IPL 2020: VIRATvsIYER-दिल्ली वालों का है ये सीज़न?

    • Author, टीम बीबीसी हिन्दी
    • पदनाम, नई दिल्ली

ये सीजन दिल्ली वालों का है?

इस सवाल की वजह है और वो वजह सिर्फ़ शनिवार को हुए मैच के नतीजे नहीं.

दिल्ली वालों से मायने सिर्फ़ दिल्ली कैपिटल्स नहीं. विराट कोहली भी हैं, जो रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की कप्तानी कर रहे हैं.

बीसीसीआई की लीग में अर्से से बैंगलोर के लिए खेलने के बावजूद 'डेल्ही ब्वॉय' की पहचान और उनके तेवर और तरीकों से हर वक़्त झलकती है.

तो क्या हुआ कि अब तक आईपीएल में न तो कभी दिल्ली की टीम चैंपियन बनी है और न ही विराट कोहली के रॉयल चैलेंजर्स को ट्रॉफी मिली है. लेकिन इस बार ये दोनों ही टीमें 'सनसनी' बन गई हैं.

दिल्ली नंबर-1

आईपीएल-13 के 16 मैचों के बाद पॉइंट टेबल के पहले पायदान पर जमी दिल्ली कैपिटल्स और दूसरे नंबर पर मौजूद विराट कोहली की टीम कई विरोधी टीमों के खेमों में 'खलबली' मचा चुकी हैं.

यह सही है कि अभी टूर्नामेंट के लीग दौर में ही 40 मैच बाकी हैं और अब तक के मैचों में मुंबई इंडियंस, कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स ने भी क्रिकेट पंडितों को अपने खेल से मुरीद बनाया है.

किंग्स इलेवन पंजाब के खाते में जीत भले ही एक दर्ज हुई हो लेकिन इस टीम ने हर विरोधी के पसीने छुड़ाकर दिखाया है कि आईपीएल-13 में वो 'कुछ ख़ास' करने का इरादा लेकर आई है.

अब सनराइज़र्स हैदराबाद ने भी लय पकड़ ली है. सिर्फ़ महेंद्र सिंह धोनी के सुपरकिंग्स ही हैं जो रेस में हाँफते से लग रहे हैं.

दिल्ली वालों का दम

फ़िलहाल टॉप पर तो दिल्ली कैपिटल्स ही है. चार मैचों से दिल्ली के ही बराबर छह अंक जुटाकर विराट कोहली की बैंगलोर टीम दूसरे पायदान पर है.

दोनों ही टीमों ने अब तक एक-एक मैच ही गँवाया है. दिल्ली को सनराइज़र्स हैदराबाद ने मात दी थी तो रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को किंग्स इलेवन पंजाब ने रौंद दिया था.

लेकिन, दोनों ही टीमों ने बाकी तीन-तीन मैचों में जिस अंदाज़ में धूम मचाई है, उससे लगा कि जिस दिन हार मिली, वो उनका 'ऑफ़ डे' यानी एक बुरा दिन था.

हर खिलाड़ी मैच विनर

बात दिल्ली की करें तो ये टीम गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी दोनों ही मोर्चों पर बहुत बैलेंस दिख रही है. इस टीम के पास ज़्यादा स्टार नहीं हैं.

कप्तान श्रेयस अय्यर खेल के स्तर के हिसाब से भले ही अव्वल खिलाड़ियों में हों लेकिन स्टारडम में अभी बहुत से खिलाड़ियों से पीछे हैं. लेकिन फिर भी उनकी कप्तानी और बल्लेबाज़ी दोनों की तारीफ हो रही है.

अगर आईपीएल-13 के पाँच सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों की बात करें तो उनमें दिल्ली का कोई खिलाड़ी नहीं है. कप्तान श्रेयस अय्यर 170 रन के साथ सातवें नंबर पर हैं.

पाँच आला गेंदबाज़ों में दिल्ली के कागिसो रबाडा का नाम है. वो आठ विकेट के साथ तीसरे नंबर पर हैं. पांच विकेट ले चुके एनरिच नोर्जे सातवें नंबर पर है.

टीम में न आला बल्लेबाज़ और न ही आला गेंदबाज़ फिर टीम के पास है टॉप पोजीशन, तो इसकी वजह ये है कि दिल्ली की टीम एक यूनिट की तरह खेलती दिख रही है. हर दिन एक नया स्टार मैच विनर साबित हो रहा है.

किंग्स इलेवन पंजाब के ख़िलाफ पहले मैच में मार्कस स्टॉइनिस ने बल्ले और गेंद दोनों से कमाल दिखाया.

चेन्नई के ख़िलाफ़ पृथ्वी शॉ बल्ले से चमके और रबाडा ने गेंद से कहर ढाया. केकेआर के ख़िलाफ़ सिर्फ़ 38 गेंद में नाबाद 88 रन बनाकर कप्तान अय्यर ने जीत का रास्ता तैयार किया. गेंदबाज़ी में एनरिच नोर्जे और हर्शल पटेल चमके.

पोंटिंग ने बदली किस्मत?

ये टीम बहुत संतुलित दिख रही है. शारजाह के छोटे मैदान में 228 रन का बचाव करते हुए दिल्ली की टीम ने दिखाया कि उसके बल्ले में भी दम है और गेंदबाज़ी में भी धार है.

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास के सबसे घाघ कप्तानों में शामिल रिकी पोंटिंग की रणनीति इस टीम के लिए वरदान मानी जा रही है.

इस टीम की लय बनी रही तो आईपीएल-13 में नई कहानी लिखी जा सकती है.

बैंगलोर पर नई धार

आईपीएल में नई इबारत लिखने को विराट कोहली की बैंगलोर टीम भी बेताब दिख रही है. हालाँकि, इस टीम का प्रदर्शन दिल्ली के मुक़ाबले उतार-चढ़ाव भरा रहा है.

बैंगलोर को पंजाब के हाथों करारी हार झेलनी पड़ी. हैदराबाद के ख़िलाफ़ जीत तो मिली लेकिन चैंपियनों वाली धमक नहीं दिखी. मुंबई के ख़िलाफ़ मैच टाई रहा और जीत के लिए सुपर ओवर तक इंतज़ार करना पड़ा.

लेकिन राजस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ आठ विकेट की धमाकेदार जीत ने बैंगलोर के रुतबे को नई ऊंचाई दे दी है.

चहल का 'चमत्कार'

बैंगलोर के युजवेंद्र चहल टूर्नामेंट में अब तक सबसे कामयाब गेंदबाज़ हैं. उनकी फिरकी हर विरोधी के सिर चढ़कर बोल रही है.

बल्लेबाज़ी में देवदत्त पडिक्कल 174 रन के साथ चौथे नंबर पर बने हुए हैं. वो चार मैचों में तीन हाफ सेंचुरी जमा चुके हैं.

मुंबई के ख़िलाफ़ तूफ़ानी अंदाज़ में नाबाद 55 रन बनाने वाले एबी डिविलियर्स बता चुके हैं कि उनके बल्ले में अभी धार बाकी है.

रंग में लौटे कोहली

कोई कसर थी तो कप्तान विराट कोहली की फॉर्म लेकिन राजस्थान के ख़िलाफ नाबाद 72 रन बनाकर उन्होंने भी मैन विनर खिलाड़ियों में अपना नाम लिखा लिया है.

बैंगलोर का बॉलिंग अटैक शुरुआत में बेहतर नहीं दिख रहा था लेकिन अब गेंदबाज़ी में भी धार लौटती दिख रही है.

चार मैच में से तीन मैच जीतकर विराट कोहली की टीम ने छह पॉइंट जुटा लिए हैं और प्ले ऑफ़ की रेस का दबाव भी दूसरी टीमों पर बढ़ा दिया है.

सवालों में केकेआर के कार्तिक

दिल्ली कैपिटल्स के हाथों शनिवार को केकेआर को मिली हार के बाद भी इयॉन मोर्गन और राहुल त्रिपाठी चर्चा में रहे. इन दोनों की जोड़ी क्रीज़ पर तब जमी जब केकेआर करीब-करीब मैच से बाहर हो चुकी थी लेकिन इन्होंने शारजाह में किसी चमत्कार की आस जगा दी.

इस जोड़ी ने पांच ओवर में 78 रन जोड़ दिए. मोर्गन ने 18 गेंद में पांच छक्कों और एक चौके की मदद से 44 रन बनाए. राहुल त्रिपाठी ने 16 गेंद में तीन चौके और तीन छक्कों की मदद से 36 रन बनाए.

इस प्रदर्शन के बाद केकेआर के कप्तान दिनेश कार्तिक की कप्तानी पर भी सवाल उठे. ये पूछा गया कि जब सुनील नरेन लगातार फ़ेल हो रहे हैं तो उनसे ओपनिंग क्यों कराई जा रही है और टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज़ त्रिपाठी को आठवें नंबर पर क्यों भेजा जा रहा है? त्रिपाठी छक्के जड़ने के महारथी माने जाते हैं.

दिनेश कार्तिक की ख़ुद की फ़ॉर्म भी बहुत खराब है. कार्तिक का मोर्गन से पहले बल्लेबाज़ी के लिए आना और आंद्रे रसेल को चौथे नंबर पर प्रमोट करना भी सवालों के घेरे में रहा.

स्मिथ बनाम विराट

बैंगलोर और राजस्थान के बीच मैच के पहले सवाल विराट कोहली और स्टीव स्मिथ को लेकर भी पूछे जा रहे थे.

विराट कोहली शनिवार को भी स्मिथ पर भारी पड़े. बल्लेबाज़ी में भी और कप्तानी में भी. हालांकि, टूर्नामेंट अभी बाकी है और मुक़ाबला भी जारी है.

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