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यूरोपीय अंतरिक्ष यान चंद्रमा के क़रीब | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोपीय अंतरिक्ष यान स्मार्ट-1 चंद्रमा के क़रीब पहुँच गया है. यूरोपीय अंतरिक्ष केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. बरनार्ड फ़ोइंग का कहना है कि 15 नवंबर की रात अंतरिक्ष यान को चंद्रमा की कक्षा में लाने की प्रक्रिया शुरु होगी. यह यान चंद्रमा की उत्पत्ति की जानकारी एकत्रित करने के लिए भेजा गया है. स्मार्ट-1 की विशेषता यह है कि यह सौर्य ऊर्जा से चलता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह यान जनवरी 2005 से अपना काम शुरु करेगा. एक्स-रे के ज़रिए यह यान चंद्रमा के सतह की विस्तृत जानकारी एकत्रित करेगा जिसमें सतह की रासायनिक बनावट का पूरा विवरण होगा. वैज्ञानिकों को आशा है कि इससे चंद्रमा के जन्म के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी. डॉ फ़ोइंग का कहना है, "हम मानते हैं कि चंद्रमा पृथ्वी की संतान है. साढ़े चार अरब साल पहले मंगल जैसे किसी ग्रह के पृथ्वी से टकराने के बाद चंद्रमा पृथ्वी से अलग हुआ होगा." उनको उम्मीद है कि चंद्रमा के बारे में जानकारी मिलने से इस बात का भी पता चल सकेगा कि पुराने समय में पृथ्वी कैसी हुआ करती थी. इसके अलावा स्मार्ट-1 चंद्रमा पर पानी और बर्फ़ का पता लगाएगा और उम्मीद है कि वह ऐसी जगहों की भी जानकारी एकत्रित करेगा जहाँ भविष्य में मानवरहित यानों को उतार कर और परिक्षण किए जा सकें. |
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