ईरान के डॉक्टर ने बताया अस्पताल घायलों से भरे, रज़ा पहलवी बोले- मैं वतन लौटने की तैयारी कर रहा हूं

तेहरान में प्रदर्शनकारी

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इमेज कैप्शन, राजधानी तेहरान समेत देश के कई इलाक़ों में हिंसक प्रदर्शन जारी हैं
    • Author, हेलन सुलिवन, सोरौश पाकज़ाद और रोजा असदी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरानी अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को लेकर एक साथ सख़्त चेतावनियां जारी की हैं

इसी बीच, दो अस्पतालों में काम करने वाले एक डॉक्टर और एक मेडिकलकर्मी ने बीबीसी को बताया कि उनके अस्पताल घायलों से भर चुके हैं.

एक डॉक्टर ने कहा कि तेहरान के एक आंखों का अस्पताल 'क्राइसिस मोड' में है.

वहीं दूसरे अस्पताल के एक मेडिकलकर्मी का संदेश बीबीसी को मिला है. इसमें कहा गया है कि मरीज़ों की भारी संख्या है. उनका इलाज करने के लिए सर्जनों की संख्या पर्याप्त नहीं है.

शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान 'बड़ी मुसीबत' में है.

उन्होंने चेतावनी दी, ''बेहतर है कि वे गोली चलाना शुरू न करें क्योंकि अगर उन्होंने ऐसा किया तो हम भी गोली चलाएंगे.''

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को लिखे एक पत्र में अमेरिका पर आरोप लगाया और विरोध प्रदर्शनों को ''हिंसक और देश को अस्थिर करने वाली" कार्रवाई बताया है.

ईरान ने कहा है कि ये "प्रदर्शन व्यापक तोड़फोड़ वाली कार्रवाइयों में बदल गए हैं.''

प्रदर्शनकारियों के सिर और आंखों में गोली लगने की ख़बरें

ईरान
इमेज कैप्शन, ईरान में गुरुवार शाम से इंटरनेट बंद है. विरोध की तस्वीरें स्टारलिंक सैटेलाइट से चलने वाले इंटरनेट के ज़रिये मिली हैं.

इस बीच अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा किए जाने की अपील की है.

सरकार विरोधी प्रदर्शन दर्जनों शहरों में हुए हैं. दो मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक़ अब तक कम से कम 50 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है.

बीबीसी और ज़्यादातर अंतरराष्ट्रीय समाचार संगठनों को ईरान के भीतर रिपोर्टिंग की इजाज़त नहीं है.

इसके अलावा, गुरुवार शाम से देश में लगभग पूरी तरह इंटरनेट बंद है, जिससे जानकारी जुटाना और उसकी पुष्टि करना बेहद मुश्किल हो गया है.

ईरान के एक डॉक्टर ने शुक्रवार रात स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट के ज़रिए बीबीसी से संपर्क किया था.

उन्होंने बताया कि तेहरान का प्रमुख आई हॉस्पिटल फ़ाराबी में इमरजेंसी सर्विस काफ़ी दबाव में है.

बताया गया कि यहां ग़ैर-ज़रूरी भर्ती और सर्जरी रोक दी गई हैं. इमरजेंसी मामलों से निपटने के लिए अतिरिक्त स्टाफ़ बुलाया गया है.

बीबीसी को दक्षिण-पश्चिमी शहर शिराज़ के एक अस्पताल में काम करने वाले मेडिकलकर्मी का वीडियो और ऑडियो मैसेज भी मिला है.

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में घायल लोगों को लाया जा रहा है और अस्पताल में इतने सर्जन नहीं हैं कि सभी मरीज़ों का इलाज हो सके.

उनका दावा है कि कई घायलों को सिर और आंखों में गोली लगी है.

अब तक 26 लोगों की मौत की पुष्टि

ईरान के करमनशाह में विरोध प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ करते लोग

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अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अब तक कम से कम 50 प्रदर्शनकारी और 15 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं.

संगठन ने यह भी बताया कि 2,311 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स (आईएचआरएनजीओ) ने कहा कि कम से कम 51 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है, जिनमें नौ बच्चे भी शामिल हैं.

बीबीसी फ़ारसी ने इनमें से 26 लोगों की मौतों की पुष्टि की है. इनमें से पांच बच्चे हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टेफान दुजारिक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को जान-माल के नुक़सान से गहरी चिंता है.

उन्होंने कहा, ''दुनिया में कहीं भी लोगों को शांतिपूर्ण तरीके़ से प्रदर्शन करने का अधिकार है और सरकारों की ज़िम्मेदारी है कि वे इस अधिकार की रक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि इसका सम्मान हो."

फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीयर स्टार्मर और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज़ ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा, ''ईरानी अधिकारियों की ज़िम्मेदारी है कि वे अपने नागरिकों की रक्षा करें और बिना किसी डर के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा की इजाज़त दें.''

ईरान के सर्वोच्च नेता ख़ामेनेई ने क्या चेतावनी दी

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को कड़ी चेतावनी दी है

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ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने शुक्रवार को टीवी संबोधन में कड़ा रुख़ अपनाया.

उन्होंने कहा, "इस्लामिक रिपब्लिक लाखों सम्मानित लोगों के ख़ून से सत्ता में आई है और जो लोग इसे नकारते हैं, उनके सामने यह पीछे नहीं हटेगी."

बाद में समर्थकों की एक सभा में दिए गए भाषण में (सरकारी टीवी पर इसे दिखाया गया) ख़ामेनेई ने दोहराया कि ईरान ''विनाशकारी तत्वों से निपटने में बिल्कुल नहीं हिचकिचाएगा.''

इसके उलट, ईरान के आख़िरी शाह के बेटे रज़ा पहलवी ने शुक्रवार के विरोध प्रदर्शनों को "शानदार" बताया और ईरानियों से सप्ताहांत में और टारगेटेड प्रदर्शन करने की अपील की.

पहलवी ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा, "हमारा लक्ष्य अब सिर्फ़ सड़कों पर उतरना नहीं है. लक्ष्य शहरों के केंद्रों पर क़ब्ज़ा करने और उन्हें अपने नियंत्रण में रखने की तैयारी करना है."

अमेरिका में रह रहे रज़ा पहलवी ने यह भी कहा कि वह देश लौटने की तैयारी कर रहे हैं.

ईरान में ब्रिटेन के पूर्व राजदूत सर साइमन गास ने बीबीसी रेडियो 4 के टुडे कार्यक्रम में शासन परिवर्तन पर चर्चा करते हुए कहा कि "हमें ज़्यादा जल्दबाज़ी में निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए."

उन्होंने कहा कि ईरान के भीतर संगठित विपक्ष की कमी का मतलब यह है कि लोगों के पास ऐसा कोई नेता या मंच नहीं है, जिसके इर्द-गिर्द वे एकजुट होकर मौजूदा शासन के विकल्प के रूप में खड़े हो सकें.

हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि मौजूदा विरोध प्रदर्शन पहले के आंदोलनों से अलग हैं.

इनके तहत "पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा व्यापक तबका सड़कों पर उतर रहा है", और इसकी वजह यह है कि आम लोगों के लिए "आर्थिक तबाही के कारण गुज़ारा करना लगभग असंभव हो गया है".

ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत ने सुरक्षा परिषद को लिखे पत्र में अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह ''धमकियों, उकसावे और जानबूझकर अस्थिरता और हिंसा को बढ़ावा देकर ईरान के आंतरिक मामलों में दख़ल दे रहा है.''

आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई

शुक्रवार को व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन ईरान की स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए है.

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि लोग कुछ ऐसे शहरों पर कब्ज़ा कर रहे हैं, जिनकी कल्पना कुछ हफ़्ते पहले तक कोई नहीं कर सकता था."

ट्रंप ने पहले दी गई चेतावनियों को दोहराते हुए कहा, "हम उन्हें वहां बहुत ज़ोर से मारेंगे, जहां उन्हें सबसे ज़्यादा दर्द होगा."

उन्होंने यह भी कहा कि इसका मतलब 'ज़मीन पर सैनिक भेजना' नहीं है.

गुरुवार को ट्रंप ने कहा था कि अगर वे "लोगों को मारना शुरू करते हैं" तो अमेरिका "बहुत कड़ा जवाब देगा."

बाद में शुक्रवार को अमेरिका ने ईरान के विदेश मंत्री को 'भ्रम में जीने वाला' बताया.

'ईरान के बहादुर लोगों को हमारा समर्थन'

ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वो उसे वहां मारेंगे जहां सबसे ज़्यादा दर्द होता है.

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यह प्रतिक्रिया ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची के उस बयान पर आई, जिसमें उन्होंने इसराइल और अमेरिका पर विरोध प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप लगाया था.

यह बयान उन्होंने लेबनान दौरे के दौरान दिया था.

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा, "यह बयान ईरानी शासन की घरेलू समस्याओं से ध्यान हटाने की एक भ्रमित कोशिश है."

शनिवार तड़के अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक्स पर पोस्ट किया, "अमेरिका ईरान के बहादुर लोगों का समर्थन करता है."

ईरानी राजनीतिक कार्यकर्ता तग़ी रहमानी ने 'टुडे कार्यक्रम' से कहा कि वह अमेरिकी समर्थन को लेकर आशंकित हैं.

रहमानी ईरान में 14 साल जेल में रह चुके हैं और उनकी पत्नी, नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगेस मोहम्मदी, को दिसंबर में फिर से गिरफ़्तार किया गया था.

उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि विदेशी दख़ल से विपक्ष निर्भर हो जाता है. जब विपक्ष किसी दूसरे देश पर निर्भर हो जाता है, तो उसे उस सरकार के लिए राष्ट्रीय हितों की कुर्बानी देनी पड़ती है. यह ईरानी जनता को स्वीकार नहीं होगा."

ईरान से विरोध प्रदर्शनों की आ रही तस्वीरों में लोग वाहन जलाते दिख रहे हैं

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इस बीच, शुक्रवार को ईरान की सुरक्षा और न्यायिक एजेंसियों के रुख में सख़्ती दिखी.

यह ईरान की सर्वोच्च सुरक्षा संस्था, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल, के पहले दिए गए ''कोई नरमी नहीं" वाले संदेश को ही दोहराना जैसा था.

ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ 'निर्णायक और ज़रूरी क़ानूनी कार्रवाई' की जाएगी.

परिषद ने उन्हें 'हथियारबंद उपद्रवी' और 'शांति और सुरक्षा भंग करने वाला' बताया.

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की ख़ुफ़िया शाखा ने कहा कि वह जिन कार्रवाइयों को 'आतंकवादियों की कार्रवाई' बता रही है, उन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

उसने कहा कि 'दुश्मन की योजना के पूरी तरह नाकाम होने तक' उसकी कार्रवाइयां जारी रहेंगी.

सोरौश नेगाहदारी द्वारा अतिरिक्त रिपोर्टिंग.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.