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चंद्रमा पर रोबोट के लिए प्रतियोगिता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सर्च इंजन के सबसे संचालक गूगल ने चंद्रमा में रोबोट भेजने के लिए निजी कंपनियों के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की है. इसके लिए तीन करोड़ डॉलर का पुरस्कार रखा गया है. गूगल यह प्रतियोगिता एक्स-प्राइज़ फ़ाउंडेशन के साथ मिलकर आयोजित कर रहा है. यह ईनाम पाने के लिए रोबोट को चंद्रमा की सतह पर पहुँचने के बाद कुछ काम भी करने होंगे, जिसमें वीडियो फ़िल्म शूट करना और सतह पर कुछ दूरी तक चलना शामिल है. जो कंपनियाँ इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चाहें उनके पास इसके लिए वर्ष 2012 तक का समय है. इस प्रतियोगिता की घोषणा करते हुए गूगल और एक्स प्राइज़ फ़ाउंडेशन ने कहा है कि वे यह प्रतियोगिता इसलिए आयोजित कर रहे हैं ताकि इससे कम क़ीमत में अंतरिक्ष को जानने के लिए रोबोट अभियान को बढ़ावा दिया जा सके. प्रतियोगिता पुरस्कार उस कंपनी को दिया जाएगा जिसका रोबोट चंद्रमा की सतह पर उतरे और फिर कुछ कार्य पूरे करे. इसमें चंद्रमा की सतह पर कम से कम 500 मीटर तक चलना और कुछ ख़ास तरह की तस्वीरें और आँकड़े एकत्रित करने होंगे. दूसरा पुरस्कार पचास लाख डॉलर का है जो उस फ़र्म को दिया जाएगा जिसका अपना रोबोट चंद्रमा पर पहुँचाने के बाद सतह पर चले और कुछ तस्वीरें खींचे. गूगल ने कहा है कि यदि रोबोट निर्धारित लक्ष्य से सतह पर अधिक चल पाता है, अपोलो के अवशेष की तस्वीरें ले पाता है, जमी हुई बर्फ़ की तस्वीर ले पाता है और चंद्रमा की ठंडी रात के बाद भी काम कर पाता है तो उसे 50 लाख डॉलर का अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा. इसमें भाग लेने वाले रोवरों में अच्छी क़िस्म का वीडियो और स्टिल कैमरा लगाने की शर्त अनिवार्य रखी गई है. एक्स-प्राइज़ फ़ाउंडेशन के चेयरमैन डॉ पीटर डायमंडिस ने कहा, "हमें विश्वास है कि इस प्रतियोगिता से रोबोट टेक्नॉलॉजी को बढ़ावा मिलेगा और अंतरिक्ष अन्वेषण का ख़र्च नाटकीय रुप से कम हो जाएगा." आयोजकों ने कहा है कि प्रतियोगियों के लिए अंतिम तिथि 2012 तक है लेकिन यदि तब तक कोई विजेता नहीं मिलता तो इसे दो वर्षों के लिए यानी 2014 तक बढ़ा दिया जाएगा. हालांकि यह चंद्रमा पर रोबोट भेजना आसान काम नहीं होगा क्योंकि इसके लिए किसी न किसी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी का सहयोग चाहिए होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें चांद पर स्थायी ठिकाने की योजना05 दिसंबर, 2006 | विज्ञान नासा ने दिया अरबों डॉलर का ठेका01 सितंबर, 2006 | विज्ञान नासा और इसरो में ऐतिहासिक समझौता09 मई, 2006 | विज्ञान फिर चाँद पर पड़ेंगे मानव क़दम19 सितंबर, 2005 | विज्ञान चाँद पर टिकी मलेशिया की नज़रें29 अगस्त, 2005 | विज्ञान यूरोपीय अंतरिक्ष यान चंद्रमा के क़रीब15 नवंबर, 2004 | विज्ञान अंतरिक्ष में अभियानों पर रोमाँच10 जनवरी, 2004 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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