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श्रीलंका ने 64 रनों से हराया बांग्लादेश को | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मंगलवार को ट्वेंटी-ट्वेंटी विश्वकप में श्रीलंका के 147 रनों के जवाब में बांग्लादेश की पारी सोलहवें ओवर में 83 रन बनाकर ही सिमट गई. इस तरह श्रीलंका ने मैच 64 रनों से जीत लिया है. वास, फ़र्नांडो और जयसूर्या ने दो-दो विकेट लिए. लेकिन जयसूर्या को मिली दो सफ़लताएँ दूसरा ओवर पूरा करने के पहले ही मिल गई थीं. पहले बल्लेबाज़ी करते हुए श्रीलंका को पहला झटका शुरुआती दौर में ही लगा जब पहले ओवर में जयसूर्या का विकेट गिर गया. दूसरा विकेट थरंगा का गिरा तब वे 23 रनों की पारी खेल चुके थे और टीम का स्कोर था 37 रन. जब संगकारा 20 रन बनाकर पेवेलियन लौटे तो श्रीलंका के खाते में 59 रन थे. सिल्वा का विकेट तेरहवें ओवर में 84 रन के योग पर गिरा और पाँचवाँ विकेट 96 रनों पर जयवर्धने का गिरा. इन दोनों ने 12 और 30 रन बनाए. दिलशान (नाबाद 21 रन) और मुबारक़ (नाबाद 31 रन) टीम के स्कोर को 147 रनों तक पहुँचाया. बांग्लादेश की पारी हालांकि श्रीलंका ने कोई बड़ा लक्ष्य नहीं दिया था और बांग्लादेश को 7.35 के औसत से रन बनाने थे लेकिन उसकी पारी बहुत अच्छी नहीं रही. पहले ओवर में ही वास ने निज़ामुद्दीन को एलबीडब्लू आउट करके पेवेलियन भेज दिया. अभी स्कोर 21 रनों तक ही पहुँचा था कि चौथे ओवर में तमीम इक़बाल को फ़र्नांडो की गेंद पर मलिंगा ने लपक लिया. इसी ओवर में आफ़ताब अहमद भी पेवेलियन लौट गए. इसके बाद बांग्लादेश की पारी संभल ही नहीं पाई और एक के बाद एक विकेट गिरते रहे. अभी सोलहवाँ ओवर ही चल रहा था कि महमूदुल्ला 16 रन बनाकर आउट हो गए और बांग्लादेश की पारी 83 रनों के योग पर ही सिमट गई. बांग्लादेश की ओर से आफ़ताब अहमद और शाकिब हसन ने सर्वाधिक 18-18 रन बनाए. बांग्लादेश के गेंदबाज़ों को भी ख़ास सफलता नहीं मिल सकी और मुर्तज़ा सबसे महंगे गेंदबाज़ साबित हुए जिन्होने अपने चार ओवरों में 39 रन पिटवाए. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका-बांग्लादेश मैच का स्कोर कार्ड18 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया श्रीलंका ने न्यूज़ीलैंड को भी पीटा15 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया 'बॉल आउट' नियम के तहत भारत जीता14 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया भारत-स्कॉटलैंड मैच बारिश के कारण रद्द13 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया पाकिस्तान ने स्कॉटलैंड को हराया12 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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