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'स्मार्ट वन प्रोब' का चाँद अभियान ख़त्म | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सब कुछ योजना के अनुसार ही हुआ और चाँद की सतह पर एक ज़ोरदार नियंत्रित विस्फोट के साथ यूरोपीय उपग्रह 'स्मार्ट वन प्रोब' का अभियान ख़त्म हो गया. यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने इसे एक रॉकेट के सहारे अंजाम तक पहुँचाया. उपग्रह ग्रीनिच मान समय के अनुसार पाँच बजकर 42 मिनट पर चंद्रमा के 'लेक ऑफ़ एक्सीलेंस' सतह से टकराया. स्मार्ट वन का प्रक्षेपण सितंबर 2003 में किया गया था. यह यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का चाँद के लिए पहला अभियान था. इसके अलावा यह यूरोप का पहला अंतरिक्ष अभियान था जिसमें आयन इंजन का प्रयोग किया गया. यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के इस अभियान के प्रोजेक्ट वैज्ञानिक प्रोफेसर बर्नार्ड फोइंग ने कहा, "योजना के अनुसार ही स्मार्ट वन चाँद की सतह पर उतरा." जानकारी स्मार्ट वन के मिशन मैनेजर गेर्हर्ड श्चवेम ने कहा, "अंत तक सब कुछ योजना के अनुसार ही हुआ. यह बहुत ही शानदार और काफ़ी सफल अभियान रहा. हमारे अंतरिक्ष यान ने ढेर सारी नई जानकारियाँ दीं." अभियान के दौरान पिछले 16 महीने में स्मार्ट वन ने चाँद की रासायनिक संरचना से संबंधित विस्तृत नक्शे भेजे हैं. इससे चाँद के जन्म की कहानी को समझने में मदद मिलेगी. वैज्ञानिक अब अभियान से मिले नतीजों का विश्लेषण कर रहे हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे यह पता चल सकेगा कि क्या चाँद कभी पृथ्वी का हिस्सा था और बाद में यह किसी विशाल खगोलीय पिंड से टकराने की वज़ह से अलग हो गया हो. स्मार्ट वन को भेजने के पीछे यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का मुख्य उद्देश्य सस्ती लेकिन उच्च कार्यक्षमता वाली प्रणोदन प्रणाली, जिसे आयन इंजन भी कहते हैं, का परीक्षण करना था. हालाँकि इस मामले में वांछित परिणाम नहीं मिले. विस्फोट से चाँद की सतह पर काफ़ी बड़ा गड्ढ़ा होने की उम्मीद जताई जा रही है जिससे 78 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में मलबा जमा हो सकता है. वैज्ञानिक विस्फोट के बाद चाँद की सतह पर जमा मिट्टी का भी विश्लेषण कर रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें नासा ने दिया अरबों डॉलर का ठेका01 सितंबर, 2006 | विज्ञान चाँद पर पाँव रखने की फ़िल्म गुम15 अगस्त, 2006 | विज्ञान चाँद बेचने वालों ने चीन में दुकान खोली23 अक्तूबर, 2005 | विज्ञान फिर चाँद पर पड़ेंगे मानव क़दम19 सितंबर, 2005 | विज्ञान अंतरिक्ष यात्री का फ़ैसला एसएमएस से14 सितंबर, 2005 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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