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चीन का चंद्रयान रवाना हुआ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन का मानवरहित यान दक्षिण-पश्चिमी हिस्से से सफलतापूर्वक रवाना हो गया है. चाँद की परिक्रमा करने के लिए चीन का ये पहला अंतरिक्ष अभियान है. ये यान अंतरिक्ष में एक हफ़्ते की यात्रा के बाद चाँद के नज़दीक पहुँचेगा और वहाँ की तस्वीरें धरती पर भेजेगा. ये अभियान एक वर्ष तक चलेगा. इस चंद्रयान का नाम चीन की देवी चांग के नाम पर चांग-1 रखा गया है. चांग-1 चंद्रमा की कक्षा में एक साल तक रहेगा. यह चंद्रमा की सतह का अध्ययन करेगा. इससे प्राप्त जानकारी के आधार पर ही वहाँ अगले पाँच साल में चंद्रमा की सतह पर रोबोट भेजने की तैयारी की जाएगी. इसी महीने की शुरुआत में जापान ने चंद्रमा की कक्षा में अपना पहला यान सफ़लतापूर्वक भेजा था. भारत भी अगले साल अप्रैल में चाँद पर अपना यान भेजने की योजना बना रहा है. उपलब्धि चीन ने चार साल पहले अंतरिक्ष में अपना पहला यात्री भेजा था. रूस और अमरीका के बाद चीन मात्र तीसरा देश है जिसने अंतरिक्ष में मानव भेजा है. चीन की अंतरिक्ष में अपना स्टेशन स्थापित करने की भी योजना है. चीन का लक्ष्य चंद्रमा पर मानव भेजना है, लेकिन वह इस अभियान को चरणबद्ध तरीके से पूरा करना चाहता है. इसी योजना के पहले चरण में मानवरहित यान रवाना किया गया है. दूसरे चरण में वह चाँद पर मानवरहित यान उतारेगा और इसके बाद वहाँ आदमी भेजेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें चंद्रमा पर रोबोट के लिए प्रतियोगिता14 सितंबर, 2007 | विज्ञान चांद पर स्थायी ठिकाने की योजना05 दिसंबर, 2006 | विज्ञान 'स्मार्ट वन प्रोब' का चाँद अभियान ख़त्म03 सितंबर, 2006 | विज्ञान नासा ने दिया अरबों डॉलर का ठेका01 सितंबर, 2006 | विज्ञान चाँद बेचने वालों ने चीन में दुकान खोली23 अक्तूबर, 2005 | विज्ञान फिर चाँद पर पड़ेंगे मानव क़दम19 सितंबर, 2005 | विज्ञान भारतीय चंद्र अभियान में यूरोप भागीदार27 जून, 2005 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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