीम के सभी खिलाड़ी इस समारोह में मौजूद थे. इन खिलाडियों में कप्तान कपिल देव, उपकप्तान मोहिंदर अमरनाथ, दिलीप वेंगसरकर, सुनील गावस्कर, सैयद किरमानी, संदीप पाटिल, कृष्णामाचारी श्रीकांत, यशपाल शर्मा, मदन लाल, रोजर बिन्नी, बलविंदर सिंह संधू, सुनील वाल्सन, रवि शास्त्री, कीर्ति आजाद और संदीप पाटिल शामिल थे. इस सम्मान समारोह में कपिल ने कहा,'' विश्व कप जीतने के बाद हमें अपने देश के लोगों से जो प्यार मिला है, वह अनमोल है. मैं अपनी टीम के खिलाड़ियों को धन्यवाद देना चाहता हूँ जिनके बिना ये विश्व कप जीत संभव नहीं हो पाता.'' कपिल की तारीफ़ इस अवसर पर सुनील गावस्कर ने कपिल देव की प्रशंसा की और कहा, '' हमें एक ऐसे व्यक्ति की ज़रूरत थी जो हमें रास्ता दिखा सके. कपिल वही व्यक्ति थे जिन्होंने ज़िम्बाव्वे के ख़िलाफ़ 175 रन की शानदार पारी खेलकर हमें विश्व कप जीतने का आत्मविश्वास दिया.'' बीसीसीआई के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा, ''1983 में विश्व कप की जीत पूरी तरह टीम प्रयास की जीत थी. इस जीत ने भारतीय क्रिकेट में नए अध्याय की शुरुआत की. हमने पिछले वर्ष ट्वेंटी 20 विश्व कप जीता और हम उम्मीद करते हैं कि 2011 में होने वाले विश्व कप में हम इतिहास दोहराएंगे.'' इस अवसर पर कपिल और सुनील गावसकर को टीम के बाक़ी सदस्यों के हस्ताक्षर वाला एक विशेष बल्ला भी भेंट किया गया जिसकी बाद में नीलामी की जाएगी. ग़ौरतलब है कि कपिल देव की कप्तानी में भारत ने 1983 में पहली बार विश्व कप जीता था. लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए फ़ाइनल में भारत ने दो बार की विजेता वेस्टइंडीज़ को हराया था. |
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