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अख़बारों में छाई टीम-इंडिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मंगलवार के भारत के अख़बारों में सिर्फ़ एक ही ख़बर दिखाई देती है - ट्वेंटी-20 विश्वकप में पाकिस्तान को हराकर भारत के विजेता बनने की. लगभग सारे अख़बारों में बडे-बड़े शीर्षक हैं और बड़ी-बड़ी तस्वीरें हैं जिसमें टीम इंडिया की ख़ुशी और जश्न का माहौल झलक रहा है. ज़्यादातर अख़बारों ने कहीं न कहीं लिखा है कि देश भर में दीवाली जैसा माहौल दिखाई दे रहा था. भीतर के पृष्ठों में भी इस जीत की ख़बरें और तस्वीरें भरी पड़ी हैं. क्रिकेट के प्रेम और जोश में देश की एक बड़ी राजनीतिक ख़बर भी पीछे दब गई है. राहुल गाँधी के कांग्रेस महासचिव बनने की ख़बर को वैसी जगह नहीं मिल सकी है जैसी कि किसी अन्य दिन मिल सकती थी. हालांकि सभी अख़बारों ने इस ख़बर को भी तस्वीरों सहित प्रकाशित किया है. अंग्रेज़ी के अख़बार अंग्रेज़ी के अख़बारों में सबसे ज़्यादा उत्साह 'हिंदुस्तान टाइम्स' ने दिखाया है जिसने एक विशेष पहला पन्ना निकालकर उसमें पूरे पेज की एक तस्वीर प्रकाशित की है. ख़ुशी में झूमती टीम की तस्वीर के अलावा इस पेज पर दो ही चीज़ें हैं. एक 'हिन्दुस्तान टाइम्स' का मास्टहेड और दूसरा शीर्षक - 'टॉप ऑफ़ द वर्ल्ड' टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने टीम-इंडिया की शैंपेन उड़ाती तस्वीर प्रकाशित की है और शीर्षक दिया है - 'वी आर द वर्ल्ड' यानी हम ही हैं दुनिया. आमतौर पर ख़बरों के साथ गंभीर बर्ताव करने वाले अख़बार 'हिंदू' ने भी भारत की जीत को सात कॉलम की जगह दी है और ऊपर के आधे पृष्ठ पर तीन संक्षिप्त ख़बरों के अलावा सिर्फ़ यही ख़बर है. पायोनियर, एशियन एज और ट्रिब्यून ने भी तस्वीरों के साथ आकर्षक शीर्षक देने का सफल प्रयास किया है. 'इकॉनॉमिक टाइम्स' जैसे प्रमुख आर्थिक अख़बार ने भी इस ख़बर को बड़ी तरजीह दी है. इसे 'ग्लोबल टेकओवर' बताते हुए अख़बार ने शीर्षक दिया है, 'सुपरपॉवर :इंडिया 2020'. 'फ़ाइनेंशियल टाइम्स' ने जहाँ इस ख़बर को सेंसेक्स के चढ़ाव और होमलोन की दर कम होने की ख़ुशी के साथ जोड़कर देखा है वहीँ 'बिज़नेस स्टैंडर्ड' ने पहले कॉलम में एक कॉलम की तस्वीर के साथ इसे छापा है. 'मिंट' एकमात्र ऐसा अख़बार है जिसने टीम-इंडिया की जीत की ख़बर को पहले पेज पर जगह ही नहीं दी है. हिंदी के अख़बार हिंदी अख़बारों के पहले पेज भी वैसे ही हैं जैसे अंग्रेज़ी के अख़बारों के हैं. 'नवभारत टाइम्स' ने शीर्षक दिया है, 'हम हैं वर्ल्ड चैंपियन' जबकि 'जागरण' ने कहा है, 'वांडरर्स में वंडर'. 'अमर उजाला' ने भी बड़ी तस्वीर छापकर शीर्षक लगाया है, 'उड़ा दी गिल्ली'. 'दैनिक भास्कर' ने शीर्षक दिया है, 'जवाँ भारत ने जीता जहाँ' वहीं 'हिंदुस्तान' ने 'टीम इंडिया की जय' लिखा है. 'जनसत्ता' का पहला पेज दूसरे अख़बारो से थोड़ा अलग दिखता है क्योंकि इसने कोई आकर्षक शीर्षक देने की जगह प्रभाष जोशी की विश्लेषणात्मक कमेंट्री के साथ शीर्षक लगाया है, 'बल्लेबाज़ों के खेल में गेंदबाज़ों ने दिलाई दुनिया' और 'पंजाब केसरी' ने लिखा है, 'भारतीय शेरों ने चक दित्ता पाकिस्तान'. हिंदी और अंग्रेज़ी दोनो ही अख़बारों में भीरत के पेजों में जगह-जगह जश्न की ख़बरें हैं. खिलाड़ियों के गृह-नगरों में ख़ुशी की ख़बरें हैं तो यह भी लिखा गया है कि जश्न के दौरान कई जगह तनाव की स्थिति बनी. हालांकि यह ख़बर एक दिन बाद ही मिलेंगीं कि रात-भर में कहाँ-कहाँ क्या-क्या होता रहा. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत ने मारी बाज़ी24 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना ट्वेन्टी 20 विश्व कप पर विशेष10 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना युवा ब्रिगेड के क़दमों में दुनिया24 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया 'इससे बड़ी जीत और क्या हो सकती है'24 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया माही के शहर में जश्न का माहौल24 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया 'विश्व कप में मेहनत काम आई'24 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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