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मंगलवार, 07 अक्तूबर, 2008 को 04:17 GMT तक के समाचार
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चंद्रयान भेजा जाएगा 22 अक्तूबर को
चंद्रयान-1 चंद्रमा की सतह से सौ किलोमीटर ऊपर स्थित रहेगा
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र का कहना है कि चंद्रमा के लिए भारत का पहला मानवरहित अभियान चंद्रयान-1 श्रीहरिकोटा से 22 अक्तूबर को प्रक्षेपित किया जाएगा.

भारतीय वैज्ञानिकों ने इसके लिए सुबह छह बजकर 20 मिनट का समय निर्धारित किया है.

इस उपग्रह को पिछले हफ़्ते बंगलौर से एक विशेष वाहन से श्रीहरिकोटा पहुँचा दिया गया है.

चंद्रयान के साथ ही 11 और उपकरण एपीएसएलवी-सी11 से प्रक्षेपित किए जा रहे हैं जिनमें से पाँच भारत के हैं और छह अमरीका और यूरोपीय देशों के.

वैज्ञानिकों का कहना है कि चंद्रयान-1 पृथ्वी के उपग्रह चंद्रमा की सतह से सौ किलोमीटर ऊपर स्थापित कर दिया जाएगा.

चंद्रयान-1 चंद्रमा की भौगोलिक परिस्थितियों और वहाँ मौजूद खनिज सामग्री के बारे में विस्तृत आँकड़े उपलब्ध करवाएगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इसके साथ एक 'मून-इंप्रैक्ट प्रोब' नाम का एक उपकरण भी भेजा जा रहा है जो चंद्रमा की सतह पर उतरने के लिए आवश्यक तकनीक का परीक्षण और प्रदर्शन करेगा.

इस परियोजना पर 386 करोड़ रुपए की लागत आ रही है.

भारत मानता है कि यह अभियान अंतरिक्ष की खोज और अंतर-ग्रहीय अभियानों की दिशा में एक बड़ा क़दम है.

महत्वाकांक्षी अभियान

मानवरहित चंद्र मिशन के तहत चंद्रयान-1 नामक उपग्रह को चंद्रमा की ध्रुवीय कक्षा में स्थापित किया जाएगा.

इस अभियान के लिए यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी (नासा) के बीच समझौता भी हुआ है.

चंद्रयान-1 अपने साथ यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी के छह अनुसंधान उपकरण भी साथ ले जाएगा.

ये उपकरण होंगे- ब्रिटेन में निर्मित एक्सरे स्पेक्ट्रोमीटर, जर्मनी में निर्मित नीयर इन्फ़्रारेड स्पेक्ट्रोमीटर और चाँद पर सौर आँधियों के प्रभाव के अध्ययन के लए स्वीडन में निर्मित एक वैज्ञानिक उपकरण.

चंद्रयान-1 क़रीब 100 किलोमीटर दूर रह कर चंद्रमा की परिक्रमा करेगा.

उल्लेखनीय है कि इसरो और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और नासा पहले से ही विभिन्न परियोजनाओं में परस्पर सहयोग कर रहे हैं.

पीएसएलवीभारत की ऊँची उड़ान
सूचना प्रौद्योगिकी में भारत पहचान बना चुका है. अब अंतरिक्ष बाज़ार की बारी है.
अंतरिक्ष यानइसरो के साथ नासा
भारत के चंद्रयान के साथ दो अमरीकी अंतरिक्ष उपकरण भी ले जाए जाएँगे.
चाँद चाँद पर उपकरण
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