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अंतरिक्ष यात्री का फ़ैसला एसएमएस से | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मलेशिया का पहला अंतरिक्ष यात्री कौन हो, इसका फ़ैसला देश की जनता एसएमएस के ज़रिए करेगी. मलेशिया के विज्ञान और टेक्नॉलॉजी मंत्री जमालुद्दीन जारजिस चाहते हैं कि अंतरिक्ष अभियान में देश की जनता की राय को शामिल किया जाए. जारजिस कहते हैं कि अंतरिक्ष यात्रा के उम्मीदवारों की अंतिम सूची तैयार होने के बाद देश की जनता एसएमएस के ज़रिए बता सकेगी उसकी पहली पसंद कौन है. मलेशिया का अंतरिक्ष यात्री एक रूसी नेतृत्व वाले अभियान के साथ वर्ष 2007 में अंतरिक्ष में जाएगा. देश में टीवी चैनलों पर एसएमएस पोल की लोकप्रियता को देखते हुए सरकार ने इसे आज़माने का फ़ैसला किया है. इस समय कुल 11 हज़ार लोग ऐसे हैं जो अंतरिक्ष यात्रा के लिए अर्ज़ी दे चुके हैं, इनकी जाँच-पड़ताल के बाद एक अंतिम सूची बनाई जाएगी. सरकार का इरादा इस सूची को उम्मीदवारों के बारे में विस्तृत जानकारी के साथ इंटरनेट पर प्रकाशित करने का है ताकि लोग अपना मन बना सकें. इसके बाद जनता एसएमएस संदेश के ज़रिए वोट करेगी और अंतिम निर्णय लेते समय यह भी देखा जाएगा कि किस उम्मीदवार को कितने वोट मिले हैं. विज्ञान मंत्री ने स्पष्ट किया है कि फ़ैसला सिर्फ़ एसएमएस के आधार पर नहीं हो सकता क्योंकि कई अन्य पहलुओं का ध्यान रखा जाना भी ज़रूरी है लेकिन एसएमएस पोल के परिणामों को पूरा महत्व दिया जाएगा. जानकारों का यह भी कहना है कि अगर प्रतियोगिता उम्मीद के अनुसार अगर लोकप्रिय हो गई तो सरकार को मोटी कमाई भी हो सकती है क्योंकि वोट देने के लिए प्रीमियम दर पर टेक्स्ट मैसेज भेजना होगा. कुछ लोगों का कहना है कि दो वर्ष की अवधि तक चलने वाले इस एसएमएस पोल से संभव है कि अंतरिक्ष कार्यक्रम का ख़र्च ही निकल आए. मलेशिया की अंतरिक्ष एजेंसी ने पहले ही घोषणा की है कि वह अपने देश के लोकप्रिय पकवानों को अंतरिक्ष में भेजकर उनके स्वाद पर पड़ने वाले प्रभाव की जाँच करेगी. मलेशिया ने चाँद पर अपने वैज्ञानिक को भेजने की तैयारी भी कर रहा है. |
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