महिला टी20 वर्ल्ड कपः सेमीफ़ाइनल की मुश्किल राह इनकी बदौलत आसान कर सकता है भारत

    • Author, अभिजीत श्रीवास्तव
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

भारतीय महिला क्रिकेट टीम टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में पहुंच गई है.

भारतीय टीम ने अपने ग्रुप मैच में पाकिस्तान, वेस्ट इंडीज़ और आयरलैंड को हराया और छह अंक अर्जित किए.

वहीं इंग्लैंड से टीम इंडिया एक रोमांचक मुक़ाबले में हार गई. इसकी वजह से भारतीय टीम ग्रुप-2 में दूसरे पायदान पर रही.

अब सेमीफ़ाइनल में उसका मुक़ाबला महिला क्रिकेट की सबसे मज़बूत टीम ऑस्ट्रेलिया से होने की उम्मीद है.

इस टूर्नामेंट के पहले से ही जिन तीन टीमों को आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप जीतने का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था उनमें से एक भारतीय टीम भी है.

महिला टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया

  • भारतीय महिला टीम पांचवीं बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में पहुंची है.
  • सबसे पहले 2009 में भारतीय महिला टीम टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में पहुंची थी.
  • 2010 और 2018 में सेमीफ़ाइनल तक का सफ़र तय किया था.
  • 2020 में टीम ऑस्ट्रेलिया के हाथों फ़ाइनल में हारी थी.

वैसे तो ट्रॉफ़ी जीतने के लिए फ़ाइनल में पहुंचने की ज़रूरत है जो अब महज़ एक क़दम की दूरी पर है.

लेकिन फ़ाइनल में पहुंचने के लिए हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में टीम को पांच बार की चैंपियन कंगारूओं की बाधा पार करनी होगी जो कि आसान क़तई नहीं है.

तो चलिए हम उन खिलाड़ियों की बात करते हैं जिनसे टीम इंडिया को बहुत उम्मीदें हैं.

सेमीफ़ाइनल में इनमें से कुछ अपना कमाल दिखाने में कामयाब हो जाती हैं तो फिर मज़बूत क्रिकेटरों से सजी कंगारू टीम ही सामने क्यों न हो, भारतीय टीम उस बाधा को भी पार करने में बख़ूबी सक्षम है.

हरमनप्रीत ने बनाया रिकॉर्ड पर बल्ला ख़ामोश

बात सबसे पहले आयरलैंड के ख़िलाफ़ मिली जीत के दौरान बने उस रिकॉर्ड की जो महिला क्रिकेट में भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बनाया.

हरमनप्रीत कौर ने 13 रनों की छोटी-सी पारी के दौरान महिला टी20 क्रिकेट में अपने 3,000 रन पूरे किए. वे ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर हैं.

हालांकि उनसे पहले तीन और महिला क्रिकेटरों ने यह उपलब्धि हासिल की है.

महिला टी20 क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड न्यूज़ीलैंड की सूजी बेट्स के नाम है. दाएं हाथ ही इस ऑलराउंडर ने 143 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों में 3820 रन बनाए हैं. इस टी20 वर्ल्ड कप में भी सूजी बेट्स चार पारियों में 137 रन बना चुकी हैं.

इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर 130 मैचों में 3346 रनों के साथ ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तान मेग लैनिंग हैं. वहीं हरमनप्रीत कौर से ठीक ऊपर दूसरे पायदान पर 113 मैचों में 3166 रन बना चुकी वेस्ट इंडीज़ की ओपनर स्टेफ़ानी टेलर हैं.

हरमनप्रीत कौर ने तीन हज़ार रन बनाए हैं तो उनके पास अनुभव भी भरपूर है, लेकिन इस टूर्नामेंट में उनका बल्ला ख़ामोश ही चल रहा है.

अब तक उन्होंने 16, 33, 4, 13 के स्कोर ही किए हैं यानी चार पारियों में 16.50 की औसत से कुल 66 रन बनाए हैं.

हरमनप्रीत ने 150 मैचों के अपने टी20 क्रिकेट करियर में 27.83 की औसत से रन बनाए हैं. पर इस वर्ल्ड कप में बल्ले से उनका प्रदर्शन औसत से भी कम है.

हरमन भारतीय टीम का मज़बूत आधार रही हैं और सेमीफ़ाइनल में वे अपने चिर-परिचित अंदाज़ में विस्फोटक बल्लेबाज़ी करें इसकी टीम को बहुत ज़रूरत है.

आयरलैंड के साथ मैच के बाद उन्होंने कहा कि टीम इंडिया को सेमीफ़ाइनल से पहले बढ़ते डॉट बॉल पर काम करना होगा.

इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मिली हार के दौरान भारतीय टीम ने 51 डॉट बॉल खेले तो आयरलैंड की टीम के साथ भी 41 डॉट बॉल खेले गए.

कुछ बैटर्स को छोड़ दें तो हरमनप्रीत समेत टॉप ऑर्डर की सभी बल्लेबाज़ स्ट्राइक रोटेट करने की समस्या से जूझ रही हैं और निश्चित तौर पर उन्हें इस पर काम करना ही होगा.

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टॉप पर पहुंचीं मंधाना

आयरलैंड के ख़िलाफ़ मुक़ाबले में भारत की उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने 155 के स्ट्राइक रेट से 9 चौके और तीन छक्के की मदद से 56 गेंदों पर 87 रन बनाए.

यह स्मृति के टी20 करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर है.

115 मैचों में 2800 रन बना चुकी मंधाना का यह 22वां अर्धशतक था. उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ भी अर्धशतक जमाया था.

अब तक इस वर्ल्ड कप में मंधाना ने खेली गई तीन पारियों में 149 रन बनाए हैं जो इस टूर्नामेंट में किसी भी खिलाड़ी से अधिक है. यानी मंधाना अब इस वर्ल्ड कप की सबसे अधिक रन बनाने वाली क्रिकेटर बन गई हैं.

पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पहले मैच में चोट की वजह से टीम से बाहर रहने वाली मंधाना से एक बार फिर सेमीफ़ाइनल में ये उम्मीद होगी कि वो भारत को तेज़ और मज़बूत शुरुआत दें.

फ़ॉर्म में शेफ़ाली वर्मा का आना कितना अहम

शेफ़ाली वर्मा उन गिनी चुनी स्टार क्रिकेटर्स में से हैं जिन्हें इतनी कम उम्र में बतौर कप्तान वर्ल्ड कप जीतने का अनुभव है. बीते महीने उन्होंने भारत के लिए अंडर-19 महिला टी20 वर्ल्ड कप जीता था.

वे टीम में ओपनर की भूमिका में हैं और जहां एक छोर से स्मृति मंधाना का बल्ला चल रहा है, वहीं शेफ़ाली का बल्ला बड़े स्कोर को तरस रहा है.

शेफ़ाली का फ़ॉर्म में आना बेहद ज़रूरी है. इस बल्लेबाज़ के पास गेंद को हिट करने की वो क्षमताएं हैं जो टीम में बहुत कम खिलाड़ियों के पास हैं.

अपने प्रदर्शन के बल पर शेफ़ाली 2020 में आईसीसी क्रिकेट रैंकिंग के टॉप पर भी रह चुकी हैं तो उसी वर्ष वर्ल्ड कप में वे भारत की टॉप स्कोरर थीं.

बतौर ओपनर मंधाना और शेफ़ाली की जोड़ी कितनी ख़तरनाक हो सकती है इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि इन दोनों ने दो साल पहले टेस्ट क्रिकेट में ओपनिंग पार्टनरशिप का रिकॉर्ड अपने नाम किया था.

ऐसे में सेमीफ़ाइनल में इस जोड़ी से एक दमदार शुरुआत की उम्मीद है.

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ऋचा घोष और जेमिमा रॉड्रिग्स से सजा मध्यक्रम

अब बात आती है टीम के मिडिल ऑर्डर की जहां ज़िम्मेदारी कप्तान हरमनप्रीत, जेमिमा रॉड्रिग्स और विकेटकीपर ऋचा घोष के कंधों पर है.

हरमनप्रीत के बारे में ऊपर बात हो चुकी है.

जेमिमा पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पहले मैच में अर्धशतकीय (नाबाद 53 रन की) पारी खेलते हुए प्लेयर ऑफ़ द मैच बनी थीं. हालांकि उसके बाद के तीन मुक़ाबले में उनके बल्ले से 1, 13 और 19 के स्कोर बने हैं.

पांच साल पहले दक्षिण अफ़्रीका में बतौर ओपनर टी20 में डेब्यू करने वाली जेमिमा पहला विकेट गिरने के बाद पिच पर आती हैं यानी नंबर-3 पर बैटिंग करती हैं.

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किसी भी टीम के लिए यह पोज़िशन बहुत अहम होता है जिस पर क्रिकेट की दुनिया के एक से बढ़ कर एक बल्लेबाज़ खेल चुके हैं या खेलते आ रहे हैं. लिहाज़ा सेमीफ़ाइनल में उनका बल्ला एक ठोस पारी खेले इसकी ज़रूरत है.

दूसरी ओर ऋचा घोष आयरलैंड के ख़िलाफ़ खाता नहीं खोल सकी थीं, लेकिन उसके पहले के तीनों मैचों में उन्होंने नाबाद रहते हुए 31, 44 और 47 के स्कोर बनाए हैं.

केवल 34 अंतरराष्ट्रीय टी20 खेल चुकी ऋचा धीरे-धीरे न केवल एक भरोसेमंद बल्लेबाज़ बनती जा रही हैं बल्कि उनमें मैच का रुख़ बदलने की भरपूर काबिलियत है जो इस फटाफट क्रिकेट में उनके 135.55 के स्ट्राइक रेट से भी नज़र आता है.

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रेणुका सिंह ठाकुर का क़द हुआ ऊंचा

भारतीय खिलाड़ी रेणुका सिंह ठाकुर ऐसी गेंदबाज़ी कर रही हैं कि क्रिकेट में उनका क़द और ऊंचा हो गया है.

दक्षिण अफ़्रीका की पिचों पर उन्हें अपनी गेंदों से स्विंग मिल रहा है. वो बड़े से बड़े बल्लेबाज़ों को छका रही हैं तो विकेट भी चटका रही हैं.

हिमाचल प्रदेश के शिमला से आने वाली रेणुका ठाकुर ने अपने करियर में अभी केवल 31 टी20 मैच खेले हैं और इतने ही विकेट भी लिए हैं.

जबकि इस वर्ल्ड कप के शुरुआती चार मैचों में रेणुका सात विकेट चटका चुकी हैं. इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मैच में तो उन्होंने 15 रन देकर पांच खिलाड़ियों को पवेलियन लौटाया था.

इसके साथ ही वे भारत की ओर से टी20 वर्ल्ड कप में (महिला या पुरुष) पांच विकेट लेने वाली पहली भारतीय क्रिकेटर बनीं.

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रेणुका की इन स्विंग गेंदें जब विकेट पर जा लगती हैं तो देखते बनता है. सेमीफ़ाइनल में भी उनसे विपक्षी टीम को परेशान करने और उनकी विकेट्स उखाड़ने की उम्मीद है.

यही बात लागू होती है मिडिमय पेसर पूजा वस्राकर पर जिन्होंने इस टूर्नामेंट में अब तक केवल दो विकेट लिए हैं.

टीम में दीप्ति शर्मा नाम की ऐसी स्पिनर हैं जिन्होंने इसी टूर्नामेंट में अपने 100 विकेट पूरे किए हैं और टीम की सबसे अनुभवी गेंदबाज़ हैं. इस टूर्नामेंट में उन्होंने अब तक पांच विकेट लिए हैं.

ऐसे में भारतीय टीम की खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर बहुत कुछ निर्भर करेगा कि सेमीफ़ाइनल में ऊंट आख़िर किस करवट बैठता है.

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