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चुनौती पिछली बार से बड़ी- सचिन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सचिन तेंदुलकर का मानना है कि पिछली बार की तुलना में इस दौरे में पाकिस्तान की टीम कहीं दमदार है और इसलिए चुनौती भी बड़ी है. वर्ष 2004 में भारत ने पाकिस्तान को उसी की ज़मीन पर करारी मात दी थी और टेस्ट और वन डे दोनों श्रृंखलाओं में विजेता रहा था. लेकिन इस बार के दौरे पर तेंदुलकर ने कहा,"पाकिस्तान अच्छा खेलता रहा है और उन्होंने अपनी लय भी बनाए रखी है..मुझे लगता है कि दौरा चुनौती भरा रहेगा". भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट श्रृंखला को हर साल के बजाय हर दो साल में कराने को सचिन ने सही माना. लाहौर में एक पत्रकार सम्मेलन में सचिन ने कहा,"ये बहुत आवश्यक है कि संतुलन रखा जाए जिससे कि भारत-पाकिस्तान मैच ज़रूरत से ज़्यादा ना होने लगें, लेकिन साथ-साथ लोगों को क्रिकेट के आनंद से भी दूर नहीं रखा जाना चाहिए". शोएब अख़्तर के बारे में पूछे जाने पर सचिन ने कहा कि पाकिस्तानी में शोएब के अलावा भी कई ख़तरनाक गेंदबाज़ हैं. उल्लेखनीय है कि शोएब ने इंग्लैंड के पाकिस्तान दौरे के समय बेहतरीन गेंदबाज़ी की थी और सबसे अधिक 17 विकेट लिए थे. सचिन ने गेंदबाज़ी के बारे में कहा,"देखिए बुनियादी बात ये है कि हमें संभलकर खेलना होगा क्योंकि गेंदें शोएब डालें या कोई और, आपको आउट एक ही गेंद करती है". सुनहरी यादें सचिन के लिए पाकिस्तान दौरा ख़ास महत्व रखता है क्योंकि 1989 में कराची में टेस्ट खेलकर ही सचिन ने अपने क्रिकेट जीवन की शुरूआत की थी. पहले टेस्ट में उन्हें दूसरे नए खिलाड़ी वक़ार यूनुस ने 15 रन पर बोल्ड कर दिया था. लेकिन इसके बाद सचिन ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पाँच अर्धशतक लगाए. उन्होंने पाकिस्तान के विरूद्ध दो शतक लगाए हैं. पाकिस्तान के ख़िलाफ़ उनका सर्वोच्च स्कोर 194 रन है जिसकी बदौलत भारत ने 2004 में पाकिस्तान को एक पारी से हराया था. आगामी श्रृंखला में अपनी रणनीति पर उन्होंने कहा,"इससे कोई असर नहीं पड़ता कि मैं आक्रामक खेल खेलता हूँ या रक्षात्मक. महत्वपूर्ण ये है कि मैं कितना खेलता हूँ और टीम को क्या देता हूँ". भारत और पाकिस्तान के बीच तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला का पहला मैच लाहौर में 13 जनवरी से शुरू हो रहा है. |
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