कॉमनवेल्थ गेम्स 2022: पहली बार होगा महिला क्रिकेट, कौन है भारत की सबसे बड़ी चुनौती

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- Author, चंद्रशेखर लूथरा
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार
बर्मिंघम में एजबेस्टन के मैदान में जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम की कप्तान मेग लैनिंग टॉस के लिए उतरेंगी तो यह कॉमनवेल्थ खेलों में 24 साल के बाद क्रिकेट की वापसी होगी.
हालांकि, यह पहला मौका है जब कॉमनवेल्थ खेलों में महिला क्रिकेट खेला जाएगा. 29 जुलाई से 7 अगस्त के बीच दुनिया की आठ टीमों के बीच गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज़ मेडल के लिए मुक़ाबला होगा.
इससे पहले, 1998 के कुआलालम्पुर कॉमनवेल्थ खेलों में पुरुष क्रिकेट के मुक़ाबले हुए थे, तब 50 ओवरों के मैच में 16 टीमों ने हिस्सा लिया था. दक्षिण अफ्ऱीकी टीम ने गोल्ड मेडल जीता था जबकि ऑस्ट्रेलिया ने सिल्वर और न्यूज़ीलैंड की टीम ने ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया था.
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने इस बार कॉमनवेल्थ खेलों में महिला क्रिकेट को शामिल कराया है.
इस बार मुक़ाबले 20-20 ओवरों के खेले जाएंगे. मेजबान टीम होने के चलते इंग्लैंड अपने आप क्वालिफ़ाई कर गई है. इंग्लैंड के अलावा मौजूदा महिला क्रिकेट की पांच सर्वश्रेष्ठ टीम - ऑस्ट्रेलिया, भारत, न्यूज़ीलैंड, दक्षिण अफ्ऱीका और पाकिस्तान को आईसीसी की महिला टी-20 रैंकिंग के आधार पर प्रवेश मिला है.
जबकि श्रीलंकाई टीम ने क्वालिफ़ाईंग टूर्नामेंट जीत कर प्रवेश किया है, वहीं वेस्ट इंडीज़ द्वीप समूहों में बारबेडॉस की टीम को 2019 का टी-20 ब्लेज़ टूर्नामेंट जीतने के आधार पर प्रवेश मिला है.
इनमें श्रीलंका, इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ्ऱीका ग्रुप बी में शामिल है जबकि भारत, ऑस्ट्रेलिया, बारबेडॉस और पाकिस्तान की टीम ग्रुप ए में हैं.
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दोनों ग्रुप की शीर्ष दो-दो टीमें सेमीफ़ाइनल में पहुंचेंगी. फ़ाइनल में पहुंचने के लिए एक ग्रुप की नंबर एक टीम को दूसरे ग्रुप की नंबर 2 टीम को हराना होगा. दोनों सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले हारने वाली टीमों के बीच ब्रॉन्ज़ मेडल के लिए होड़ होगी.
बर्मिंघम कॉमनवेल्थ खेलों में क्रिकेट के शामिल किए जाने को इस आयोजन में क्रिकेट के ज़रिए दर्शकों को जोड़ने की कोशिश माना जा रहा है. साथ ही इस आयोजन के बाद 2028 के लॉस एंजलिस ओलंपिक खेलों में क्रिकेट को शामिल करने का दावा मज़बूत होगा.
क्रिकेट की लोकप्रियता का आलम ही है कि महिला क्रिकेट होने के बाद भी, 31 जुलाई को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुक़ाबले के सभी टिकट पहले ही बिक चुके हैं. बर्मिंघम में भारतीय और पाकिस्तान मूल के लोगों की आबादी भी रहती है, लिहाजा उसका भी असर इस मैच में देखने को मिलेगा.

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बेहद मुश्किल है पहला मुक़ाबला
अब बात शुक्रवार को होने वाले पहले मुक़ाबले की, जिसमें भारत का सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा. ऑस्ट्रेलियाई टीम मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप चैंपियन है.
कॉमनवेल्थ खेलों में हिस्सा लेने के लिए उसी टीम को चुना गया है जिसने 2022 के वनडे वर्ल्ड कप जीतने का करिश्मा दिखाया है. हालांकि, वर्ल्ड कप में कामयाबी दिलाने वाले टीम के प्रमुख कोच मैथ्यू मॉट नहीं हैं लेकिन टीम में बेमिसाल खिलाड़ियों की मौजूदगी दिखती है.
टी-20 महिला क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत का अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि अब तक सात टी-20 वर्ल्ड कप खेले गए हैं और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम इसे पांच बार जीतने में कामयाब रही है.
यही वजह है कि बर्मिंघम कॉमनवेल्थ खेलों में भी ऑस्ट्रेलिया टीम को पसंदीदा माना जा रहा है. टीम की कप्तान मेग लैनिंग हाल ही टी-20 की रैंकिंग की शीर्ष खिलाड़ी बनी हैं.
कॉमनवेल्थ खेलों की तैयारी के लिए ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम ने आयरलैंड को दोनों अभ्यास मैच में हराया है, हालांकि ख़राब मौसम के चलते पाकिस्तान के साथ उनका अभ्यास मैच नहीं हो सका.
वहीं, दूसरी तरफ़ साल 2020 की टी-20 वर्ल्ड कप की उप विजेता भारतीय टीम को टूर्नामेंट शुरू होने से पहले कोविड संक्रमण का झटका सहना पड़ा है.
दो खिलाड़ियों के कोविड संक्रमित होने के चलते 13 खिलाड़ियों का दल ही बर्मिंघम पहुंचा था, हालांकि बाद में मेघना सिंह कोविड निगेटिव होकर टीम के साथ जुड़ गई हैं लेकिन ऑलराउंडर पूजा वस्त्राकर अभी भी बेंगलुरु में आइसोलेशन में हैं.

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भारत का दावा कितना मज़बूत
मेघना सिंह को ओपनिंग बैटर स्मृति मंधाना और शेफ़ाली वर्मा के साथ बैकअप में रखा गया है वहीं, पूजा वस्त्राकर की अनुपस्थिति टीम की रणनीति के हिसाब से झटके की तरह है.
इस ऑलराउंडर को वनडे वर्ल्ड कप 2022 से ही टीम के स्तंभों में गिना जाता है जो निचले क्रम में ज़ोरदार शॉट्स खेलकर बल्लेबाज़ी को मज़बूत करती हैं और उनमें तेजी से विकेट हासिल करने की क्षमता भी है.
हालांकि, हाल ही में समाप्त तीन टी-20 मैचों की सिरीज़ में श्रीलंका को 2-1 से हराकर भारतीय टीम का मनोबल काफ़ी बढ़ा हुआ है. अगर भारत यहां कोई मेडल हासिल करता है तो यह काफ़ी हद तक स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्ज, दीप्ति शर्मा और कप्तान हरमनप्रीत कौर के खेल पर निर्भर करेगा.
वहीं, श्रीलंका के ख़िलाफ़ सिरीज़ में अनुपस्थित रहीं विकेटकीपर यास्तिका भाटिया और स्नेह राणा जैसे युवा खिलाड़ी भी अपना दमखम दिखाने को तैयार हैं. टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और युवा जोश का अच्छा मिश्रण है.

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जहां तक ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ भारतीय महिलाओं के प्रदर्शन की बात है, तो कुछ हाईवोल्टेज मुक़ाबले भारत का उत्साह बढ़ाने वाले हैं.
2018 टी-20 वर्ल्ड कप में भारत ने लीग मुक़ाबले में ऑस्ट्रेलिया को 48 रनों से हराया था, इसके बाद साल 2020 के टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 17 रनों से हराया था, इस हार के चलते ऑस्ट्रेलियाई टीम टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर पहुंच गई थी.
लेकिन, वहां से वापसी करते हुए टीम ने फ़ाइनल मुक़ाबले में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में 86,174 दर्शकों के सामने भारत को हराकर ख़िताब जीता.
लेकिन टी-20 क्रिकेट मुक़ाबलों में अधिकांश मौकों पर बाजी ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में रही है. अब तक दोनों टीमों के बीच 23 मुक़ाबले हुए हैं और इनमें 16 मुक़ाबलों में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा है. भारत महज छह मुक़ाबले जीत सका है.
बावजूद इसके दोनों टीमों के बीच होने वाली टक्कर को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है. ऑस्ट्रेलिया को छोड़ दें तो ग्रुप की दो अन्य टीमों, पाकिस्तान और बारबेडॉस की टीम के ख़िलाफ़ भारतीय टीम का पलड़ा मज़बूत दिख रहा है.
भारतीय महिला टीम ने अब तक वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ खेले गए 18 मुक़ाबलों में 10 बार जीत हासिल की है जबकि पाकिस्तान के साथ अब तक हुए 11 टी-20 मुक़ाबलों में 9 बार टीम को जीत मिली है. इसलिए उम्मीद की जा रही है कि भारतीय टीम आसानी से सेमीफ़ाइनल में जगह बना लेगी.

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भारतीय महिला क्रिकेट में नया दौर
2022 कॉमनवेल्थ खेलों के साथ भारतीय महिला क्रिकेट टीम नये दौर में क़दम रखेगी. पिछले दो दशक से भारतीय महिला टीम का चेहरा रहीं मिताली राज और झूलन गोस्वामी, दोनों संन्यास ले चुकी हैं.
हालांकि, झूलन गोस्वामी ने टी-20 क्रिकेट को 2018 में ही अलविदा कह दिया था और मिताली राज ने भी 2019 के बाद से टी-20 खेलना छोड़ दिया था, लेकिन वनडे टीम में दोनों खिलाड़ियों की मौजूदगी का असर बाक़ी फॉर्मेट पर भी दिखता रहा था.
इन दोनों की मौजूदगी में भारतीय महिला क्रिकेट ने एक से बढ़कर एक कामयाबी हासिल की, चाहे वह दक्षिण अफ्ऱीका में 2002 में टेस्ट जीतना हो, या फिर 2016 में ऑस्ट्रेलियाई मैदानों पर पहली टी-20 सिरीज़ की जीत हो या फिर इंग्लैंड के मैदान 2006 की कामयाबी हो.
मिताली और झूलन टीम की आधारस्तंभ बन खड़ी रहीं. करारी हार के मौकों पर भी दोनों का अनुभव टीम को फिर से खड़ा करने में काम आया.
अब इन दोनों की विरासत को आगे बढ़ाने का दारोमदार आक्रामक बैटर हरमनप्रीत कौर के ज़िम्मे है. हरमनप्रीत कौर भी इस मौके को अपने हाथों से जाने देना नहीं चाहेंगी.

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कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुक़ाबले
भारतीय महिला टीम अपने अभियान की शुरुआत 29 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मुक़ाबले से करेगी. यह मुक़ाबला भारतीय समयानुसार साढ़े तीन बजे दोपहर से शुरू होगा.
31 जुलाई यानी रविवार को भारतीय टीम पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भिड़ेगी. सबसे अहम माने जाना वाला यह मैच भी भारतीय समयानुसार साढ़े तीन बजे दोपहर से खेला जाएगा.
अंतिम लीग मुक़ाबले में चार अगस्त को भारतीय टीम बारबेडॉस के सामने खेलने उतरेगी. भारतीय समयानुसार यह मुक़ाबला रात के साढ़े दस बजे से शुरू होगा. दोनों सेमीफ़ाइनल छह अगस्त को खेले जाएंगे जबकि सात अगस्त को फ़ाइनल और ब्रॉन्ज मेडल के मैच होंगे.
कॉमनवेल्थ खेलों के टी-20 मुक़ाबले का प्रसारण भारत में सोनी समूह के चैनलों पर देख सकते हैं. सोनी सिक्स, सोनी टेन 1, सोनी टेन 2, सोनी टेन 3, सोनी टेन 4 पर प्रसारण के अलावा इसकी लाइव स्ट्रीमिंग सोनीलिव पर देखी जा सकती है.
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