पृथ्वी शॉ: एक होनहार क्रिकेटर, जिसका विवादों से रहा है नाता

भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ के एक बार फिर विवादों में हैं.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक लड़की के साथ उनकी लड़ाई होती दिख रही है.

इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ़्तार किया है जिनमें से एक सोशल मीडिया इंफ़्लूएंसर सपना गिल भी शामिल हैं.

आरोप है कि इन आठ लोगों ने सेल्फ़ी के लिए क्रिकेटर पृथ्वी शॉ से बदसलूकी की और फिर उनकी कार पर हमला भी किया.

हालाँकि सपना गिल के वकील का दावा है कि पृथ्वी शॉ नशे में थे और उन्होंने पहले लड़की पर बैट से हमला किया था.

उन्होंने ये भी कहा कि वे पृथ्वी शॉ के ख़िलाफ़ केस दर्ज करेंगे.

अभी तक जो मामला दर्ज है, उसके मुताबिक़ पृथ्वी शॉ ने सपना गिल के साथ सेल्फ़ी के लिए इनकार कर दिया था. जिसके बाद उनकी सपना गिल और उनके दोस्तों के साथ कहासुनी हो गई थी.

शिकायत में ये भी कहा गया है कि सपना गिल और उनके दोस्त नशे में थे. ये तो अब पुलिस की जाँच से पता चलेगा कि सच्चाई क्या थी.

कम उम्र में मिली कामयाबी

पृथ्वी शॉ उन क्रिकेटरों में शुमार हैं जिन्होंने बहुत कम उम्र में ही शोहरत हासिल कर ली थी.

पृथ्वी शॉ उस समय सुर्ख़ियों में आए थे, जब 14 साल की उम्र में उन्होंने हैरिस शील्ड प्रतियोगिता में अपने स्कूल की ओर से 330 गेंदों पर 546 रन बनाए थे.

वर्ष 2016 में पृथ्वी शॉ भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा बने जिसने एशिया कप जीता.

इसी साल उन्होंने मुंबई की ओर से रणजी ट्रॉफ़ी का पहला मैच खेला. ये मैच था रणजी ट्रॉफ़ी का सेमीफ़ाइनल और मुंबई के सामने थी तमिलनाडु की टीम. इस मैच की दूसरी पारी में पृथ्वी शॉ ने शतक लगाया, जिसके कारण मुंबई की टीम जीत गई.

वर्ष 2017 में दलीप ट्रॉफ़ी के अपने पहले मैच में शतक लगाकर पृथ्वी शॉ ऐसा करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने. पहले ये रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था.

वर्ष 2017 में भारत ने अंडर-19 का वर्ल्ड कप भी जीता और उस टीम के कप्तान थे पृथ्वी शॉ.

जबकि वर्ष 2018 के आईपीएल ऑक्शन में दिल्ली की टीम ने उन्हें 1.2 करोड़ में ख़रीदा.

आईपीएल में अपनी साहसिक बल्लेबाज़ी के कारण पृथ्वी शॉ ने रिकी पोंटिंग को अपना मुरीद बना लिया था.

हालाँकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका करियर काफ़ी उतार-चढ़ाव वाला रहा है.

वर्ष 2018 में उन्हें वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ टेस्ट में पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौक़ा मिला.

वे उन खिलाड़ियों में शुमार हैं जिन्होंने अपने पहले टेस्ट में भी शतक लगाया.

अपने पहले टेस्ट में शतक लगाने वाले वे भारत के सबसे युवा खिलाड़ी हैं. जबकि टेस्ट में शतक लगाने वाले वे दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी हैं. पहला नाम सचिन तेंदुलकर का है.

जबकि वनडे में उन्हें भारत की ओर से वर्ष 2020 में पहली बार खेलने का अवसर मिला.

अभी तक पृथ्वी शॉ ने भारत की ओर से पाँच टेस्ट मैच, छह वनडे और एक टी-20 मैच खेला है. टेस्ट में उनके नाम एक शतक और दो अर्धशतक हैं.

लेकिन पृथ्वी शॉ भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए.

आइए एक नज़र उनसे जुड़े विवादों पर डालते हैं.

डोप टेस्ट में फ़ेल

वर्ष 2019 में पृथ्वी शॉ डोप टेस्ट में पकड़े गए थे और उन पर पाबंदी भी लगी थी.

बीसीसीआई की एंटी डोपिंग नीति के तहत उनके यूरिन सैम्पल की जाँच हुई थी. जाँच के दौरान उनके सैम्पल में प्रतिबंधित सामग्री मिली थी.

इस वजह से उन्हें कुछ समय के लिए निलंबित किया गया था. कहा ये गया कि उन्होंने ग़लती से ऐसा कफ़ सिरप पी लिया था, जिसमें प्रतिबंधित सामग्री थी और उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी.

लेकिन बीसीसीआई ने उन पर आठ महीने की पाबंदी लगाई.

यो-यो टेस्ट

एक समय भारतीय क्रिकेट प्रबंधन ने टीम में जगह हासिल करने के लिए फ़िटनेस को प्राथमिकता दे रखी थी.

बीसीसीआई इसका कड़ाई से पालन कराता था. हर खिलाड़ी को चयन से पहले यो यो टेस्ट देना पड़ता था और फिर इसी आधार पर उनका चयन टीम में होता था.

वर्ष 2022 में पृथ्वी शॉ यो-यो टेस्ट में फ़ेल हो गए थे. ये टेस्ट बेंगलुरू के नेशनल क्रिकेट एकेडमी में हुए थे. हालाँकि उस समय आईपीएल में वे खेले थे.

इस ख़बर के फैलने के बाद पृथ्वी शॉ ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट लिखा था. उसमें उन्होंने लिखा था- जब आप मेरी स्थिति नहीं जानते हैं, तो मुझे जज मत कीजिए.

अब एक बार फिर पृथ्वी शॉ विवादों में हैं और ताज़ा मामले में उन पर भी आरोप लग रहे हैं.

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