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भारत ने इंग्लैंड को 18 रनों से हराया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत: 218-4 (20 ओवर), इंग्लैंड: 200-6 (20 ओवर) भारत ने अहम ट्वेन्टी-20 मैच में इंग्लैंड को 18 रनों से हरा दिया है. मैच जीतने के लिए इंग्लैंड के सामने भारत ने 219 रनों का लक्ष्य रखा था लेकिन इंग्लैंड की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 200 रन बना पाई. भारतीय खिलाड़ियों ने अगर धुँधाधार खेल दिखाया तो इंग्लैंड की पारी भी कम आक्रमक नहीं थी. इंग्लैंड का रन रेट करीब नौ के आस-पास रहा लेकिन भारत के विशाल स्कोर के आगे अंत में ये भी नाकाफ़ी साबित हुआ. भारतीय पारी का आर्कषण रही युवराज सिंह की आतिशी पारी. उन्होंने मात्र 16 गेंदों में 58 रन ठोक डाले. उन्होंने एक ओवर में छह छक्के भी जड़े जो ट्वेन्टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक रिकॉर्ड है. उन्हें मैन ऑफ़ द मैच का पुरस्कार मिला. बेहतरीन शुरुआत
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया. भारत शुरू से ही आक्रमक मुद्रा में था. पारी की शुरुआत गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग ने की और देखते ही देखते रनों की झड़ी लगा दी. सहवाग अपने जाने-पहचाने अंदाज़ में धुँधाधार पारी खेलते नज़र आए. उन्होंने तेज़ी से बल्लेबाज़ी करते हुए सिर्फ़ 38 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा कर लिया. सहवाग ने केवल 52 गेंदों में 68 रन बनाए जिसमें चार चौक्के और तीन छक्के शामिल हैं. भारत की रन बनाने की रफ़्तार का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल 11.1 ओवरों में उसने 100 रन पूरे कर लिए थे. दूसरे छोर पर गौतम गंभीर ने सहवाग का पूरा साथ दिया. उन्होंने 36 गेदों में 50 रन बनाए.
लेकिन सहवाग के आउट होने के बाद भारत ने जल्दी ही दो विकेट और खो दिए. गंभीर 58 रन बनाकर आउट हुए और उनके पीछे-पीछे उथप्पा भी चलते बने. कप्तान धोनी केवल 10 ही रन बना पाए. पर आउट होने से पहले सहवाग और गंभीर ने भारत को एक मज़बूत शुरूआत तो दे ही दी थी. युवराज सिंह ने मैदान पर आकर मैच की धार वहीं से पकड़ी जहाँ से सहवाग और गंभीर छोड़ गए थे. युवारज ने रनों की धार को बरकरार रखा. उनकी रनों की धार के सामने इंग्लैंड के गेंदबाज़ मानो टिक ही नहीं पाए. युवराज का कोपभाजन बने इंग्लैंड के स्टूयर्ट ब्रॉड जिनके एक ओवर में युवराज ने लगातार छह छक्के जड़े. 50 रन तो उन्होंने केवल 12 गेंदों में पूरे कर लिए. ट्वेन्टी-20 में ये सबसे तेज़ अर्धशतक रहा. युवराज की 58 रनों की पारी में तीन चौके और सात छक्के शामिल रहे. इंग्लैंड की पारी भारत विशाल स्कोर खड़ा कर बड़े अंतर से जीत की उम्मीद लगाए हुए था लेकिन इंग्लैंड ने ऐसा होने नहीं दिया. इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों ने भी आक्रमक खेल दिखाया और उनके बल्लों से चौकों-छक्कों की बरसात होती रही. सलामी बल्लेबाज़ों डेरन मैडी और विक्रम सोलंकी ने अच्छी शुरूआत की. मैडी ने 29 रन बनाए तो सोलंकी ने 43. लेकिन पठान ने दोनों के विकेट चटका कर भारत को अहम विकेट दिलवाए. इसके बाद पीटरसन ने भी आकर रन पीटे. वे 39 रन बनाकर मैदान पर जमे हुए थे लेकिन हरभजन सिंह ने ठीक वक़्त पर उनका विकेट लेकर भारत को मैच में बनाए रखा. इस वक़्त इंग्लैंड तीन विकेट गवाँकर 126 रन बना चुका था. इंग्लैंड के विकेट समय-समय पर गिरते रहे लेकिन इस बीच रनों की रफ़्तार कम नहीं हुई. आख़िर में इंग्लैंड भले ही हार के करीब पहुँच गया था लेकिन उसने रन-रेट कम नहीं होने दिया और करीब 10 के रन रेट से खेला. इंग्लैंड निर्धारित 20 ओवरों में 200 रन बना पाया और भारत से 18 रनों से हार गया. लेकिन तेज़ गति से रन बनाकर उसने भारत की बड़े अंतर से जीत की उम्मीद पूरी नहीं होने दी. भारत की ओर से पठान ने तीन विकेट लिए. | इससे जुड़ी ख़बरें 'युवराज ने इंग्लैंड के छक्के छुड़ाए'20 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया युवराज ने लगाए एक ओवर में छह छक्के19 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया धोनी बने वनडे टीम के कप्तान18 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया न्यूज़ीलैंड ने भारत को 10 रनों से हराया16 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया 'बॉल आउट' नियम के तहत भारत जीता14 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया भारत-स्कॉटलैंड मैच बारिश के कारण रद्द13 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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