BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए

भारत में नौकरियां

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हेलो. उम्मीद है कि आप अच्छे होंगे, खुश होंगे और सकारात्मक ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ रहे होंगे.

हम जानते हैं कि व्यस्तता के बीच आपके लिए सारी ख़बरों पर नज़र रखना मुश्किल रहता होगा.

ऐसे में हम लाए हैं बीते सप्ताह की कुछ दिलचस्प और अहम ख़बरें, जिन पर शायद आपकी नज़र ना गई हो.

ये पांच ख़बरें आपने पढ़ लीं तो ये समझिए कि आप पूरी तरह से अपडेटेड हैं.

बेरोज़गारी: कैसे बढ़ेंगी नौकरियां और क्या कर सकते हैं नौकरी चाहने वाले

हाल ही में केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि अप्रैल 2014 से मार्च 2022 के बीच आठ सालों में विभिन्न केंद्र सरकार के विभागों में स्थायी नौकरी पाने के लिए क़रीब 22 करोड़ लोगों ने आवेदन किया.

इसी अवधि में जिन लोगों को अंततः केंद्र सरकार में स्थायी नौकरी मिली उनकी संख्या क़रीब 7.22 लाख थी.

आसान शब्दों में कहा जाए तो जितने लोगों ने नौकरी के लिए आवेदन किया उसमें से केवल 0.32 प्रतिशत लोगों को नौकरी मिली.

भारत में बेरोज़गारी से बनी स्थिति का ये सिर्फ एक उदाहरण है. वर्ष 2020 और 2021 में कोविड-19 महामारी की वजह से लाखों-करोड़ों लोगों की नौकरियां गईं.

महामारी की वजह से लगे प्रतिबंधों के चलते कई सरकारी भर्तियों पर भी असर पड़ा. इस सब का मिला-जुला नतीजा ये था कि भारत के कई राज्यों में बेरोज़गारों की संख्या में उछाल आता दिखाई दिया. पूरी स्टोरी यहां पढ़ें...

एशिया कप

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एशिया कप की भारतीय टीम को लेकर क्या-क्या उठ रहे हैं सवाल

भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए अगस्त से नवंबर का समय काफ़ी दिलचस्प होने वाला है. इस दौरान कई देशों के साथ द्विपक्षीय सिरीज़ खेलने के अलावा भारतीय टीम दो टी-20 टूर्नामेंट में भी हिस्सा लेगी- एशिया कप और टी-20 वर्ल्ड कप.

एशिया कप 2022 का आयोजन 27 अगस्त से 11 सितंबर के बीच संयुक्त अरब अमीरात में हो रहा है. इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय चयनकर्ताओं ने 15 सदस्यीय टीम का चयन किया गया है और ब्रेक के बाद विराट कोहली और चोट के बाद केएल राहुल की वापसी हुई है.

वहीं दूसरी ओर चोट के चलते जसप्रीत बुमराह और हर्षल पटेल इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगे. ये दोनों फ़िलहाल नेशनल क्रिकेट अकादमी, बेंगलुरु में फ़िट होने की कोशिशों में जुटे हैं.

एशिया कप की टीम में युवा विकेटकीपर बल्लेबाज़ों ईशान किशन और संजू सैमसन को भी जगह नहीं मिली है. विकेटकीपर बल्लेबाज़ के तौर पर ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक चयनकर्ताओं का भरोसा जीतने में कामयाब रहे हैं. पूरी स्टोरी यहां पढ़ें...

चीता

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इमेज कैप्शन, भारत आने वाला एक चीता जो इस समय दक्षिण अफ़्रीका की क्वारंटीन फेसिलिटी में है

भारत में अफ्रीकी चीतों के आने से क्या होगा?

"बग़ैर चीतों के मेरा शिकार पर निकलना नामुमकिन था. हालांकि मैं बाघों का शिकार ज़्यादा करता था, लेकिन मेरे चीते एक साथ दर्जनों हिरण दबोच लेते थे. वैसे, बिगड़ैल चीतों को मारना मेरा भी शौक़ है", ये लिखा था मुग़ल शासक जहांगीर ने अपनी आत्मकथा 'तुज़ूक-ए-जहांगीरी' में.

अपने पिता सम्राट अक़बर के चीतों के प्रति ख़ास लगाव के बारे में जहांगीर ने लिखा, "मेरे पिता चीतों की तादाद बढ़ाना चाहते थे और उनके पास 1,000 से ज़्यादा चीते थे. क्योंकि उनका जन्म रविवार के दिन हुआ था तो वे उस दिन न शिकार करते थे और न ही मांस खाते थे. मैंने भी रविवार और गुरुवार को जानवरों की बलि और शिकार पर पाबंदी लगाई थी और इन दिनों के अलावा मैं चीतों के साथ जंगलों में शिकार करता था".

सन 1623 के दौरान की इस किताब से पता चलता है मुग़ल शासक अपने सूबेदारों को इनाम के तौर पर चीते भेंट करते थे. चीतों के बारे में आप ये बात इसलिए पढ़ रहे हैं क्योंकि भारत ने 1950 के दशक में चीते को विलुप्त घोषित कर दिया था और देश में एक भी चीता नहीं बचा था. लेकिन दुनिया में सबसे तेज़ दौड़ने वाला ये जानवर बहुत जल्द फिर से भारत के जंगलों में घूमेगा.

अफ़्रीका से एक लंबी यात्रा तय करके क़रीब 16 चीते भारत पहुंचने वाले हैं, जिन्हें मध्य प्रदेश के 1.15 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले कूनो नेशनल पार्क में छोड़ दिया जाएगा. आगे की स्टोरी पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

गाइड फ़िल्म

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गाइड ने बना दिया था गोल्डी आनंद को चोटी का निर्देशक

बर्लिन फ़िल्म समारोह के बाद जब देवानंद लंदन गए तो किसी ने उनसे आर के नारायण की किताब 'गाइड' पढ़ने के लिए कहा. किताब की तलाश में वो लंदन के सबसे बड़े बुक स्टोर 'फ़ॉयल' गए लेकिन वहाँ किताब की सारी प्रतियाँ बिक चुकी थीं. लेकिन काउंटर पर खड़ी सेल्स गर्ल ने उनसे कहा कि अगर वो अपना पता छोड़ जाएं तो वो वो किताब उन तक पहुंचा देंगीं.

अगले ही दिन होटल की रिसेप्शनिस्ट ने उन्हें फ़ोन कर कहा कि वो उनके लिए आया एक पार्सल उनके कमरे में भेज रही हैं. जब देव ने उस पार्सल को खोला तो उसमें 'गाइड' किताब थी.

हाइड पार्क के सामने अपने होटल की बालकनी में बेठे बैठे देवानंद ने वो किताब एक बार में ही ख़त्म कर दी. उन्हें उसी समय लग गया कि कहानी में दम है.

इस उपन्यास को तब तक अंग्रेज़ी में कहानी का साहित्य अकादमी पुरस्कार मिल चुका था और उसके लेखक आर के नारायण की ख्याति दुनिया भर में फैल चुकी थी.

सब्जियां

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बारिश के मौसम में ऐसे बढ़ाएं इम्यूनिटी

बारिश के मौसम में इम्यूनिटी थोड़ी कम हो जाती है. फ्लू और खांसी-जुकाम होना जैसे आम हो जाता है.

ऐसे में इम्यूनिटी को कैसे बेहतर बनाएं, बता रही हैं डायटीशियन मेहवश ख़ान. वीडियो यहां देखें...

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