|
युवराज ने लगाए एक ओवर में छह छक्के | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ट्वेंटी 20 क्रिकेट के इतिहास में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले युवराज सिंह पहले खिलाड़ी बन गए हैं. इंग्लैंड के ख़िलाफ़ खेलते हुए उन्होंने 12 गेंदों में अर्धशतक लगाने का करिश्मा भी कर दिखाया है जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अब तक का सबसे तेज़ अर्धशतक हो गया है. और स्टुअर्ट ब्रॉड वो गेंदबाज़ थे जिनके ओवर में युवराज ने लगातार छक्के जमाए. सर गैरी सोबर्स पहले क्रिकेट खिलाड़ी थे जिन्होंने प्रथम श्रेणी के क्रिकेट मैच में एक ओवर में छह छक्के लगाए थे. वहीं हर्शल गिब्स एक दिवसीय मैचों में छह छक्के लगाने वाले पहले खिलाड़ी थे. वेस्टइंडीज़ के महान बल्लेबाज़ गैरी सोबर्स ने 1968 में एक ओवर में छह छक्के लगाए थे. तब वे स्वानसी में नॉटिंघमशायर की ओर से खेल रहे थे और गेंदबाज़ी कर रहे थे ग्लेमॉर्गन के मैल्कम नैश. जबकि गिब्स ने नीदरलैंड के गेंदबाज़ डान वैन बंज के ओवर में छह छक्कों का रिकॉर्ड बनाया था. अवसर था 2007 के विश्वकप का. हालांकि एक ओवर में छह छक्कों का एक रिकॉर्ड रवि शास्त्री के नाम भी है लेकिन सोबर्स की तरह उन्होंने भी प्रथम श्रेणी मैच में ही ये कारनामा कर दिखाया था. वो मैच रणजी ट्रॉफ़ी का था. 1984 में रवि शास्त्री मुंबई की टीम से खेल रहे थे और बड़ौदा के तिलक राज की गेंदों पर उन्होंने छह छक्के लगाए थे. धुँआधार युवराज युवराज सिंह का धुँआधार खेल डरबन में शुरु हुआ तब खेल का 18 वाँ ओवर चल रहा था. उन्होंने पहले इंग्लैंड के ऑलराउंडर एंड्यू फ़्लिंटॉफ़ की गेंदों पर चौके जमाए. इसके बाद 25 वर्षीय युवराज का कहर टूटा 21 वर्षीय गेंदबाज़ ब्रॉड पर जो खेल का 19 वाँ ओवर फेंक रहे थे. पहली गेंद - मिडविकेट और मिड ऑन के ऊपर से छक्का जब यह पूछा गया कि जब वे मैदान में उतरे तो उनके दिमाग में क्या चल रहा था, युवराज ने मज़ाक में कहा, "बस जाकर धुनाई करना"
फिर उन्होंने कहा, "दो ओवर ही बचे थे और विकेट बचे हुए थे, मुझे लगा कि इसका फ़ायदा उठाना चाहिए. मैं क्रीज़ के आसपास रहा और टाइमिंग अच्छी रही." यही युवराज सिंह थे जिनके एक ओवर में इस महीने के शुरुआत में ओवल में एक दिवसीय मैच खेलते हुए ऑलराउंडर दिमित्रि मैस्करनहैस ने पाँच छक्के लगाए थे. युवराज ने आज के खेल के बाद कहा, "मेरे एक ओवर में पाँच छक्के लगने के बाद मुझे इतने फ़ोन आए जितने तब नहीं आते जब मैं शतक लगाता हूँ." "मैंने सोचा यह ठीक नहीं है. मुझे एक मौक़ा तो मिलना चाहिए और मौक़ा मिल गया." उनके सहयोगी खिलाड़ी वीरेंदर सहवाग ने युवराज सिंह की इस उपलब्धि को 'विस्मयकारी' बताया है. सहवाग ने कहा, "वे ताक़तवर हैं और वे गेंद को जहाँ चाहें मार सकते हैं." पूर्व क्रिकेटर और क्रिकेट कमेंटेटर अरुण लाल ने युवराज के खेल को अद्भुत और अभूतपूर्व बताया. उनका कहना है, "उनका हर शॉट विशुद्ध क्रिकेटिंग शॉट था, उसमें अंधाधुँध पिटाई जैसी कोई बात नहीं थी." अरुण लाल का कहना था कि वे अपने जीवन भर युवराज का यह खेल नहीं भूल पाएँगे. |
इससे जुड़ी ख़बरें भारत ने इंग्लैंड को 18 रनों से हराया19 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया धोनी बने वनडे टीम के कप्तान18 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया दूर तक जाएंगे धोनी अपने स्टाईल से18 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया श्रीलंका ने 64 रनों से हराया बांग्लादेश को18 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया न्यूज़ीलैंड की इंग्लैंड पर पाँच रन से जीत18 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया भारी स्कोर के दबाव में बिखरा श्रीलंका17 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया अफ़्रीकी गेंदबाज़ी के समक्ष झुका इंग्लैंड16 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||