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बीसीसीआई को कपिल देव की चुनौती | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को चुनौती देते हुए कहा है कि यदि वह चाहे तो प्रतिद्वंद्वी क्रिकेट लीग में शामिल होने के कारण उन्हें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख के पद से हटा दे. कपिल देव एस्सेल समूह की इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) की कार्यकारी समिति के चेयरमैन बन गए हैं और इसे लेकर बीसीसीआई से उनकी तनातनी चल रही है. बीसीसीआई ने एक पत्र लिखकर कपिल देव से कहा था कि वे आईसीएल में शामिल न हों लेकिन कपिल देव पर इसका कोई असर नहीं हुआ. उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई ने निर्णय लिया था कि किसी भी व्यक्ति या खिलाड़ी को एक समय पर दोनों संस्थाओं में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी. एक टेलीविज़न चैनल से कपिल देव ने कहा, "मैंने बीसीसीआई को जवाब भेज दिया है." उन्होंने चुनौती देने के अंदाज़ में कहा, "यदि वे मुझे राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी से हटाना चाहते हैं, तो हटा दें." उनका कहना था, "वे चाहते हैं कि मैं क्रिकेट के लिए योगदान दूँ और जब मैं ऐसा कर रहा हूँ तो वे मुझे चुनौती नहीं दे सकते." समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पूर्व ऑलराउंडर कपिल देव ने कहा, "यदि मैं क्रिकेट और युवा खिलाड़ियों के लिए इंडियन क्रिकेट लीग के माध्यम से कुछ कर सकता हूँ तो मैं इससे परहेज़ नहीं करूँगा." कपिल देव इस बात से भी नाराज़ थे कि बीसीसीआई ने आईसीएल से जुड़ने वाले पूर्व क्रिकेटरों की पेंशन बंद कर देने का फ़ैसला किया है. उन्होंने कहा, "मैं उनसे पेंशन नहीं मांगने जा रहा हूँ, यदि वे पेंशन बंद करना चाहते हैं तो बंद कर दें." इस सवाल पर कि क्या उन्हें नहीं लगता कि आईसीएल में जाने से पहले उन्हें बीसीसीआई से पूछ लेना चाहिए था, उन्होंने कहा, "हर छोटी-मोटी बात बीसीसीआई से पूछने की ज़रुरत नहीं है." उल्लेखनीय है कि हाल ही में भारतीय टीम के पूर्व मुख्य चयनकर्ता किरण मोरे ने बड़ोदा क्रिकेट बोर्ड के सचिव पद से इस्तीफ़ा देकर आईसीएल में शामिल होने का फ़ैसला किया है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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