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फिर चाँद पर पड़ेंगे मानव क़दम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने घोषणा की है कि वह चाँद पर अपना अगला अभियान दल 2020 तक भेजेगा. नासा के प्रमुख माइकल ग्रिफ़िन ने कहा है कि चार अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को एक नए यान से चाँद पर भेजा जाएगा. उन्होंने बताया कि इस अभियान पर 100 अरब डॉलर का ख़र्च आएगा. सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में ग्रिफ़िन ने कहा, "हम वर्ष 2020 से पहले चाँद पर दोबारा ज़रूर जाएँगे, सौरमंडल के अंदर और बाहर भी हम इंसान की मौजूदगी को संभव बनाएँगे." नासा ने वर्ष 1969 से 1972 के बीच चाँद पर कई वैज्ञानिक दल भेजे. अब तक कुल 12 अंतरिक्ष वैज्ञानिक चाँद पर जा चुके हैं. नए अंतरिक्ष यान का नाम होगा क्रू एक्सप्लोरेशन व्हेकिल होगा और इसे वर्ष 2012 तक तैयार कर लिया जाएगा. अंतरिक्ष यान के विभिन्न हिस्सों को अंतरिक्ष में अलग-अलग भेजा जाएगा और बाद मे उन्हें जोड़कर चाँद पर उतारा जा सकेगा. इस अभियान के लिए उसी अंतरिक्ष यान टेक्नॉलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा दूसरे अभियानों में किया जाता है ताकि ख़र्च को नियंत्रण में रखा जा सके. ग्रिफ़िन ने कहा, "नया रॉकेट वैसा ही होगा जैसा अपोलो यान था, लेकिन इसकी टेक्नॉलॉजी बेहतर होगी, ऐसा समझ लीजिए कि यह एक बेहतर अपोलो होगा." वर्ष 2004 में अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने अपनी अंतरिक्ष योजनाओं का विवरण दिया था और उसके बाद नासा उनकी योजनाओं पर अमल करने में लगा हुआ है. यह योजना भी है कि चाँद पर से मंगल ग्रह के लिए अभियान चलाए जाएँ. अमरीका के अलावा चीन, भारत और मलेशिया जैसे देशों ने भी अगले कुछ वर्षों में चाँद पर वैज्ञानिक भेजने की बात कही है. |
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