बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर: पसंदीदा खिलाड़ी को दें वोट

भारत की महिला खिलाड़ियों को सम्मानित करने की बीबीसी की मुहिम इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर, तीसरे साल में पहुंच गया है.
इस साल ख़िताब के पांच दावेदारों के नामों की घोषणा हो गई है.
इस बार के दावेदारों में गोल्फ़र अदिति अशोक, मुक्केबाज़ लवलीना बोरोगोहाईं, वेटलिफ़्टर मीरा बाई चानू, पैरा शूटर अवनि लेखरा और बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु शामिल हैं.
बीबीसी न्यूज़ की भारत प्रमुख रूपा झा ने कहा, "इस साल के नॉमिनी के नामों की घोषणा करते हुए मुझे काफ़ी प्रसन्नता हो रही है. बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर के हर संस्करण में कुछ नए दावेदार शामिल होते हैं. इस साल के नॉमिनी में गोल्फ़र से लेकर पैरालंपियन तक शामिल हैं, ये सब भारतीय खेल जगत के चमकते हुए सितारे हैं जिनको हमलोग सेलिब्रेट कर रहे हैं."
इस संस्करण के दावेदारों के नामों की घोषणा के वक्त पिछले संस्करण की बीबीसी लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित अंजू बॉबी जॉर्ज ने भारतीय खेल जगत के लिए उम्मीद ज़ाहिर करते हुए कहा, "प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए भारत काफ़ी कुछ कर रहा है. चीज़ों में बदलाव हो रहा है. स्टेडियम और दूसरी खेल सुविधाओं का निर्माण हो रहा है, हालांकि अभी भी हमें क्वालिफ़ाइड कोच चाहिए. माता-पिता भी अपनी बच्चियों को खेलने के लिए भेजना चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर थोड़ी चिंता होती है."
यह पुरस्कार भारतीय महिला खिलाड़ियों के योगदान का सम्मान करता है और महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों का जश्न मनाता है.
बीबीसी की भारतीय भाषाओं की वेबसाइट और बीबीसी स्पोर्ट्स की वेबसाइट पर आप अपने पसंदीदा खिलाड़ी को वोट कर सकते हैं. 28 फरवरी, 2022 को भारतीय समयानुसार रात साढ़े 11 बजे तक मनपसंद खिलाड़ी के पक्ष में आम लोग वोट कर सकेंगे. विजेता की घोषणा 28 मार्च, 2022 को दिल्ली में एक समारोह में की जाएगी. वोटिंग से जुड़े सभी नियम, शर्तें और गोपनीयता नोटिस वेबसाइट पर मौजूद है.
बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर के विजेता की घोषणा बीबीसी की भारतीय भाषा की वेबसाइटों और बीबीसी स्पोर्ट वेबसाइट पर भी होगी. आम लोगों के सबसे ज़्यादा वोट पाने वाली खिलाड़ी बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमेन ऑफ़ द ईयर होंगी.

इस साल की नॉमिनी

अदिति अशोक
प्रोफ़ेशनल गोल्फ़र बनने के बाद से ही अदिति अशोक को महिला गोल्फ़ में उम्मीद से देखा जा रहा है.
रियो ओलंपिक, 2016 में महज़ 18 साल की उम्र में हिस्सा लेने वाली अदिति अशोक भारतीय दल के सबसे युवा खिलाड़ियों में शामिल थीं.
23 साल की अशोक टोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहीं. उनकी कामयाबी की वजह से भारत में महिला गोल्फ़ के प्रति लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है.
गोल्फ़ जैसे खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन बहुत सीमित है.
2016 में अदिति अशोक लेडीज़ यूरोपीयन टूअर इवेंट जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थीं.

अवनि लेखरा
20 साल की अवनि लेखरा पैरालंपिक खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं.
अवनि ने टोक्यो 2020, पैरालंपिक खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफ़ल स्टैंडिंग एसएच 1 कैटेगरी में नया पैरालंपिक रिकॉर्ड बनाया था.
इसके अलावा उन्होंने टोक्यो पैरालंपिक में महिलाओं की 50 मीटर राइफ़ल थ्री-पोज़िशन एसएच1 कैटेगरी में कांस्य पदक हासिल किया.
बचपन में एक गंभीर कार दुर्घटना में घायल होने के चलते अवनि के कमर के नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया था.
इस हादसे के बाद पिता ने अवनि का परचिय निशानेबाज़ी से कराया और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. खेल के अलावा अवनि क़ानून की पढ़ाई भी कर रही हैं.

लवलीना बोरगोहाईं
टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत कर लवलीना बोरगोहाईं ओलंपिक में मेडल हासिल करने वाली तीसरी भारतीय मुक्केबाज़ बनीं.
इससे पहले वो कई चैम्पियनशिप में पदक जीत चुकी थीं. 2018 के शुरुआत में इंडिया ओपन में गोल्ड मेडल जीत कर वह सुर्ख़ियों में आई थीं.
इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में खेले गए कॉमनवेल्थ खेलों में हिस्सा लिया.
असम में जन्मीं 24 साल की लवलीना ने दो बड़ी बहनों से प्रेरणा लेते हुए किकबॉक्सिंग में शुरुआत की थी, लेकिन जल्दी ही बॉक्सिंग को अपना लिया.

मीराबाई चानू
वेटलिफ़्टिंग चैम्पियन चानू ने 2021 में तब इतिहास रचा जब टोक्यो ओलंपिक में वह सिल्वर मेडल हासिल करने वाली पहली भारतीय वेटलिफ़्टर बनीं.
2016 के रियो ओलंपिक में वह भार उठाने में कामयाब नहीं हुई थीं. उस निराशा के बाद उन्होंने लगभग खेल को छोड़ दिया था, लेकिन वहां से उन्होंने शानदार वापसी की.
2017 के वर्ल्ड वेटलिफ़्टिंग चैम्पियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था.
मणिपुर में एक चाय बेचकर जीविका चलाने वाले मां-बाप के घर जन्मी चानू को खेल के शुरुआती दिनों में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा था.
लेकिन सभी चुनौतियों से पार पाते हुए वह ओलंपिक चैम्पियन बनीं.

पीवी सिंधु
बैडमिंटन खिलाड़ी पुसरला वेंकट (पीवी) सिंधु लगातार दो ओलंपिक खेलों में मेडल हासिल करने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं.
टोक्यो, 2020 ओलंपिक का ब्रॉन्ज़ मेडल उनका दूसरा ओलंपिक मेडल था, इससे पहले उन्होंने रियो 2016, ओलंपिक में सिल्वर मेडल हासिल किया था.
2021 के बैंडमिंटन वर्ल्ड फ़ेडरेशन के ख़िताबी मुक़ाबले में सिंधु ने सिल्वर मेडल जीता है. इसके अलावा जनवरी, 2022 में उन्होंने सैय्यद मोदी इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट का ख़िताब जीता है.
बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप, 2019 में गोल्ड मेडल जीतकर सिंधु ने इतिहास रचा था, यह ख़िताब हासिल करने वाली वह पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थीं.
बैडमिंटन की वर्ल्ड रैंकिंग की शीर्ष 20 खिलाड़ियों में महज़ 17 साल की उम्र में सिंधु ने जगह बना ली थी.
बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्स वुमन ऑफ़ द ईयर के शुरुआती संस्करण, 2019 का ख़िताब भी आम लोगों के वोटों के ज़रिए वह जीत चुकी हैं.

इसके अलावा बीबीसी एक प्रतिष्ठित महिला खिलाड़ी को उनके योगदान के लिए लाइफ़टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से भी सम्मानित करेगी.
आयोजन के दौरान एक युवा खिलाड़ी को बीबीसी इंडियन इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर का पुरस्कार भी दिया जाएगा.
बीबीसी ने फ़रवरी, 2020 में बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर पुरस्कार की शुरुआत की थी.
इसके बाद इसका आयोजन उस दौर में भी हुआ जब कोरोना संक्रमण की महामारी ने जीवन के सभी क्षेत्रों को प्रभावित किया था.
भारत में महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सेलिब्रेट करने वाली बीबीसी की मुहिम का यह तीसरा साल है.
पिछले साल शतरंज खिलाड़ी कोनेरू हम्पी बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमेन ऑफ़ द ईयर अवार्ड 2020 की विनर घोषित हुई थीं.
बीबीसी द्वारा चयनित एक पैनल ने भारतीय खिलाड़ियों की शॉर्टलिस्ट तैयार की. इस ज्यूरी में भारत भर से विश्वसनीय खेल पत्रकार, विशेषज्ञ और लेखक शामिल हैं.
इन पांच नॉमिनी को भारत के सबसे प्रतिष्ठित खेल पत्रकारों, विशेषज्ञों और लेखकों की ज्यूरी ने चुना है.
ज्यूरी से जिन खिलाड़ियों को सर्वाधिक नामांकन मिले हैं, उन्हें आम लोगों की वोटिंग के लिए नामांकित किया गया है.

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