BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 24 सितंबर, 2007 को 19:47 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
माही के शहर में जश्न का माहौल

जश्न
जीत के जश्न में डूबा माही का शहर
रोमांच के चरम पर पहुँचे फ़ाइनल मुक़ाबले के आख़िरी ओवर में पाकिस्तान का अंतिम विकेट गिरते ही पूरे देश के साथ-साथ कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का शहर राँची जश्न में डूब गया.

और इसके साथ ही लोगों की खुशी और उत्साह सड़कों पर फूट पड़ा. हाथों में तिरंगा, ढोल नगाड़े बजाते हुए बच्चे- बूढे और नौजवान इस तरह से भारत की जीत का जश्न मना रहे थे जो शायाद पिछले कई सालों में नहीं मनाया गया था.

इस जीत का सब को बेसब्री से इंतज़ार था. राँची के लोग इसलिए भी उत्साहित थे कि भारत ने माही की अगुआई में ख़िताब पर क़ब्ज़ा जमाया.

शहर के मुख्य सड़क और तमाम गलियों में जिस तरह का जनसैलाब उमड़ पड़ा वैसा शायद शायद 1983 में मिली जीत के दौरान ही मनाया गया था.

धोनी चालीसा

मंदिरों में पूजा, मस्जिदों में दुआएँ... कुछ इस तरह रांची के लोग टीम इंडिया की जीत की कामना कर रहे थे. सब को भरोसा था की जब माही के नेतृत्व में टीम इंडिया ट्वेंटी ट्वेंटी विश्व कप के फ़ाइनल में पहुँचा है तो जीत कर ही लौटेगा.

इतना ज़बर्दस्त विश्वास था लोगों में और आख़िरी गेंदों ने तो लोगों के सब्र का इम्तेहान ही ले लिया.

जहाँ एक तरफ़ झारखण्ड छात्र संघ के नौजवान रोजा खोलते हुए भारत की जीत की दुआएँ कर रहे थे , वहीं रांची के पंकज धोनी चालीसा पढ़ रहे थे.

पंकज नें धोनी चालीसा में कुछ यूं लिखा है, "जय धोनी क्रिकेट के महाराज , जय हो... तुम्हारी शक्ति अपरंपार है, तुम्हारे बैट से गेंद जाए बाउंड्री के पार ."

सिर्फ़ रांची ही नहीं, पूरे झारखण्ड में उम्डा जश्न थमने का नाम नहीं ले रहा है. देर रात तक लोग सड़कों पर झूमते रहे और नाचते गाते रहे. शायद क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह दिन पहले कभी इस रूप में नहीं आया था .

वहीं धोनी के घर पर उनके दोस्तों का तांता लगा रहा. सभी धोनी के पिता पान सिंह और उनके बहनोई गौतम को बधाईयाँ दे रहे थे.

"हमे सिर्फ़ भरोसा ही नहीं , बल्कि पूरा विश्वास था की धोनी टीम इंडिया के विजेता कप्तान साबित होंगे. वो किस्मत के धनी हैं," यह कहना था उनके बचपन के दोस्त शहीद ख़ान का.

ट्वेंटी कपगेंदबाज़ी ने जिताया
फ़ाइनल ने साबित कर दिया कि गेंदबाज़ी ख़िताब दिला सकती है.
कपओवर बाय ओवर
पाकिस्तानी पारी का ब्यौरा- ओवर बाय ओवर.
जश्न मनाते भारतीय
वर्ल्ड चैम्पियन टीम के प्रशंसक बेहद ख़ुश हैं.
इरफ़ान पठानमैच के अहम पल
जिन क्षणों ने भारत के लिए बदली मैच की दिशा
इससे जुड़ी ख़बरें
'युवराज ने इंग्लैंड के छक्के छुड़ाए'
20 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया
भारत ने इंग्लैंड को 18 रनों से हराया
19 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>