सौरभ चौधरी: 10 मीटर एयरपिस्टल प्रतिस्पर्धा के फ़ाइनल में, गोल्ड पर लगेगा निशाना?

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टोक्यो ओलंपिक से भारत के लिए बड़ी ख़बर है. युवा निशानेबाज सौरभ चौधरी 10 मीटर एयरपिस्टल प्रतिस्पर्धा के फ़ाइनल राउंड में पहुँच गए हैं.
सौरभ क्वालिफ़ाइंग राउंड में 586 पॉइंट्स के साथ शीर्ष पायदान पर रहे. क्वालिफ़ाइंग राउंड में पहला स्थान हासिल कर फ़ाइनल में पहुँचने पर सौरभ से पदक की उम्मीदें जग गई हैं.
19 वर्षीय सौरभ अगर मेडल जीतने में कामयाब होते हैं तो वो ओलंपिक में पदक जीतने वाले पाँचवें भारतीय निशानेबाज होंगे.
इससे पहले राज्यवर्धन सिंह राठौर, अभिनव बिंद्रा, गगन नारंग और विजय कुमार ओलंपिक में पदक ला चुके हैं.
महज 19 साल के इस युवा निशानेबाज़ ने अपने खेल से दुनिया भर के शूटिंग एक्सपर्ट को प्रभावित किया है.
यही वजह है कि टोक्यो ओलंपिक से पहले प्रतिष्ठित टाइम पत्रिका ने भारत के एकमात्र खिलाड़ी के मेडल जीतने की उम्मीद जाहिर की थी वे सौरभ चौधरी ही थे.
टोक्यो ओलंपिक से पहले सौरभ चौधरी इंटरनेशनल इवेंट्स में कुल मिलाकर 14 गोल्ड और छह सिल्वर मेडल जीत चुके हैं, इसमें आईएसएसएफ़ विश्व चैम्पियनशिप, विश्व कप, यूथ ओलंपिक गेम्स, एशियन एयरगन चैम्पियनशिप और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक शामिल हैं.
सौरव चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ ज़िले के कलिंगा गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता जगमोहन सिंह की अपनी खेतीबाड़ी है. उन्होंने ही सौरव चौधरी की प्रतिभा को पहचाना और आगे बढ़ाया.
सौरव चौधरी ने भी अपने पिता को निराश नहीं किया और एक क़दम आगे बढ़कर ऐसी कामयाबी हासिल की कि ऐसी उपलब्धियां हासिल करने वाले वो भारत के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए.
सौरव चौधरी ने साल 2018 में जूनियर विश्व कप में तीन स्वर्ण पदक जीतकर तहलका मचा दिया. उन्होंने जर्मनी में व्यक्तिगत, मिश्रित टीम और टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते.
इसके बाद उन्होंने साल 2018 में ब्यूनस आयर्स में हुए यूथ ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीता. अपनी इस कामयाबी को उन्होंने उसी साल जकार्ता में हुए एशियाई खेलों में दोहराया और व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता. इसके बाद सौरव चौधरी किसी परिचय के मोहताज नहीं रहे.
साल 2019 में सौरव चौधरी ने दोहा में हुई एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप में दो रजत पदक जीते. साल 2018 सौरव चौधरी के लिए तब और भी ख़ास बन गया जब उन्होंने चांगवॉन में हुई आईएसएसएफ़ विश्व शूटिंग चैम्पियनशिप में एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीते.
निशानेबाज़ी विश्व कप में सौरव चौधरी अब तक आठ स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक जीत चुके हैं. उन्होंने इसी साल मार्च में दिल्ली में हुए निशानेबाज़ी विश्व कप में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीते.

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सौरव चौधरी एशियाई खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी हैं.
उन्होंने साल 2019 में दिल्ली में हुए विश्व कप में 245.0 के स्कोर का विश्व रिकॉर्ड बनाया और इसी के साथ टोक्यो ओलंपिक का टिकट भी हासिल किया.
सौरव ने शुरुआती निशानेबाज़ी अपने मेरठ के पास के गांव से 50 किलोमीटर से अधिक दूर बागपत के बनोली गांव में स्थित निशानेबाज़ी ऐकेडमी में सीखी. सौरव चौधरी मनु भाकर के साथ मिलकर भारत को कई स्वर्ण पदक मिश्रित स्पर्धा में दिला चुके हैं.
ओलंपिक में पदक की बात चलने पर उन्होंने बीबीसी के सहयोगी खेल पत्रकार आदेश गुप्त को कहा था, 'ऐसा लग रहा है कि पदक आ सकता है.' तैयारी और सुविधाओं से पूर्णतः संतुष्ट सौरव चौधरी, 'इतनी बड़ी या इस तरह की प्रतियोगिताओं में स्वभाविक रूप से दबाव बन जाता है'.
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