फ़ीफ़ा अंडर-17 फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए तैयार भारत

फ़ीफ़ा अंडर-17 वर्ल्ड कप

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    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, खेल पत्रकार बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

दुनिया में सबसे अधिक देशों में खेले जाने वाले खेल फुटबॉल का महाकुंभ शुक्रवार से 2017 फ़ीफ़ा अंडर-17 विश्व कप भारत की मेज़बानी में शुरू होने जा रहा है.

भारत सहित 24 देशों की टीमें अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट के छठे संस्करण को अपने नाम करने के लिए जी-जान लगाने को तैयार है.

लेकिन कौन बनेगा चैंपियन इसके लिए 28 अक्तूबर तक इंतज़ार करना पड़ेगा जब इसका फ़ाइनल फुटबॉल के दीवाने शहर कोलकाता के साल्टलेक स्टेडियम में खेला जाएगा.

शुक्रवार को इस टूर्नामेंट का पहला मुक़ाबला कोलंबिया और घाना के बीच दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में खेला जाएगा. दूसरे मुक़ाबले में मेज़बान भारत का सामना अमरीका से होगा.

पहले दिन के दो अन्य मैचों में न्यूज़ीलैंड और तुर्की के अलावा पराग्वे और माली भी आपस में टकराएंगे. यह दोनों मुक़ाबले नवी मुंबई में खेले जाएंगे.

घाना के फुटबॉल समर्थक

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भारत में फ़ुटबॉल प्रेमी

कौन जानता था कि जब साल 1950 में ब्राज़ील में हुए फ़ीफ़ा विश्व कप में भारत को खेलने का अवसर मिला था, लेकिन किवदंती के अनुसार नंगे पांव खेलने के कारण भारत ने उसे गंवा दिया.

अब मेज़बान होने के कारण भारत की अंडर-17 टीम को ही सही विश्व कप खेलने का मौक़ा मिला है.

इसे ऐतिहासिक लम्हा मानते है फुटबॉल समीक्षक नोवी कपाडिया. उनके मुताबिक़ पूरी दुनिया की नज़र भारत पर टिकी है कि अब फुटबॉल के शौकीन भी यहां है.

अमरजीत सिंह कियाम

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पहली बार मौका

अमरजीत सिंह कियाम की कप्तानी में खेलने वाली भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी इतिहास में इसलिए भी याद किए जाएंगे कि उन्हें पहली बार फ़ीफ़ा विश्व कप में खेलने का सौभाग्य मिल रहा है.

इनकी ट्रेनिंग भी बेहद शानदार हुई है. इस विश्व कप में शामिल सभी 24 टीमों को छह ग्रुप में बांटा गया है.

ग्रुप ए में मेज़बान भारत के अलावा अमरीका, कोलंबिया और घाना शामिल है. ग्रुप बी में पराग्वे, माली, न्यूज़ीलैंड और टर्की हैं.

ग्रुप सी में ईरान, गुइनिया, जर्मनी और कोस्टारिका शामिल है.

ईरानी फुटबॉल समर्थक

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बराबरी की टीमें

ग्रुप डी में नोर्थ कोरिया, नाइजेर, ब्राज़ील और स्पेन है. ग्रुप ई मे होंडुरास, जापान, न्यू कैलेडोनिया और फ्रांस, जबकि ग्रुप एफ़ में इराक़, मैक्सिको, चिली और इंग्लैंड अपना दम-ख़म दिखाएंगी.

नोवी कपाडिया के अनुसार ग्रुप एफ़ को ग्रुप ऑफ़ डेथ कहा जा सकता है.

उनके अनुसार इसमें शामिल चारों टीमें बराबर हैं. इराक एशियन चैंपियन है. इंग्लैंड की सीनियर टीम कई वर्षों से विश्व कप और यूरोपियन चैंपियनशिप में कुछ ख़ास नहीं कर सकी है.

अंडर-20 में इंग्लैंड विश्व चैंपियन है जिसके खिलाड़ी लिवरपूल और चेल्सी में खेलते है.

इंग्लैंड के समर्थक

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टक्कर का मुक़ाबला

इंग्लैंड की टीम बेहद ख़तरनाक़ है और छुपी रूस्तम साबित हो सकती है. नोवी कपाडिया आगे कहते है कि कई फुटबॉल पंडितों की भविष्यवाणी है कि इंग्लैंड, जर्मनी, ब्राज़ील और स्पेन सेमीफ़ाइनल में पहुंच सकती है.

मैक्सिको का इतिहास भी शानदार है और वह चैंपियन भी रह चुकी है. जबकि चिली बेहद चतुराई से फुटबॉल खेलती है. इंग्लैंड और मैक्सिको इस ग्रुप से आगे बढ़ सकती है.

वैसे भी हर ग्रुप से दो-दो टीमें ही आगे पहुंचेंगी. भारत की उम्मीदों को लेकर नोवी कपाडिया का मानना है कि फ़ीफ़ा के ड्रा के अनुसार भारत का ग्रुप बेहद कठिन है. घाना और कोलंबिया को तो भारत का मौसम भी रास आएगा. उन्हे बिलकुल भी गर्मी नहीं लगेगी. घाना तो दो बार चैंपियन भी रह चुकी है.

वहीं अमरीका की तैयारी पर शक नहीं किया जा सकता.

ब्राज़ीली फुटबॉल स्टार नेमार

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भारत के छह शहरों में मैच

इस अंडर-17 विश्व कप के मुक़ाबले भारत के छह शहरों दिल्ली, कोच्चि, कोलकाता, नवी मुंबई, गुवाहाटी और मडगॉव में खेले जाएंगे.

वैसे अंडर-17 विश्व कप से माध्यम से पुर्तगाल के लुइस फिगो, स्पेन के सेस फेब्रेगास और इकेर कैसियास, जर्मनी के टॉमी क्रूज़, ब्राज़ील के नेमार और रोनाल्डिन्हों जैसे बेहतरीन फुटबॉलर दुनिया को मिले हैं.

अंडर-17 विश्व कप को अभी तक नाइजीरिया ने तीन बार जीता है. साल 2007-2013 और 2015 में वह चैंपियन रही.

साल 2009 में स्विटज़रलैंड और साल 2011 में मैक्सिको चैंपियन बना.

ब्राज़ील के रोनाल्डिन्हो

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अब देखना है कि क्रिकेट के दीवाने देश भारत में फुटबॉल का जादू कितना सर चढ़कर बोलता है.

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