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चीन जल्दी ही चंद्र अभियान शुरू करेगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीनी अंतरिक्ष संस्था के प्रमुख ने कहा है कि उनका देश तीन साल के भीतर अपना चंद्र अभियान शुरू करेगा. उन्होंने कहा कि चीन अपना अंतरिक्ष स्टेशन भी बनाएगा. चीनी अंतरिक्ष एजेंसी चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख सुन लेइयन ने बीबीसी को बताया कि चीन 2007 से चंद्रमा के लिए अपना मिशन भेजने लगेगा. चीनी चंद्र अभियानों के बारे में विस्तार से बताते हुए लेइयन ने कहा, "पहले हम 2007 में एक मानवरहित यान वहाँ(चंद्रमा की कक्षा में) भेजने का प्रयास करेंगे. यह होगा पहला क़दम." उन्होंने कहा, "दूसरा क़दम होगा चाँद की सतह पर मानवरहित यान उतारना...तीसरा क़दम होगा चंद्रमा की सतह के नमूने धरती पर लाना. ये सारे मिशन मानवरहित होंगे." पश्चिमी विश्लेषकों का मानना है कि चीन के पास ऐसे रॉकेट हैं जिनके सहारे कोई यान चाँद तक भेजना और वापस लाना संभव है, लेकिन लैंडिंग के लिए उसे और शक्तिशाली बूस्टर की ज़रूरत होगी. कई अंतरिक्ष यात्री लेइयन ने कहा कि आगामी वर्षों में चीन और कई लोगों को अंतरिक्ष में पहुँचाएगा, जिनमें से कुछ महिलाएँ भी होंगी. उन्होंने कहा, "हमारे यहाँ कई बेहतरीन इंजीनियर महिलाएँ हैं. यदि उनमें से कुछ चुनी जाती हैं तो उन्हें अंतरिक्ष में भेजा जाएगा." उल्लेखनीय है कि पिछले साल अक्तूबर में चीन ने अपना पहला अंतरिक्ष यात्री धरती की कक्षा में भेजा था. रूस और अमरीका के बाद चीन मात्र तीसरा देश है जिसने अंतरिक्ष में मानव भेजा है. चीनी अंतरिक्ष स्टेशन की योजना के बारे में लेइयन ने कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के काम में योगदान को तैयार था लेकिन उसे बराबर की भागीदारी चाहिए थी. उन्होंने कहा, "चीन भले ही विकासशील देश हो, हम भीख नहीं माँगेगे." |
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