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बुधवार, 26 सितंबर, 2007 को 07:35 GMT तक के समाचार
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झंडे, नारे और अविश्वसनीय उत्साह

हवाईअड्डे पर भीड़
बारिश कम नहीं कर पा रही लोगों का उत्साह
ट्वेंटी-20 विश्वकप जीतकर मुंबई पहुँची टीम इंडिया के स्वागत में मुंबई ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाया है.

हवाईअड्डे से लेकर वानखेड़े के रास्ते में हर जगह लोगों का सैलाब उमड़ आया. बच्चे-बूढ़े सब समान भाव से टीम इंडिया का स्वागत करते रहे और जीत से अभिभूत नज़र आए.

कभी बारिश होती है, कभी रुक जाती है लेकिन इसका असर मानों भीड़ पर हो ही नहीं रहा था क्योंकि वे मानों उत्सव मना रहे थे.

हवाईअड्डे से खुली बस में चढ़कर निकली टीम के हाथ में विश्वकप था जो कभी कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथ में होता था तो कभी युसूफ़ पठान के हाथों में आ जाता था और फिर धोनी के हाथ में आ जाता था.

टीम के सभी सदस्यों के माथे पर तिलक लगा हुआ था.

तिरंगा लेपेटे हुए हरभजन सिंह और छह छक्के लगाकर हीरो बने युवराज सिंह बेहद उत्साहित नज़र आ रहे थे और लगातार नाच रहे थे.

जहाँ-जहाँ से बस गुज़री वहाँ सड़क के दोनों ओर उसका इंतज़ार करते हुए नज़र आ रहे थे.

उनके हाथ में तिरंगा था और कहीं-कहीं कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के भी झंडे नज़र आ रहे थे.

टीम इंडिया
टीम इंडिया खुली बस पर सवार है

लोग जगह-जगह नारे लगा रहे थे. 'चक दे इंडिया' के नारे सबसे ज़्यादा लगाए जा रहे थे और कई जगह यह गाना भी बजता हुआ सुनाई पड़ रहा था.

इसके अलावा लोग 'वंदे मातरम', 'भारत माता की जय' से लेकर 'सुनो-सुनो ऐ दुनिया वालों, बुरी न नज़र न हम पर डालो...हम हैं हिंदुस्तानी' गाते और नारे लगाते हुए लोग दिख रहे थे.

बस तो सड़क के एक ओर से चल रही है लेकिन डिवाइडर के दूसरी ओर लोगों ने अपनी गाड़ियाँ रोक दी थीं और या तो वे गाड़ी के छत पर खड़े होकर टीम का अभिवादन कर रहे थे या फिर उस पर बैठे-बैठे ही टीम का उत्साह बढ़ा रहे थे.

टीम इंडिया का विजय जुलूस शिवाजी पार्क, बांद्रा, माहिम, वर्ली होते हुए हाजीअली पार कर लगभग चींटी की चाल से रेंगता हूआ, लगभग पाँच घंटे बाद वानखेड़े स्टेडियम पहुँचा.

वानखेड़े स्टेडियम में चालीस हज़ार से भी अधिक लोग मौजूद थे और खिलाड़ियों का पुरज़ोर स्वागत कर रहे थे.

महेंद्र सिंह धोनीधोनी की सलाह
धोनी ने जीत का जश्न मना रहे अपनी टीम के साथियों को एक अहम सलाह दी है.
ट्वेन्टी-20 ज़रूर टिकेगा
ट्वेन्टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत ने इस फॉर्मेट में जान डाली है.
अख़बारछा गई टीम इंडिया
अख़बारों ने भारत की जीत को ऐतिहासिक ख़बर की तरह प्रकाशित किया है.
ट्वेंटी कपगेंदबाज़ी ने जिताया
फ़ाइनल ने साबित कर दिया कि गेंदबाज़ी ख़िताब दिला सकती है.
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