#BBCISWOTY सिर्फ अवॉर्ड नहीं, एक वादा है: बीबीसी महानिदेशक टिम डेवी

'BBC ISWOTY अवॉर्ड

बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड 2021 की विजेता का एलान हो गया है.

इस साल मीराबाई चनू को ये ख़ास अवॉर्ड दिया गया है.

वहीं, बीबीसी इमर्जिंग इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर का अवॉर्ड शफाली वर्मा और बीबीसी लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवार्ड कर्णम मल्लेश्वरी को दिया गया है.

मीराबाई चनू इस वक्त अमेरिका में ट्रेनिंग ले रही हैं, उन्होंने अपने एक रिकॉर्डेड मैसेज के जरिए कहा, "इस साल एशियन और कॉमनवेल्थ गेम होंगे तो मेरी उम्मीद है कि देश के लिए गोल्ड लाऊं. मैं शुक्रिया करना चाहूंगी बीबीसी इंडिया का, जिन्होंने मुझे ये सम्मान दिया है.''

नई दिल्ली में आयोजित हुए इस पुरस्कार समारोह में बीबीसी के महानिदेशक टिम डेवी, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत खेल और दूसरे क्षेत्रों के कई दिग्गज शामिल हुए.

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ये सिर्फ अवॉर्ड नहीं ये वादा है- टिम डेवी

इस मौके पर बीबीसी के महानिदेशक टिम डेवी ने कहा कि ये अवॉर्ड और महिलाओं की अविश्वसनीय खेल उपलब्धियों का ये जश्न महिलाओं की भागीदारी के लिए और अधिक प्रेरणा, मान्यता और अवसर प्रदान करेगा.

उन्होंने कहा, "हमने जब पहला इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड शुरू किया था तो ये सिर्फ एक अवॉर्ड नहीं था, ये एक वादा भी था कि बीबीसी खेलों में महिलाओं के प्रतिभाग को लेकर ज़्यादा से ज़्यादा चर्चा करेगा. साथ ही खेलों में महिलाओं की सहभागिता को सेलिब्रेट भी करेगा."

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बीबीसी को इस कार्यक्रम के लिए धन्यवाद देते हुए कहा, "मैं इस खूबसूरत समारोह के आयोजन के लिए बीबीसी को धन्यवाद देना चाहता हूं. मुझे नहीं पता है कि ये आप जानते हैं कि पुरुष और महिला हॉकी, इन टीमों दोनों को ओडिशा पूरे देश में सपोर्ट करता है. एक बार फिर मैं इस शाम के लिए बीबीसी को धन्यवाद देना चाहता हूं."

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया न इस मौके पर कहा कि ऐसे इवेंट ये याद दिलाते हैं कि एक खिलाड़ी किसी अवॉर्ड से कहीं बढ़कर है. बीबीसी जैसे ये इवेंट एक-एक खिलाड़ी को बताते हैं कि वो एक बड़ी चीज़ का हिस्सा हैं, देश का प्रतिनिधित्व करते हैं और एक अवॉर्ड से कहीं बढ़कर उनकी भूमिका है.

BBC ISWOTY अवॉर्ड
इमेज कैप्शन, बीबीसी के महानिदेशक टिम डेवी के साथ पैरालिंपिक में भारत की गोल्ड मेडल विजेता अवनि लेखरा

कर्णम मल्लेश्वरी, शफाली वर्मा को खास सम्मान

बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड 2021 समारोह में कई ओलंपिक और पैरालंपिक खिलड़ियों को सम्मानित किया गया.

बीबीसी लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवार्ड हासिल करने वाली ओलंपिक पदक विजेता कर्णम मल्लेश्वरी कहती हैं कि ऐसे अवॉर्ड नए बच्चों के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं. अब तक हिंदुस्तान में अभिभावक शिक्षा पर ही केंद्रित रहते थे, इस तरह के प्लेटफॉर्म खेलों को भी प्रोत्साहित करते हैं.

उन्होंने इस मौके पर अपने समय में और आज के दौर में खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधा में अंतर की बात भी की.

मल्लेश्वरी ने कहा, "20 साल पहले मैं जब सिडनी ओलंपिक में जा रही थी, तब सोच थी कि ओलंपिक में जाना ही बड़ी बात है, मेडल के लिए मत सोचो. ये नहीं होना चाहिए कि ओलंपिक में जाना ही बड़ी बात है. हम ओलंपिक में मेडल भी ला सकते हैं. वो बाधाएं मैंने अपने समय में तोड़ा और अब खुशी होती है कि लड़कियां व्यक्तिगत स्पर्धा में मेडल ला रही हैं. जितना टैलेंट भारत में है उतना कहीं नहीं है."

चनू

बीबीसी इमर्जिंग इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड विजेता क्रिकेटर शफाली वर्मा वर्ल्ड कप खेल रहीं हैं. ऐसे में वो अपने रिकॉर्डेड मैसेज में कहती हैं, "मुझे शुरुआत में लड़की होने की वजह से खेलने नहीं देते थे कहते थे कि लड़की है चोट लग जाएगी. लेकिन बाद में मैंने बाल कटाकर उन लोगों के साथ ही खेलना शुरू कर दिया. मेरा मकसद है कि मैं भारतीय क्रिकेट टीम में 20-25 साल खेलूं और इंडियन टीम की कैप्टेन बनूं और ज्यादा से ज्यादा मैच जीताऊं यही मकसद है."

कार्यक्रम में अवॉर्ड की सभी फाइनलिस्ट अदिति अशोक, अवनि लेखरा, लवलीन बोरगोहाईं, मीराबाई चनू और पीवी संधू को सम्मानित किया गया.

इस मौके पर पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी पलक कोहली ने शारीरिक रूप से असक्षम लोगों को प्रेरणा देने वाला संदेश दिया. उन्होंने कहा, "ये मेरी 'डिसेबिलिटी' नहीं है ये मेरी 'सुपर एबिलिटी' है. इसने मुझे पंख दिए हैं और मैं पैरालंपिक में सेमीफाइनल खेलने वाली सबसे कम उम्र की एथलीट बन गई. अपने सपनों पर भरोसा करो, आप कुछ भी कर सकते हैं."

पैरालंपिक पदक विजेता पैरा शूटर अवनि लेखरा कहती हैं, "इस मेडल ने कई बाधाएं तोड़ीं कि पैरालंपिक में भारतीय महिलाएं भी अवॉर्ड जीत चुकी हैं. खेल एक ऐसी चीज़ है जो आपके बारे में लोगों के नजरिए को बदल देता है, आप अपने बारे में कैसे सोचते हैं ये नजरिया भी बदल जाता है. मैं बहुत शुक्रगुज़ार हूं कि मैं खेल के जरिए ऐसा कर पा रही हूं."

टिम डेवी

लवलीना बोरगोहाईं कहती हैं, "लड़की होने की वजह से बहुत सारे लोग बोलते थे कि आप कुछ नहीं कर पाएंगी. मेरी मम्मी का मुझपर भरोसा था, वो मुझे लड़कों से कम नहीं समझती थीं. उन्होंने ही मुझे मार्शल आर्ट्स सीखने दिया और बॉक्सिंग में भी मैं उनकी वजह से ही हूं."

इस मौके पर भारतीय पुरुष हॉकी टीम, महिला टीम, नीरज चोपड़ा, रवि दहिया, बजरंग पुनिया, देवेंद्र झाझरिया जैसे ओलंपिक और पैरालंपिक विजेताओं को भी सम्मानित किया गया.

बीबीसी में भारतीय भाषाओं की प्रमुख रूपा झा ने कार्यक्रम का समापन किया.

इस मौके पर उन्होंने सभी ओलंपियन, पैरालंपियन, सभी महिला खिलाड़ी और अतिथियों को धन्यवाद देते हुए अगले साल फिर इस इवेंट में मिलने का वादा किया.

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