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अंतरिक्ष केंद्र के लिए डिस्कवरी रवाना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका का अंतरिक्ष शटल डिस्कवरी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र की ओर एक जापानी प्रयोगशाला और कुछ ज़रूरी सामान लेकर रवाना हो चुका है. शटल ने शनिवार को अपनी यात्रा शुरू की और बताया जा रहा है कि सोमवार तक शटल अंतरिक्ष केंद्र तक पहुंच जाएगा. क़रीब एक अरब डॉलर की क़ीमत की इस प्रयोगशाला का नाम है कीबो यानी आशा. डिस्कवरी की इस उड़ान की ख़ास बात ये है कि इसके अंतरिक्ष केंद्र पर पहुँचने के बाद जापान का अपना एक कमरा उस अंतरिक्ष केंद्र में होगा जिसमें वो अपने अध्ययन ख़ुद कर सकेगा. शनिवार को उड़ान भरते वक्त डिस्कवरी के तापमान को नियंत्रण में रखने वाले फ़ोम के कुछ टुकड़े गिर गए लेकिन अमरीकी वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे शटल को कोई नुक्सान नहीं पहुँचेगा. राहत भी इसके अलावा डिस्कवरी अंतरिक्ष केंद्र पर मौजूद यात्रियों के लिए एक पंप लेकर गया है ताकि अंतरिक्ष स्टेशन पर बने शौचालय में आई ख़राबी को ठीक किया जा सके. अंतरिक्ष केंद्र के शौचालय की मलत्याग इकाई ठीकठाक काम कर रही है लेकिन कई दिनों से मूत्र की इकाई में गड़बड़ी आ गई है. अमरीकी अंतरिक्ष संगठन राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रशासन (नासा) ने कहा कि उसे लगता है कि मल और मूत्र को अलग करने वाला पंप सही से काम नहीं कर रहा है. इसके कारण अंतरिक्ष केंद्र पर मौजूद पुरुष सदस्य उसे हाथ से चला रहे हैं. |
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