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'संभाल ना पाएँ तो तोहफ़े वापस कर दें' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जानेमाने क्रिकेटर और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के बीच एक बार फिर से तकरार पैदा होने के संकेत हैं. अब कपिल देव ने पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) के सचिव एमपी पांडोव को पत्र में लिखा है कि यदि पीसीए उन तोहफ़ों और स्मृति चिह्नों को संभाल नहीं सकता जो उन्होंने पीसीए को भेंट किए थे, तो वह ये सारी सामग्री उन्हें लौटा दे. कुछ हफ़्ते पहले मीडिया में इस तरह की ख़बरें आई थीं कि पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ने मोहाली स्थित स्टेडियम से कपिल देव के एक बड़े से पोस्टर को हटा दिया है. कुछ भारतीय टीवी चैनलों से बात करते हुए कपिल देव ने बुधवार को कहा, "मुझे मीडिया के माध्यम से पता चला था कि मेरे पोस्टर को उन्होंने स्टेडियम से हटा दिया है. मैंने पीसीए को लिखा है कि यदि वे मेरे गिफ़्ट और स्मृति चिह्नों को ठीक से नहीं रख सकते तो कृपया वे मुझे लौटा दें." 'स्मृति चिह्नों का सम्मान' कपिल देव ने मीडिया से बातचीत में आगे कहा कि पीसीए के सचिव पांडोव ने जो उन्हें जवाब भेजा है उससे वे संतुष्ट है और अब ये कोई मुद्दा नहीं है. पीसीए के अध्यक्ष आईएस बिंद्रा ने इस प्रसंग में किसी भी तरह के विवाद से इंकार किया है. उन्होंने मीडिया को बताया, "तेज़ हवा की वजह से उनके पोस्टर उखड़ गए थे. जैसे ही पोस्टर दोबारा लगाने लायक स्थिति में होगा, हम ज़ल्दी से उसे फिर से स्टेडियम में लगाएँगे. इस घटना में इससे ज़्यादा और कुछ नहीं है." उधर पीसीए के अधिकारियों का कहना है कि वे कपिल देव के तोहफ़े और स्मृति चिह्नों का सम्मान करते हैं. उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई ने वर्ष 2007 में कपिल देव को एस्सेल ग्रुप की इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) से जुड़ने के बाद नेशनल क्रिकेट अकादमी के अध्यक्ष के पद से बर्ख़ास्त कर दिया था. इसके साथ ही उनकी पेंशन का भुगतान भी रोक दिया गया. | इससे जुड़ी ख़बरें मुझे मेरी पेंशन लौटाओ:कपिल14 फ़रवरी, 2008 | खेल की दुनिया क्रिकेट बोर्ड ने हटाया कपिलदेव को21 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया 'आईसीएल-आईपीएल में हो मुक़ाबला'15 दिसंबर, 2007 | खेल की दुनिया बीसीसीआई को कपिल देव की चुनौती10 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया कपिल के धुरंधर लॉर्ड्स पर फिर उतरेंगे03 जून, 2008 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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