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मुझे मेरी पेंशन लौटाओ:कपिल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरे ज़माने के हरफ़नमौला क्रिकेटर कपिल देव भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई से ख़ासे नाराज़ हैं. ख़बरों के मुताबिक उन्होंने अपनी पेंशन रोके जाने के ख़िलाफ़ अदालत का दरवाज़ा ख़टखटाया है. बीसीसीआई ने 2007 में कपिल देव को एस्सेल ग्रुप की इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) से जुड़ने के बाद नेशनल क्रिकेट अकादमी के अध्यक्ष के पद से बर्ख़ास्त कर दिया था. इसके साथ ही उनकी पेंशन का भुगतान भी रोक दिया गया. 1983 की विश्व कप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रहे कपिल देव मई 2007 में आईसीएल के कार्यकारी बोर्ड में शामिल हो गए थे. तब कपिल ने कहा था कि नई ज़िम्मेदारी लेकर उन्होंने कुछ ग़लत नहीं किया है. बीसीसीआई ने आईसीएल को मान्यता नहीं दी है. ऐसी ख़बरें हैं कि कपिल देव ने पेंशन रोके जाने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने कहा है, "हम रिटायर्ड खिलाड़ियों के लिए खेल ही आजीविका का एकमात्र माध्यम है और बोर्ड हमें फ़ायदों से वंचित नहीं कर सकता." कपिलदेव बीसीसीआई से आईसीएल को मान्यता देने की माँग करते रहे हैं. |
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