आईपीएल के लिए सुनामी, कई परतें और खुलेंगी

आईपीएल के ख़िलाफ़ प्रतिबंध

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इमेज कैप्शन, सट्टेबाज़ी और फ़िक्सिंग के आरोपों के बाद आईपीएल के ख़िलाफ़ प्रसंशकों का ग़ुस्सा भी फूटता रहा है.
    • Author, आशीष शुक्ला
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

<link type="page"><caption> लोधा समिति का फ़ैसला</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2015/07/150714_bcci_match_fixing_chennai_suparkings_rajasthan_royals_dil" platform="highweb"/></link> ऐसा है जिसके परिणाम क्या होंगे अभी इसकी थाह लेने में समय लगेगा. लेकिन इस फ़ैसले के असर से क्रिकेट का कोई हिस्सा अछूता नहीं रहेगा.

आईपीएल चैम्पियन रह चुकी दो टीमों पर बैन लगना कोई मामूली बात नहीं है.

<link type="page"><caption> पढ़िए: आईपीएल सट्टेबाज़ी, अधर में लटके ये बड़े नाम</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/sport/2015/07/150714_ipl_big_names_affected_aa" platform="highweb"/></link>

<link type="page"><caption> पढ़िए: आईपीएल सट्टेबाज़ी: कब-कब, क्या हुआ</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/sport/2015/07/150714_timeline_ipl_sdp" platform="highweb"/></link>

ये बिल्कुल साफ़ हो गया है कि भारतीय क्रिकेट के श्रीनिवासन जैसे जो पुराने कर्ताधर्ता थे उनकी परेशानियां कम होने के बदले बढ़ती ही जाएंगी.

श्रीनिवासन, मयप्पन और राज कुंद्रा जैसे लोगों का जो होगा वो तो होगा ही, लेकिन इसका असर कार्पोरेट स्पांसरों, खिलाड़ियों और आईपीएल के पूरे ढाँचे पर पड़ेगा.

अभी ये साफ़ नहीं है कि चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स के जो खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ़ हैं, उनका क्या होगा.

आईपीएल

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आईपीएल का भविष्य

ये भी लगता है कि मामले में अभी कई क़ानूनी पेंच फँसेंगे, खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर ही नहीं आईपीएल के भविष्य पर ही सवालिया निशान लग सकते हैं.

हालाँकि आईपीएल में इतने पैसे लगें हैं कि उसे स्थगित या रद्द तो नहीं किया जाएगा लेकिन इतना ज़रूर है कि अगले दो साल तक उसका स्वरूप अभी जैसा नहीं रहेगा.

सब कुछ आठ टीमों पर आधारित है, आठ हफ़्ते और 74 मैच वाला फ़ॉरमेट बदलना होगा, उसे छोटा करना होगा.

महेंद्र सिंह धोनी

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कार्पोरेट नुक़सान

कार्पोरेट आर्थिक नुक़सान बहुत बड़ा होगा. सोचिए कि दो बड़ी टीमें नहीं होंगी तो रौनक़ में कितनी कमी होगी, विज्ञापन घटेंगे, कमाई घटेगी.

टीवी ब्राडकास्टर जिसने करोड़ों रुपए लगाकर आईपीएल के राइट्स ख़रीदे हैं, वो हर्जाने का दावा कर सकता है या क़रार तोड़ने की बात कर सकता है.

क्रिकेट के प्रशंसकों को भी इस फ़ैसले ने दोराहे पर खड़ा कर दिया है, उनके लिए ये सकारात्मक फ़ैसला है लेकिन उनके लिए आईपीएल को चरमराता देखना सुखद नहीं है.

इस फ़ैसले को अंत नहीं, शुरूआत मानना चाहिए, ये साफ़ है कि क्रिकेट को अभी और गहरी सफ़ाई की ज़रूरत है और अभी कई परतें और खुलेंगी.

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